भ्रष्टाचार के आरोप, 700 करोड़ के नुकसान का दावा; क्या है ज्ञानेश कुमार से जुड़ा ये मामला?

Gyanesh Kumar: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के केरल में PWD सचिव रहने के दौरान शुरू हुई सड़क परियोजना पर फिर सवाल। जानिए क्या है पूरा मामला?

Shalni Kumari
Published on: 29 Oct 2026 12:10 PM IST
Chief Election Commissioner Gyanesh Kumar
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Chief Election Commissioner Gyanesh Kumar 

Gyanesh Kumar: करीब दो दशक पहले केरल (Kerala) में शुरू हुई एक सड़क निर्माण परियोजना अब कथित भ्रष्टाचार (Alleged Corruption) और सरकारी खजाने को हुए भारी नुकसान के दावों के कारण चर्चा में है। मामला उस समय का है, जब मौजूदा मुख्य चुनाव आयुक्त (Chief Election Commissioner) ज्ञानेश कुमार (Gyanesh Kumar) केरल के लोक निर्माण विभाग (Public Works Department-PWD) में सचिव के पद पर तैनात थे। राज्य के लोक निर्माण विभाग मंत्री पीके बशीर (P.K. Basheer) ने विधानसभा (State Assembly) में बताया कि परियोजना से जुड़ी कथित अनियमितताओं की जांच के लिए प्रारंभिक जांच (Preliminary Inquiry) के आदेश दिए गए हैं। मंत्री के अनुसार, इस परियोजना में कथित गड़बड़ियों से सरकार को 700 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। हालांकि, सतर्कता जांच की रिपोर्ट अभी उपलब्ध नहीं है।

विधानसभा में उठा पुरानी परियोजना की जांच का मुद्दा

केरल विधानसभा में बृहस्पतिवार को प्रश्नकाल (Question Hour) के दौरान सड़क निर्माण परियोजना से जुड़ी सतर्कता जांच (Vigilance Investigation) की स्थिति पर सवाल पूछे गए। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायकों बीबी गोपकुमार, वी. मुरलीधरन और राजीव चंद्रशेखर ने सरकार से इस मामले में अब तक हुई कार्रवाई की जानकारी मांगी।

इसके जवाब में मंत्री पीके बशीर ने बताया कि सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (Vigilance and Anti-Corruption Bureau-VACB) की ओर से वर्ष 2006 में की गई जांच के दौरान कुछ विसंगतियां (Irregularities) सामने आई थीं। इन्हीं के आधार पर मामले की दोबारा प्रारंभिक जांच कराने का फैसला लिया गया। मंत्री ने स्पष्ट किया कि जांच अभी जारी है और रिपोर्ट मिलने के बाद ही मामले से जुड़ी स्थिति अधिक स्पष्ट हो सकेगी।

215 करोड़ रुपये की विश्व बैंक वित्तपोषित परियोजना

यह मामला केरल राज्य परिवहन परियोजना (Kerala State Transport Project-KSTP) से जुड़ा है। वर्ष 2006 में इसके तहत अंगमाली से तिरुवनंतपुरम तक एमसी रोड (MC Road) के पुनर्निर्माण (Road Reconstruction) का काम शुरू किया गया था। विश्व बैंक (World Bank) से वित्तपोषित इस परियोजना की लागत 215 करोड़ रुपये निर्धारित की गई थी।

निर्माण कार्य का ठेका मलेशिया की एक कंपनी और भागीरथ इंजीनियरिंग (Bhagirath Engineering) के संयुक्त उद्यम पीएटीआई-बेल (PATI-BEL) को दिया गया था। सड़क निर्माण का काम मलेशियाई कंपनी ने किया था। अब इस परियोजना में कथित अनियमितताओं और सरकारी खजाने को हुए नुकसान के दावों की जांच की जा रही है।

निर्माण कार्य को लेकर इंजीनियर ने उठाए थे सवाल

रिपोर्ट के मुताबिक, परियोजना के निर्माण के दौरान मलेशियाई कंपनी के प्रोजेक्ट इंजीनियर ली सी बीन (Lee Si Been) ने काम को लेकर कई शिकायतें की थीं। इसके बाद वह मलेशिया लौट गए, जहां उनकी आत्महत्या से मौत हो गई।

विधानसभा में मंत्री ने कहा कि परियोजना में कथित अनियमितताओं के कारण सरकार को 700 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। हालांकि, इस नुकसान की गणना, कथित भ्रष्टाचार और संबंधित अधिकारियों की भूमिका को लेकर जांच रिपोर्ट अभी सामने नहीं आई है। इसलिए फिलहाल इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।

ज्ञानेश कुमार के पीडब्ल्यूडी सचिव रहने के दौरान शुरू हुई थी परियोजना

यह मामला उस अवधि से संबंधित है, जब ज्ञानेश कुमार (Gyanesh Kumar) केरल के लोक निर्माण विभाग में सचिव (PWD Secretary) के पद पर कार्यरत थे। वह वर्तमान में भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC of India) हैं। इसी वजह से पुरानी सड़क परियोजना से जुड़ी जांच का मुद्दा चर्चा में आया है।

वर्ष 2006 की सतर्कता जांच में सामने आई कथित विसंगतियों के आधार पर अब दोबारा प्रारंभिक जांच की जा रही है। फिलहाल वीएसीबी की रिपोर्ट का इंतजार है। जांच पूरी होने और निष्कर्ष सामने आने के बाद ही कथित वित्तीय नुकसान, निर्माण कार्य में हुई अनियमितताओं और संबंधित अधिकारियों की भूमिका को लेकर स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।

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