Halal Certification:: गोकुल डेयरी विवाद में उतरे मुस्लिम धर्मगुरु, बोले- हलाल सर्टिफिकेशन से बढ़ता है निर्यात

Halal Certification: हलाल सर्टिफिकेशन विवाद पर मौलाना इब्राहिम हुसैन और सिराज खान ने बहिष्कार अभियान का विरोध किया। उन्होंने इसे व्यापार, निर्यात और अर्थव्यवस्था से जुड़ा मुद्दा बताया।

Newstrack/IANS
Published on: 30 May 2026 6:11 PM IST (Updated on: 30 May 2026 6:12 PM IST)
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Halal Certification (Image Credit-Social Media)

Halal Certification: गोकुल डेयरी के हलाल सर्टिफिकेशन को लेकर चल रहे बहिष्कार अभियान पर मुस्लिम धर्मगुरुओं ने प्रतिक्रिया दी है। मौलाना इब्राहिम हुसैन और सिराज खान ने इसे धार्मिक नहीं, बल्कि व्यापार और निर्यात से जुड़ा मुद्दा बताते हुए विरोध की आलोचना की। गोकुल डेयरी प्रोडक्ट्स को मिले हलाल सर्टिफिकेशन को लेकर कुछ हिंदू संगठनों द्वारा चलाए जा रहे बहिष्कार अभियान पर मुस्लिम धर्मगुरुओं और संगठनों की ओर से तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है।

हलाल सर्टिफिकेशन पर मुस्लिम धर्मगुरुओं की प्रतिक्रिया

इस मुद्दे पर अपनी राय रखते हुए मौलाना इब्राहिम हुसैन ने कहा कि हलाल सर्टिफिकेशन का विरोध करना उचित नहीं है, क्योंकि यह केवल धार्मिक प्रक्रिया से जुड़ा विषय नहीं है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार और निर्यात से भी संबंधित है। उन्होंने कहा कि हलाल प्रमाणन की एक निर्धारित प्रक्रिया होती है और इसके माध्यम से उत्पादों को कई विदेशी बाजारों में मान्यता प्राप्त होती है, जिससे भारतीय कंपनियों को वैश्विक स्तर पर व्यापार करने में सुविधा मिलती है।

गोकुल डेयरी बहिष्कार की मांग पर सिराज खान की आलोचना

मौलाना इब्राहिम हुसैन ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में कहा कि हलाल सर्टिफिकेट के माध्यम से भारतीय उत्पादों को खाड़ी देशों सहित कई मुस्लिम बहुल देशों में स्वीकार्यता मिलती है। इससे भारत के निर्यात को बढ़ावा मिलता है और देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलती है। उन्होंने कहा कि यदि इस प्रकार के प्रमाणपत्रों का विरोध किया जाएगा तो इसका नकारात्मक असर व्यापार और आर्थिक गतिविधियों पर पड़ सकता है। साथ ही, उन्होंने कहा कि इस तरह के विरोध से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की छवि और सामाजिक सोच को लेकर भी सवाल खड़े हो सकते हैं।

वहीं, जमीयत उलेमा-ए-मुंबई के अध्यक्ष सिराज खान ने भी गोकुल डेयरी के बहिष्कार की मांग करने वाले संगठनों की आलोचना की। उन्होंने कहा कि यदि हलाल सर्टिफिकेशन पर आपत्ति है तो यह भी पूछा जाना चाहिए कि संबंधित कंपनी ने यह प्रमाणपत्र क्यों प्राप्त किया। उन्‍होंने कहा कि कई देशों में खाद्य और डेयरी उत्पादों के निर्यात के लिए हलाल प्रमाणन आवश्यक शर्त होती है। उन्होंने कहा कि भी खाड़ी देशों के साथ मजबूत संबंधों को बढ़ावा देते हैं और भारत का व्यापारिक हित ऐसे अंतरराष्ट्रीय मानकों से जुड़ा हुआ है।

धार्मिक विवाद नहीं, आर्थिक मुद्दों पर ध्यान देने की अपील

सिराज खान ने कहा कि मलेशिया, इंडोनेशिया और खाड़ी क्षेत्र के कई देशों में हलाल प्रमाणित उत्पादों की मांग अधिक होती है और वहां के उपभोक्ता इसी आधार पर उत्पादों का चयन करते हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि इस विषय को धार्मिक या सांप्रदायिक दृष्टिकोण से क्यों देखा जा रहा है, जबकि यह मुख्य रूप से व्यापार और बाजार की आवश्यकता से जुड़ा मामला है। उन्‍होंने कहा कि यदि कोई भारतीय कंपनी अपने उत्पादों को वैश्विक बाजार तक पहुंचाना चाहती है और इसके लिए हलाल प्रमाणन प्राप्त करती है, तो इसमें किसी को आपत्ति नहीं होनी चाहिए।

उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी कंपनी को हलाल सर्टिफिकेशन आसानी से नहीं मिल जाता बल्कि इसके लिए विस्तृत जांच-पड़ताल और निर्धारित मानकों को पूरा करना पड़ता है। सिराज खान ने कहा कि देश में कई महत्वपूर्ण आर्थिक और सामाजिक चुनौतियां मौजूद हैं, जिन पर अधिक ध्यान देने की आवश्यकता है। उन्होंने महंगाई, पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों और आम जनता की समस्याओं का उल्लेख करते हुए कहा कि संगठनों को धार्मिक विवादों के बजाय देश के विकास और आर्थिक प्रगति पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।

Shweta Srivastava

Shweta Srivastava

News Publisher Mail ID - aqua_shweta2000@yahoo.co.in

मैं श्वेता श्रीवास्तव 15 साल का मीडिया इंडस्ट्री में अनुभव रखतीं हूँ। मैंने अपने करियर की शुरुआत एक रिपोर्टर के तौर पर की थी। पिछले 9 सालों से डिजिटल कंटेंट इंडस्ट्री में कार्यरत हूँ। इस दौरान मैंने मनोरंजन, टूरिज्म और लाइफस्टाइल डेस्क के लिए काम किया है। इसके पहले मैंने aajkikhabar.com और thenewbond.com के लिए भी काम किया है। साथ ही दूरदर्शन लखनऊ में बतौर एंकर भी काम किया है। मैंने लखनऊ यूनिवर्सिटी से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया एंड फिल्म प्रोडक्शन में मास्टर्स की डिग्री हासिल की है। न्यूज़ट्रैक में मैं लाइफस्टाइल और टूरिज्म सेक्शेन देख रहीं हूँ।

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