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गृह मंत्रालय का बड़ा एक्शन, ड्रग्स तस्करी में शामिल '16,000 विदेशियों' को डिपोर्ट करेगी सरकार
गृह मंत्रालय ने ड्रग्स तस्करी में शामिल 16,000 विदेशी नागरिकों को देश से बाहर निकालने का बड़ा फैसला लिया है। अमित शाह की मौजूदगी में 4,000 किलो नशीले पदार्थ नष्ट कर सरकार ने ‘ड्रग-फ्री इंडिया’ अभियान को और मजबूत बनाया।
Indian Government Deport 16000 foreigners: भारत में नशे की समस्या को खत्म करने के लिए सरकार ने एक बड़ा और कठोर कदम उठाया है। गृह मंत्रालय ने ड्रग्स की तस्करी में शामिल 16,000 विदेशी नागरिकों को देश से बाहर निकालने की तैयारी शुरू कर दी है। यह फैसला सिर्फ एक सरकारी आदेश नहीं, बल्कि ‘जीरो टॉलरेंस’ की उस नीति का प्रतिबिंब है, जिसे सरकार नशे के खिलाफ लागू कर रही है। वहीं, गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में देश भर में 4,000 किलो से अधिक नशीले पदार्थों को नष्ट करके इस अभियान को और भी मजबूत किया गया है।
16,000 विदेशी ड्रग तस्करों का 'शॉपिंग लिस्ट'
नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) की एक रिपोर्ट ने इस बड़े कदम का रास्ता खोला। इस रिपोर्ट में उन 16,000 विदेशी नागरिकों का उल्लेख है जो ड्रग्स की तस्करी और वितरण जैसे गंभीर अपराधों में शामिल हैं। ये सभी विदेशी नागरिक देश के विभिन्न राज्यों में हिरासत में हैं और उनकी सूची गृह मंत्रालय को सौंप दी गई है। सरकार का मानना है कि नए इमिग्रेशन कानून इस प्रक्रिया को तेज और प्रभावी बनाएंगे। यह फैसला दिखाता है कि भारत अब किसी भी कीमत पर अपनी जमीन से नशे के कारोबार को खत्म करना चाहता है।
'ड्रग-फ्री इंडिया' की दिशा में 'संयुक्त' संकल्प
गृह मंत्री अमित शाह ने एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) के दूसरे राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ‘ड्रग-फ्री इंडिया’ का सपना हमारी प्राथमिकता है। इस सम्मेलन में देश के 36 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के प्रमुखों ने हिस्सा लिया। इसका थीम था ‘यूनाइटेड रिजॉल्व, शेयर्ड रिस्पॉन्सिबिलिटी’, जिसका सीधा अर्थ है कि नशे के खिलाफ लड़ाई में सभी को मिलकर काम करना होगा।
1 लाख किलो ड्रग्स नष्ट करने का 'महा-अभियान'
सम्मेलन के दौरान, अमित शाह की उपस्थिति में देश भर में 4,000 किलो से अधिक नशीले पदार्थों को नष्ट किया गया। यह NCB और राज्य पुलिस की संयुक्त कार्रवाई का नतीजा था। यह कार्रवाई न सिर्फ प्रतीकात्मक है, बल्कि यह भी दिखाती है कि सरकार का इरादा कितना मजबूत है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, अगले 15 दिनों में पूरे देश में 1 लाख किलो ड्रग्स नष्ट करने का लक्ष्य है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 4,000 करोड़ रुपये आंकी गई है। यह ‘ड्रग डिस्पोजल फोर्टनाइट’ अभियान का हिस्सा है, जो जून 2022 से चल रहा है। इस अभियान के तहत अब तक 6 लाख किलो से अधिक ड्रग्स नष्ट की जा चुकी हैं, जो 2014 से पहले की तुलना में लगभग 30 गुना अधिक है। यह दिखाता है कि सरकार नशे के कारोबार को खत्म करने के लिए कितनी गंभीर है।


