इस्तीफे की मांग के बीच ज्ञानेश कुमार की बढ़ीं मुश्किलें, केरल में खुली 20 साल पुरानी फाइल

CEC ज्ञानेश कुमार से जुड़े 2006 के पुराने विजिलेंस मामले की फाइल केरल गृह विभाग ने तलब की है। जानिए मलेशियाई इंजीनियर ली सी बीन की आत्महत्या और पूरे मामले की कहानी।

Alakha Singh
Published on: 1 Oct 2026 10:56 PM IST
इस्तीफे की मांग के बीच ज्ञानेश कुमार की बढ़ीं मुश्किलें, केरल में खुली 20 साल पुरानी फाइल
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Gyanesh Kumar Kerala File: मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को लेकर जारी राजनीतिक विवाद के बीच उनकी करीब दो दशक पुरानी केरल की एक फाइल फिर चर्चा में आ गई है। केरल के गृह विभाग ने 2006 में राज्य के लोक निर्माण विभाग (PWD) सचिव रहते ज्ञानेश कुमार से जुड़े एक पुराने विजिलेंस मामले की फाइलें तलब की हैं। यह घटनाक्रम ऐसे समय हुआ है जब विपक्षी दल और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर उनके इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।

मलेशियाई इंजीनियर की आत्महत्या के बाद शुरू हुई थी जांच

द न्यू इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, 2006 में मलेशियाई सिविल इंजीनियर ली सी बीन की आत्महत्या के बाद केरल के विजिलेंस एंड एंटी करप्शन ब्यूरो (VACB) ने शुरुआती जांच की थी। ली सी बीन PATI-BEL के चीफ प्रोजेक्ट मैनेजर थे। यह इंडो-मलेशियाई कंसोर्टियम केरल स्टेट ट्रांसपोर्ट प्रोजेक्ट के तहत एमसी रोड के अपग्रेडेशन से जुड़ा था।

ली ने कुआलालंपुर में आत्महत्या की थी। रिपोर्टों के मुताबिक, परियोजना से जुड़े बिलों के भुगतान में कथित देरी और सरकारी अधिकारियों के साथ विवाद इस पूरे मामले की पृष्ठभूमि में थे। उनकी आत्महत्या के बाद लिखे गए नोट में कथित तौर पर ज्ञानेश कुमार समेत कुछ अधिकारियों के नाम का उल्लेख था। नोट में परियोजना के क्रियान्वयन से जुड़े भ्रष्टाचार और प्रशासनिक परेशानियों के आरोप भी बताए गए थे।

उस समय PWD सचिव थे ज्ञानेश कुमार

2006 में ज्ञानेश कुमार केरल के PWD सचिव थे। घटना के बाद तत्कालीन एलडीएफ सरकार ने विजिलेंस जांच के आदेश दिए थे। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, यह जांच शुरुआती चरण से आगे नहीं बढ़ सकी। अधिकारियों ने इसके पीछे अधिकार क्षेत्र से जुड़े मुद्दों, जांच में रुचि की कमी और जरूरी दस्तावेजों के उपलब्ध नहीं होने जैसी वजहें बताई हैं।

रिपोर्टों में यह भी कहा गया है कि ज्ञानेश कुमार को 2006 के अंत से पहले PWD से हटा दिया गया था और बाद में वह केंद्र सरकार की प्रतिनियुक्ति पर चले गए। हालांकि, उपलब्ध रिपोर्टिंग में उनके खिलाफ इस मामले में किसी अंतिम न्यायिक दोषसिद्धि या निर्णायक जांच निष्कर्ष की जानकारी नहीं है।

अब फिर क्यों मंगाई गई पुरानी फाइल?

केरल गृह विभाग की ओर से पुरानी विजिलेंस जांच से संबंधित रिकॉर्ड मंगाए जाने का घटनाक्रम मौजूदा राजनीतिक विवाद के बीच सामने आया है। द न्यू इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार, सरकार यह देखना चाहती है कि उस समय की जांच की स्थिति क्या थी और उससे जुड़े रिकॉर्ड में क्या उपलब्ध है।

यह मामला इसलिए भी राजनीतिक रूप से अहम है क्योंकि जिस समय यह विवाद सामने आया था, तब राज्य में एलडीएफ की सरकार थी। आज सीपीएम समेत विपक्षी दल ज्ञानेश कुमार को लेकर चुनाव आयोग के फैसलों पर सवाल उठा रहे हैं। ऐसे में दो दशक पुराना मामला फिर सार्वजनिक बहस का हिस्सा बन गया है।

टीएम थॉमस इसाक ने भी उठाया था मामला

सीपीएम के वरिष्ठ नेता और पूर्व केरल वित्त मंत्री टीएम थॉमस इसाक ने सितंबर में सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए 2006 के इस प्रकरण को फिर उठाया था। उन्होंने कहा था कि ली बीन के आत्महत्या नोट में तत्कालीन PWD अधिकारियों पर भ्रष्टाचार, दबाव और उत्पीड़न से जुड़े आरोपों का उल्लेख था और ज्ञानेश कुमार का नाम भी सामने आया था। हालांकि, इसाक ने खुद स्वीकार किया था कि उन्होंने व्यक्तिगत रूप से आत्महत्या नोट नहीं पढ़ा था और उनके बयान उस समय की चर्चा एवं उपलब्ध जानकारी पर आधारित थे।

इस पूरे मामले में फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण तथ्य यही है कि 2006 में विजिलेंस जांच शुरू हुई थी, लेकिन उसका कोई निर्णायक नतीजा सामने नहीं आया। अब केरल गृह विभाग ने उससे जुड़ी पुरानी फाइलें दोबारा तलब की हैं।

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Alakha Singh is a Senior journalist with having more than one decade of experience in digital media. Alakha Singh has covered Loksabha Elections 2014 and 2019 closely with the several state assembly elections. He has expertise in SEO oriented content writing on various topics and issues. At HT Digital Alakha Singh has been recognised as one of the top performer of the team for many years continuously. At Livehindustan Alakha has worked on National, States and Utility beats (Career Beat in last 4 years mainly), Earlier he worked with HT Digital for more than 8 years and 2.5 years with Amar Ujala web. In initial days of his career Alakha Singh also worked as a reporter (stringer) with NBT Gurgaon. He pursued P.G. Diploma in Journalism from South Campus, University of Delhi in 2013 and MAMC from Kurukshetra University in 2014. He Belongs to District Banda of Uttar Pradesh.

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