रूस-यूक्रेन के बीच होने वाला महायुद्ध! भारतीयों के लिए सरकार की एडवाइजरी, सेना में भर्ती को लेकर चेतावनी

भारत सरकार ने रूस जाने वाले नागरिकों को रूसी सेना में शामिल होने से बचने और नौकरी के ऑफर स्वीकार करने से पहले पूरी जांच करने की सलाह दी है।

Sachin Singh
Published on: 30 Sept 2026 9:13 PM IST (Updated on: 30 Sept 2026 9:47 PM IST)
रूस-यूक्रेन के बीच होने वाला महायुद्ध! भारतीयों के लिए सरकार की एडवाइजरी, सेना में भर्ती को लेकर चेतावनी
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India Advisory Russia: रूस जाने वाले भारतीय नागरिकों के लिए भारत सरकार ने एक अहम एडवाइजरी जारी की है। सरकार ने भारतीयों से रूस की सेना में शामिल होने से साफ तौर पर बचने की अपील की है। इसके साथ ही रूस में नौकरी के ऑफर स्वीकार करने से पहले पूरी तरह जांच-पड़ताल करने की सलाह दी गई है। यह एडवाइजरी ऐसे समय में सामने आई है जब यूक्रेन युद्ध के बीच भारतीय नागरिकों को रूसी सेना में भर्ती किए जाने की लगातार खबरें आती रही हैं।

भारत सरकार के मुताबिक, अब तक 227 भारतीय नागरिक रूसी सशस्त्र बलों में भर्ती किए गए हैं। इनमें से सितंबर 2026 तक 51 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 139 लोगों को रूसी सेना से छुट्टी दिलाकर भारत वापस लाया जा चुका है। करीब दो दर्जन भारतीय अभी भी रूसी सेना में सेवा दे रहे हैं। भारत सरकार इन लोगों की रिहाई के लिए रूस के साथ लगातार राजनयिक स्तर पर बातचीत कर रही है।

रूसी सेना में भर्ती होने से बचने की सलाह

भारत सरकार ने कहा है कि रूस में भारतीय नागरिकों की रूसी सशस्त्र बलों में भर्ती किए जाने की रिपोर्ट अभी भी सामने आ रही हैं। इसी वजह से भारतीय नागरिकों को ऐसी किसी भी गतिविधि से दूर रहने की सलाह दी गई है।

विदेश मंत्रालय यानी MEA पहले भी कई बार चेतावनी दे चुका है कि रूस में ऐसे नौकरी के ऑफर खतरे से भरे हो सकते हैं। मंत्रालय ने रूस के सामने भी यह मुद्दा उठाया है और रूसी सेना में शामिल भारतीयों को जल्द से जल्द रिहा करने की मांग की है।

भारत ने खास तौर पर उन भारतीयों की रिहाई का मुद्दा उठाया है जो सेना में लड़ाकू भूमिका के बजाय कुक और हेल्पर जैसे सपोर्ट स्टाफ के तौर पर काम कर रहे हैं।

कैसे हुई भारतीयों की कथित भर्ती?

रिपोर्टों और संसद में दिए गए बयानों के मुताबिक, भारतीयों की कथित भर्ती का एक जैसा पैटर्न 2023 के आखिर से सामने आया। बताया गया कि 100 से ज्यादा भारतीय, जिनमें पंजाब, हरियाणा और उत्तर भारत के दूसरे राज्यों के लोग भी शामिल थे, स्टूडेंट या विजिटर वीजा पर रूस गए थे। उन्हें निर्माण कार्य या दूसरी सामान्य नौकरियों का ऑफर दिया गया था।

आरोप है कि रूस पहुंचने के बाद कई लोगों को रूसी रक्षा मंत्रालय के साथ सैन्य अनुबंध पर हस्ताक्षर करने के लिए मजबूर किया गया। कुछ मामलों में उम्मीदवारों को अनुबंध की शर्तों की सही जानकारी या उसका उचित अनुवाद नहीं दिया गया।

रिपोर्टों के मुताबिक, एजेंटों ने उम्मीदवारों को अच्छी सैलरी वाली गैर-सैन्य नौकरियों का लालच दिया था। लेकिन रूस पहुंचने के बाद कुछ लोगों पर सैन्य अनुबंध साइन करने का दबाव बनाया गया या उन्हें कथित तौर पर गुमराह किया गया।

इसके बाद कुछ भारतीयों को यूक्रेन के पूर्वी हिस्से में युद्ध के मोर्चे पर भी तैनात किया गया। इनमें डोनेट्स्क के आसपास के इलाके भी शामिल बताए गए हैं। यह उन लोगों की उम्मीद के उलट था, जिन्हें सपोर्ट रोल में काम करने की बात कही गई थी।

227 भारतीय रूसी सेना में भर्ती, 51 की मौत

विदेश मंत्रालय के अलग-अलग बयानों से पता चलता है कि समय के साथ रूसी सेना में मौजूद भारतीयों की संख्या बदलती रही है। सितंबर 2025 में MEA ने बताया था कि 127 भारतीय रूसी सेना में शामिल हुए थे। इनमें 27 अभी भी सेवा में थे, जबकि 98 लोगों को भारतीय हस्तक्षेप के बाद सेना से छुट्टी दिलाकर वापस लाया गया था। नवंबर 2025 तक रूसी सेना में सेवा दे रहे भारतीयों की संख्या 44 बताई गई। इसी दौरान मॉस्को की ओर से दावा किया गया था कि भारत से लोगों की भर्ती रोक दी गई है।

जुलाई 2026 में MEA ने बताया कि रूसी सेना में 24 भारतीय अभी भी मौजूद हैं और 139 भारतीयों को वापस भारत लाया जा चुका है। इसके बाद अगस्त और सितंबर 2026 के दौरान विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने बताया कि कुल 227 भारतीयों की रूसी सेना में भर्ती हुई थी। इनमें 51 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 139 को छुट्टी दिलाकर भारत वापस लाया गया है। बाकी लोगों की रिहाई के लिए प्रयास जारी हैं।

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Sachin Singh is a media professional with 4 years of experience in the field of journalism and digital media. After completing his education at Jamia Millia Islamia Central University, he has worked with reputed media organizations such as Editor ji, ABP News and Doordarshan. Currently, Sachin Singh is working as a Content Writer with News Track, where he contributes to fast-paced digital news coverage and content creation. His areas of interest include politics, national and international affairs, and food. With experience across different formats of journalism, he focuses on producing informative, accurate, and engaging content for digital audiences.

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