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'कॉकरोचों, इकट्ठा हो जाओ'... ज्ञानेश कुमार के खिलाफ CJP का नया दांव, शुरू कर दिया ये अभियान
Gyanesh Kumar Resignation: ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी ने ऑनलाइन हस्ताक्षर अभियान शुरू किया है। याचिका में 48 घंटे में इस्तीफा, SIR पर रोक, जनवरी 2025 की वोटर लिस्ट और स्वतंत्र जांच आयोग की मांग की गई है।
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Gyanesh Kumar Resignation: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संयोजक अभिजीत दीपके ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर अब एक और कदम आगे बढ़ाया है। सीजेपी ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर ऑनलाइन याचिका पर हस्ताक्षर अभियान शुरू किया है। अभिजीत दीपके ने लोगों से इस हस्ताक्षर अभियान में शामिल होने की अपील की है। उन्होंने सीजेपी की पोस्ट को अपने ‘एक्स’ अकाउंट पर शेयर करते हुए लिखा, ‘कॉकरोचों, इकट्ठा हो जाओ।’
पारदर्शिता और निष्पक्षता की मांग
सीजेपी की ओर से शुरू की गई इस ऑनलाइन याचिका में चुनावी प्रक्रिया (Electoral Process) में पारदर्शिता (Transparency) और निष्पक्षता (Fairness) की मांग की गई है। पार्टी की ओर से लोगों से याचिका पर हस्ताक्षर करने की अपील की जा रही है। खबर लिखे जाने तक इस ऑनलाइन याचिका पर 10 हजार से ज्यादा हस्ताक्षर हो चुके थे।
याचिका के जरिए सीजेपी ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे से लेकर चुनावी प्रक्रिया से जुड़े कई मुद्दे उठाए हैं। इसमें एसआईआर (Special Intensive Revision) को रोकने, आगामी चुनावों पर रोक लगाने और जनवरी 2025 की मतदाता सूची (Voter List) को लागू करने की मांग भी शामिल है।
ज्ञानेश कुमार को 48 घंटे का अल्टीमेटम
ऑनलाइन याचिका में ज्ञानेश कुमार के 48 घंटे के भीतर इस्तीफा देने की मांग की गई है। इसके साथ ही उनके खिलाफ आपराधिक कार्रवाई (Criminal Action) शुरू करने की मांग भी की गई है। याचिका में आगामी चुनाव पर रोक लगाने और एसआईआर (SIR) प्रक्रिया को रोकने की मांग की गई है।
सीजेपी ने जनवरी 2025 की वोटर लिस्ट (Voter List) को लागू करने की मांग भी रखी है। इसके अलावा याचिका में एक स्वतंत्र जांच आयोग (Independent Inquiry Commission) बनाने की मांग की गई है। इस आयोग के जरिए यह पता लगाने की मांग की गई है कि एसआईआर से जुड़े फैसले किन परिस्थितियों में लिए गए।
चुनाव आयुक्तों के मतभेद वाली रिपोर्ट का भी जिक्र
इस ऑनलाइन याचिका में एक मीडिया रिपोर्ट का भी जिक्र किया गया है। इसमें चुनाव आयुक्तों (Election Commissioners) के बीच मतभेद का खुलासा किए जाने का दावा किया गया है।
याचिका में जिस रिपोर्ट का जिक्र है, उसके मुताबिक दो चुनाव आयुक्तों ने विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर (Special Intensive Revision) को लेकर पिछले 10 महीनों के दौरान करीब 14 बार औपचारिक तौर पर आपत्तियां दर्ज कराई थीं। इन आपत्तियों का संबंध वोटर रजिस्ट्रेशन (Voter Registration), मतदाताओं के नाम हटाने और वोटर लिस्ट डेटा मैनेजमेंट (Voter List Data Management) से जुड़े फैसलों से बताया गया है।
सीजेपी ने इसी रिपोर्ट को आधार बनाते हुए चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और फैसलों की स्वतंत्र जांच की मांग को अपनी ऑनलाइन याचिका में शामिल किया है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में भी मांगा था इस्तीफा
इससे पहले सीजेपी ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की थी। प्रेस कॉन्फ्रेंस में अभिजीत दीपके ने ज्ञानेश कुमार को 48 घंटे का समय दिया था। उन्होंने कहा था कि अगर इस समय के भीतर इस्तीफा नहीं दिया जाता है तो राष्ट्रव्यापी आंदोलन (Nationwide Protest) और ‘जंतर-मंतर 2.0’ के लिए तैयार रहने की चेतावनी दी थी।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अभिजीत दीपके ने ज्ञानेश कुमार को लेकर कई गंभीर आरोप भी लगाए थे। उन्होंने आरोप लगाया था कि ज्ञानेश कुमार के चुनाव आयुक्त बनने के बाद बीजेपी ने कई राज्यों में अपना वोट शेयर बढ़ाया है। दीपके ने आरोप लगाया कि ज्ञानेश कुमार बीजेपी के लिए काम करते हैं। उन्होंने यह भी कहा था कि ज्ञानेश कुमार को बीजेपी में शामिल हो जाना चाहिए।
विपक्ष से चुनाव में हिस्सा नहीं लेने की अपील
अभिजीत दीपके ने विपक्षी दलों से भी चुनावों में हिस्सा नहीं लेने की अपील की थी। उनका कहना था कि अगर विपक्षी राजनीतिक दलों को लगता है कि चुनावों में धांधली (Election Rigging) हो रही है तो उन्हें चुनावों में भाग नहीं लेना चाहिए।
दीपके ने कहा था कि ऐसा नहीं हो सकता कि राजनीतिक दल चुनाव भी लड़ें और फिर चुनाव में धांधली को लेकर सवाल भी खड़े करें। उन्होंने आरोप लगाया कि ज्ञानेश कुमार ‘भारतीय लोकतंत्र के लिए सबसे बड़ा खतरा’ हैं।
अभिजीत दीपके ने यह भी सवाल उठाया था कि ज्ञानेश कुमार हमारे मतदान के अधिकार (Right to Vote) को छीनने वाले कौन होते हैं। अब सीजेपी ने ऑनलाइन हस्ताक्षर अभियान के जरिए अपनी इन मांगों को आगे बढ़ाया है और लोगों से इस मुहिम से जुड़ने की अपील की है। खबर लिखे जाने तक याचिका पर 10 हजार से ज्यादा लोग हस्ताक्षर कर चुके थे।


