IAS Tukaram Mundhe के काम से महाराष्ट्र सरकार खुश, MPSC पेपर लीक की जांच में दी बड़ी जिम्मेदारी

IAS Tukaram Mundhe को महाराष्ट्र में MPSC पेपर लीक और कथित अनियमितताओं की जांच के लिए गठित समिति में शामिल किया गया। 10 दिन बाद छात्रों का आंदोलन खत्म, अध्यक्ष विवेक भीमनवार छुट्टी पर गए।

Alakha Singh
Published on: 12 Oct 2026 7:58 AM IST
IAS Tukaram Mundhe के काम से महाराष्ट्र सरकार खुश, MPSC पेपर लीक की जांच में दी बड़ी जिम्मेदारी
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MPSC Paper Leak Case: महाराष्ट्र में MPSC अभ्यर्थियों के 10 दिन तक चले आंदोलन के बाद राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। भर्ती आयोग में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के आरोपों की जांच के लिए वरिष्ठ IAS अधिकारी तुकाराम मुंढे को अहम जिम्मेदारी सौंपी गई है। सरकार ने जांच के लिए एक समिति गठित की है, जिसकी अध्यक्षता पूर्व न्यायाधीश दिलीप भोसले करेंगे। वहीं, महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (MPSC) के अध्यक्ष विवेक भीमनवार ने जांच पूरी होने तक छुट्टी पर जाने का ऐलान किया है।

10 दिन बाद खत्म हुआ अभ्यर्थियों का आंदोलन

पुणे में एसएम जोशी ब्रिज पर पिछले 10 दिनों से प्रदर्शन कर रहे MPSC अभ्यर्थियों ने रविवार देर रात फिलहाल अपना आंदोलन समाप्त कर दिया। मंत्री शिवेंद्र राजे भोसले के नेतृत्व में सरकार के प्रतिनिधिमंडल ने प्रदर्शनकारी छात्रों से मुलाकात की और उनकी कई मांगें स्वीकार किए जाने की जानकारी दी।

हालांकि, छात्रों की प्रमुख मांग MPSC अध्यक्ष विवेक भीमनवार को पद से हटाने की थी। इस मुद्दे पर प्रदर्शनकारियों के बीच मतभेद भी सामने आए। NCP (SP) विधायक रोहित पवार ने सुझाव दिया कि जब तक इस्तीफे की प्रक्रिया पूरी नहीं होती, तब तक भीमनवार को जांच पूरी होने तक अध्यक्ष पद से दूर रखा जाए।

इसके बाद मंत्री शिवेंद्र राजे भोसले ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से बातचीत की। करीब 15 मिनट बाद लौटे मंत्री ने प्रदर्शनकारियों को बताया कि सरकार उनकी इस मांग पर सहमत हो गई है। इसके बाद अभ्यर्थियों ने फिलहाल आंदोलन समाप्त करने का फैसला लिया।

जांच समिति में कौन-कौन शामिल?

MPSC भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के आरोपों की जांच के लिए गठित समिति में पांच सदस्य शामिल हैं।

दिलीप भोसले: पूर्व न्यायाधीश और समिति के अध्यक्ष

तुकाराम मुंढे: वरिष्ठ IAS अधिकारी और FDA आयुक्त

लक्ष्मी गौतम: IPS अधिकारी

गणेश पाटिल: पूर्व IAS अधिकारी

पी. डी. नाइक: सेवानिवृत्त न्यायाधीश

रोहित पवार ने जांच समिति में तुकाराम मुंढे को शामिल किए जाने का स्वागत किया। उन्होंने उम्मीद जताई कि समिति को स्वतंत्र रूप से काम करने का अवसर मिलेगा, ताकि भर्ती प्रक्रिया से जुड़ी शिकायतों की निष्पक्ष जांच हो सके।

MPSC अध्यक्ष विवेक भीमनवार छुट्टी पर गए

महाराष्ट्र सरकार की ओर से न्यायिक जांच की घोषणा के बाद MPSC अध्यक्ष विवेक भीमनवार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर छुट्टी पर जाने की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि उन्होंने अपने पूरे जीवन में नैतिकता को प्राथमिकता दी है और जांच पूरी होने तक पद पर बने रहने के बजाय छुट्टी पर जाने का फैसला किया है।

हालांकि, प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों की प्रमुख मांग उन्हें अध्यक्ष पद से हटाने की थी। ऐसे में जांच के दौरान उनकी भूमिका और आयोग में प्रस्तावित सुधारों पर आगे भी नजर बनी रहेगी।

छात्रों की अन्य मांगों पर भी सरकार का आश्वासन

आंदोलन के दौरान अभ्यर्थियों ने भर्ती आयोग में व्यापक सुधारों की मांग उठाई थी। सरकार ने उनकी कई अन्य मांगों पर भी विचार करने का आश्वासन दिया है। इनमें आंदोलन से जुड़े कुछ प्रतिनिधियों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेना, तीन साल में 70 हजार पदों पर भर्ती करना और जनवरी में प्रस्तावित ग्रुप-C परीक्षा में सीटों की संख्या बढ़ाना शामिल है।

इसके अलावा, MPSC अध्यक्ष और सचिव की नियुक्ति से पहले उनकी पृष्ठभूमि की जांच करने की मांग भी उठाई गई है। प्रदर्शनकारी छात्रों ने आयोग की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता लाने के लिए सुधारों का एक प्रस्तावित मसौदा भी पेश किया है।

25 लाख अभ्यर्थियों पर असर का दावा

NCP (SP) विधायक रोहित पवार ने दावा किया कि इस विवाद से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से करीब 25 लाख छात्र प्रभावित हुए हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से अभ्यर्थियों की समस्याओं को प्राथमिकता देने की अपील की।

इससे पहले पुणे पुलिस ने बिना अनुमति प्रदर्शन आयोजित करने, यातायात बाधित करने और निषेधाज्ञा के उल्लंघन के आरोप में आंदोलन के 15 प्रतिनिधियों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। प्रदर्शन स्थल पर कथित तौर पर ड्रोन उड़ाने के मामले में भी पांच लोगों पर केस दर्ज किया गया।

मामले में अपने खिलाफ भी एफआईआर दर्ज करने की मांग करते हुए रोहित पवार विश्रामबाग पुलिस स्टेशन पहुंचे थे। पुलिस ने उन्हें बताया कि जांच के बाद इस संबंध में फैसला लिया जाएगा।

फिलहाल, तुकाराम मुंढे की अगुवाई वाली जांच प्रक्रिया और सरकार की ओर से किए गए आश्वासनों पर अभ्यर्थियों की नजर रहेगी। आंदोलन खत्म होने के बावजूद MPSC में पारदर्शिता, पेपर लीक के आरोपों की जांच और भर्ती सुधारों को लेकर उठे सवालों का समाधान होना बाकी है।

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Alakha Singh is a Senior journalist with having more than one decade of experience in digital media. Alakha Singh has covered Loksabha Elections 2014 and 2019 closely with the several state assembly elections. He has expertise in SEO oriented content writing on various topics and issues. At HT Digital Alakha Singh has been recognised as one of the top performer of the team for many years continuously. At Livehindustan Alakha has worked on National, States and Utility beats (Career Beat in last 4 years mainly), Earlier he worked with HT Digital for more than 8 years and 2.5 years with Amar Ujala web. In initial days of his career Alakha Singh also worked as a reporter (stringer) with NBT Gurgaon. He pursued P.G. Diploma in Journalism from South Campus, University of Delhi in 2013 and MAMC from Kurukshetra University in 2014. He Belongs to District Banda of Uttar Pradesh.

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