ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग के बीच CJP को ही घेरने लगे युवा, शिवाजी पार्क में क्या हुआ?

CJP Counter Protest: मुंबई के शिवाजी पार्क में ज्ञानेश कुमार के खिलाफ CJP के प्रदर्शन के बीच अभिजीत दीपके और CJP के विरोध में भी युवा प्रदर्शन करने पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने संविधान के सम्मान की बात कही।

Aditya Kumar Verma
Published on: 2 Oct 2026 7:45 PM IST
Mumbai Shivaji Park Youth Protest Against CJP
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Image Source- Social Media

CJP Counter Protest: मुंबई के शिवाजी पार्क (Shivaji Park) में कॉकरोच जनता पार्टी (Cockroach Janta Party) के प्रदर्शन के बीच शुक्रवार को एक नया मोड़ देखने को मिला। जहां कॉकरोच जनता पार्टी यानी सीजेपी के कार्यकर्ता मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार (Gyanesh Kumar) के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे, वहीं इसी जगह पर अभिजीत दीपके (Abhijeet Dipke) और सीजेपी के खिलाफ भी लोगों का एक समूह प्रदर्शन करता दिखाई दिया। इस काउंटर-प्रोटेस्ट में खुद को ‘जेन नेक्स्ट मुंबई’ (Gen Next Mumbai) का सदस्य बताने वाले लोग शामिल थे। इसकी पुष्टि मौजूदा मीडिया रिपोर्टों में भी हुई है।

‘ड्रामेबाजी कर रहे हैं’

अभिजीत दीपके और सीजेपी के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे एक प्रदर्शनकारी ने कहा कि ये लोग ड्रामेबाजी कर रहे हैं। प्रदर्शनकारी ने खुद को मुंबई का युवा बताते हुए सीजेपी के प्रदर्शन पर सवाल उठाए।

प्रदर्शनकारियों का कहना था कि वे मुंबई के युवा हैं और संविधान (Constitution) के सम्मान और उसकी रक्षा में विश्वास रखते हैं। इसी वजह से वे बाबासाहेब आंबेडकर (Babasaheb Ambedkar) की मूर्ति के नीचे एकत्र हुए हैं।

‘संविधान खत्म करने की बात करते हैं’

सीजेपी के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे एक शख्स ने आरोप लगाया कि अभिजीत दीपके जैसे लोग संविधान को खत्म करने की बात करते हैं। प्रदर्शनकारी ने कहा कि वे बाबासाहेब आंबेडकर की मूर्ति के नीचे इसलिए जुटे हैं, क्योंकि उनके लिए संविधान का सम्मान और उसकी रक्षा अहम है।

उन्होंने अपने प्रदर्शन को शांतिपूर्ण बताया और कॉकरोच जनता पार्टी के व्यवहार पर आपत्ति जताई। उनका कहना था कि मुंबई के युवा संविधान की रक्षा करना और उसका सम्मान करना जानते हैं।

एक अन्य प्रदर्शनकारी ने कहा, “हम संविधान की रक्षा करना जानते हैं, संविधान का सम्मान करना जानते हैं। मुंबईकर कॉकरोच जनता पार्टी का व्यवहार नहीं सहेगा।”

CJP के प्रदर्शन के बीच काउंटर-प्रोटेस्ट

शिवाजी पार्क में एक तरफ सीजेपी का प्रदर्शन चल रहा था, तो दूसरी तरफ उसके विरोध में लोगों का समूह सामने आ गया। सीजेपी ने 2 अक्टूबर यानी गांधी जयंती के दिन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर यहां प्रदर्शन का ऐलान किया था। प्रदर्शन के मद्देनजर शिवाजी पार्क और आसपास के इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया था।

सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके इस प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे हैं। संगठन की ओर से कहा गया है कि आंदोलन का उद्देश्य ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर दबाव बनाना है।

ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर अड़ी CJP

सीजेपी के प्रदर्शन के दौरान संगठन के प्रवक्ता सौरभ दास (Saurav Das) ने भी मीडिया से बात की। उन्होंने कहा कि पिछली बार देश के युवा धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर सड़कों पर उतरे थे और इस बार भी ज्ञानेश कुमार के साथ ऐसा ही होने वाला है।

सीजेपी का कहना है कि ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे के बिना उसका प्रदर्शन खत्म नहीं होगा। संगठन ने पहले ही इस आंदोलन को आगे दूसरे शहरों तक ले जाने की बात कही थी।

इस बीच शिवाजी पार्क में सीजेपी के प्रदर्शन के खिलाफ सामने आया काउंटर-प्रोटेस्ट इस पूरे घटनाक्रम में नया मोड़ है। एक तरफ सीजेपी ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रही है, वहीं दूसरी तरफ खुद सीजेपी और अभिजीत दीपके के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए ‘जेन नेक्स्ट मुंबई’ से जुड़े लोगों ने अपने विरोध और संविधान के सम्मान की बात कही है।

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आदित्य कुमार वर्मा उत्तर प्रदेश के पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 8 वर्षों से अधिक का अनुभव प्राप्त है। उन्होंने भारतीय राजनीति, अपराध, स्वास्थ्य और मानवीय सरोकारों से जुड़ी खबरों की व्यापक रिपोर्टिंग की है। उनके पास मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (MJMC) की डिग्री है और वे रिपोर्टर, एंकर तथा सब-एडिटर जैसे महत्वपूर्ण पदों पर कार्य कर चुके हैं। साथ ही वो उत्तर प्रदेश की राजनीति, शासन-प्रशासन और नौकरशाही व्यवस्था की गहरी समझ रखते हैं। पत्रकारिता के अलावा उन्हें पुस्तकों का अध्ययन, लेखन, कविता-लेखन और पाठ और यात्राएं करना विशेष रूप से पसंद है। विभिन्न संस्कृतियों और समाजों को करीब से जानने-समझने की उनकी रुचि ने उनके दृष्टिकोण को व्यापक बनाया है, जिसका सकारात्मक प्रभाव उनकी लेखन शैली और रिपोर्टिंग में भी देखने को मिलता है।

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