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OCI कार्ड होने के बावजूद इमरान खान पर कार्रवाई क्यों? जानिए भारत छोड़ने के नोटिस की पूरी कहानी
Imran Khan Leave India Notice: CJP प्रदर्शन में शामिल होने के बाद अभिनेता इमरान खान को 28 अक्टूबर तक भारत छोड़ने का नोटिस दिए जाने की खबर है। जानिए OCI कार्डधारकों से जुड़े नियम और कानून क्या कहते हैं।
Imran Khan
Imran Khan Leave India Notice: मुंबई में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर हुए प्रदर्शन में शामिल होना बॉलीवुड अभिनेता इमरान खान के लिए कानूनी मुश्किलों की वजह बन गया है। 10 अक्टूबर 2026 को अगस्त क्रांति मैदान में सिटिजन्स फॉर जस्टिस एंड पीस (CJP) के प्रदर्शन में शामिल होने के बाद अभिनेता को हिरासत में लिए जाने, उनके खिलाफ FIR दर्ज होने और 28 अक्टूबर तक भारत छोड़ने का नोटिस दिए जाने की खबरें सामने आई हैं। बताया जा रहा है कि इमरान खान अमेरिकी नागरिक हैं और उनके पास ओवरसीज सिटिजन ऑफ इंडिया (OCI) कार्ड है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या OCI कार्डधारक किसी राजनीतिक प्रदर्शन में शामिल नहीं हो सकते और क्या ऐसा करने पर उन्हें भारत छोड़ने का आदेश दिया जा सकता है?
OCI कार्डधारक के लिए राजनीतिक प्रदर्शन में शामिल होने के क्या हैं नियम?
भारत के संविधान के अनुच्छेद 19(1)(a) के तहत भारतीय नागरिकों को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता (Freedom of Speech) का अधिकार मिलता है। वहीं, अनुच्छेद 19(1)(b) शांतिपूर्वक और बिना हथियार एकत्र होने का अधिकार देता है। ये मौलिक अधिकार भारतीय नागरिकों के लिए हैं। विदेशी नागरिकों को अनुच्छेद 19 के तहत यही नागरिक-विशिष्ट अधिकार हासिल नहीं हैं, हालांकि संविधान का अनुच्छेद 14 समानता और अनुच्छेद 21 जीवन एवं व्यक्तिगत स्वतंत्रता का संरक्षण देता है।
ओवरसीज सिटिजन ऑफ इंडिया (OCI) कार्ड भारतीय नागरिकता नहीं है। यह भारतीय मूल के पात्र विदेशी नागरिकों को मिलने वाला एक विशेष दर्जा है, जिसके तहत उन्हें कुछ सुविधाएं मिलती हैं। OCI कार्डधारकों पर भारत में रहते हुए लागू नियमों का पालन करना जरूरी है। कुछ गतिविधियों के लिए उन्हें केंद्र सरकार की पूर्व अनुमति भी लेनी पड़ सकती है। हालांकि, केवल विदेशी नागरिक होने या किसी शांतिपूर्ण प्रदर्शन में शामिल होने के आधार पर हर मामले को स्वतः आपराधिक अपराध नहीं माना जा सकता। इसके लिए संबंधित कानून, गतिविधि की प्रकृति और लागू नियमों को देखना जरूरी होता है।
क्या BNS के तहत दिया जा सकता है भारत छोड़ने का आदेश?
इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (Bharatiya Nyaya Sanhita-BNS), 2023 और भारत छोड़ने के नोटिस के बीच अंतर समझना जरूरी है। BNS में अपराधों और उनके लिए निर्धारित दंड से जुड़े प्रावधान हैं। वहीं, किसी विदेशी नागरिक के भारत में प्रवेश, ठहरने या उसे देश छोड़ने का निर्देश देने से संबंधित कार्रवाई विदेशी नागरिकों और आव्रजन से जुड़े कानूनों के तहत की जा सकती है।
इसलिए इमरान खान के खिलाफ दर्ज FIR और उन्हें भारत छोड़ने के लिए दिए गए कथित नोटिस को अलग-अलग कानूनी प्रक्रियाओं के तौर पर देखना चाहिए।
Foreigners Act और OCI कार्ड रद्द करने के प्रावधान
विदेशी नागरिकों के भारत में प्रवेश और उनके ठहरने से जुड़े मामलों में विदेशी नागरिक अधिनियम, 1946 (Foreigners Act, 1946) के प्रावधान प्रासंगिक हो सकते हैं। इस कानून की धारा 3 केंद्र सरकार को विदेशी नागरिकों के प्रवेश, मौजूदगी और भारत में ठहरने से संबंधित आदेश जारी करने की शक्तियां देती है। किसी विशेष मामले में इन शक्तियों का इस्तेमाल किन परिस्थितियों में किया गया, यह संबंधित आदेश और तथ्यों पर निर्भर करेगा।
इसके अलावा, नागरिकता अधिनियम, 1955 (Citizenship Act, 1955) की धारा 7D में कुछ निर्धारित परिस्थितियों में OCI पंजीकरण रद्द करने का प्रावधान है। इसमें पंजीकरण धोखाधड़ी से हासिल करने, निर्धारित कानूनी शर्तों के उल्लंघन और कानून में बताए गए अन्य आधार शामिल हो सकते हैं। हालांकि, OCI दर्जा रद्द करने और किसी व्यक्ति को भारत छोड़ने का निर्देश देने की प्रक्रिया एक जैसी नहीं है।
क्या प्रदर्शन में शामिल होना OCI कार्ड रद्द होने की वजह बन सकता है?
इमरान खान के मामले में सबसे अहम सवाल यही है कि क्या CJP प्रदर्शन में उनकी भागीदारी OCI दर्जे या भारत में उनके प्रवास पर कार्रवाई का आधार बनी है। केवल प्रदर्शन में शामिल होने को संविधान या सरकार के प्रति असंतोष का ऐसा प्रमाण मान लेना, जिससे अपने आप OCI कार्ड रद्द हो जाए या भारत छोड़ने का आदेश जारी हो जाए, कानूनी रूप से सही निष्कर्ष नहीं होगा। इसके लिए लागू नियमों के तहत निर्धारित आधार और संबंधित अधिकारियों के आदेश को देखना जरूरी है।


