INDIA Alliance का Election Commission पर बड़ा हमला, CJI को भेजा पत्र, SIR प्रक्रिया पर उठाए सवाल

INDIA Alliance CJI Letter: इंडिया गठबंधन के 23 दलों और एक निर्दलीय सांसद ने निर्वाचन आयोग की SIR प्रक्रिया और चुनावी पारदर्शिता को लेकर प्रधान न्यायाधीश को संयुक्त पत्र भेजा है। विपक्ष ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं।

Aditya Kumar Verma
Published on: 30 Jun 2026 12:15 PM IST
INDIA Alliance CJI Letter
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INDIA Alliance CJI Letter: कांग्रेस (Congress) महासचिव जयराम रमेश (Jairam Ramesh) ने मंगलवार को कहा है कि विपक्षी गठबंधन इंडिया (INDIA Alliance) के 23 घटक दलों और एक निर्दलीय सदस्य ने निर्वाचन आयोग (Election Commission) की विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया (Special Intensive Revision-SIR) और चुनाव से जुड़े अन्य मुद्दों को लेकर भारत के प्रधान न्यायाधीश (Chief Justice of India) न्यायमूर्ति सूर्यकांत (Justice Surya Kant) को एक साझा पत्र भेजा है। इस कदम को विपक्ष की ओर से चुनावी प्रक्रिया और निर्वाचन आयोग के कामकाज को लेकर बढ़ते असंतोष के रूप में देखा जा रहा है।

आठ जून की बैठक में लिया गया था फैसला

रिपोर्ट्स के मुताबिक, इंडिया गठबंधन के घटक दलों ने आठ जून 2026 को आयोजित बैठक में प्रधान न्यायाधीश को पत्र भेजने का फैसला किया था। फिलहाल इस पत्र की पूरी सामग्री सार्वजनिक नहीं की गई है, लेकिन विपक्षी नेताओं का कहना है कि इसमें निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर सवाल उठाए गए हैं।

विपक्ष के एक वरिष्ठ नेता के मुताबिक, पत्र में चुनाव परिणामों के साथ कथित छेड़छाड़ के मुद्दे का भी जिक्र किया गया है। उनका दावा है कि इससे विभिन्न विपक्षी दल प्रभावित हुए हैं। पत्र में अलग-अलग राज्यों के उदाहरणों का भी उल्लेख किया गया है।

जयराम रमेश ने दी जानकारी

यहां जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर पोस्ट कर कहा कि आठ जून 2026 को आयोजित इंडिया जनबंधन (INDIA Janbandhan) की बैठक में 21 राजनीतिक दलों और एक निर्दलीय सदस्य ने भाग लिया था।

उन्होंने बताया कि बैठक में निर्वाचन आयोग की एसआईआर प्रक्रिया और चुनाव से जुड़े अन्य मुद्दों को लेकर भारत के प्रधान न्यायाधीश को संयुक्त पत्र भेजने का निर्णय लिया गया था। इसके बाद अब 23 राजनीतिक दलों और एक निर्दलीय सदस्य के हस्ताक्षर वाला यह संयुक्त पत्र मंगलवार को भेज दिया गया है।

कांग्रेस महासचिव ने कहा कि विपक्षी दल 'श्योर' (SHORE) यानी सॉलिडैरिटी, यूनिटी एंड रेजीलिएंस (Solidarity, Unity and Resilience) के सिद्धांतों पर मजबूती से कायम हैं।

इन नेताओं ने किए हस्ताक्षर

इस संयुक्त पत्र पर कई प्रमुख विपक्षी नेताओं ने हस्ताक्षर किए हैं। हस्ताक्षर करने वालों में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे (Mallikarjun Kharge), लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi), तृणमूल कांग्रेस (TMC) प्रमुख ममता बनर्जी (Mamata Banerjee), राष्ट्रीय जनता दल (RJD) नेता तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) और शिवसेना यूबीटी (Shiv Sena UBT) के राज्यसभा सांसद संजय राउत (Sanjay Raut) शामिल हैं।

दिल्ली में शुरू हुई SIR प्रक्रिया

इसी बीच मंगलवार से दिल्ली (Delhi) में विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया (SIR) की शुरुआत भी हो गई है। यह प्रक्रिया 29 जुलाई तक चलेगी। इस दौरान अधिकारी घर-घर जाकर लोगों को जानकारी भरने के लिए पत्र देंगे और उसे वापस लेने की प्रक्रिया भी पूरी करेंगे।

निर्वाचन आयोग ने 14 मई को इस अभियान की घोषणा की थी। इसका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना बताया गया है कि कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची (Voter List) से बाहर न रहे और कोई अपात्र व्यक्ति मतदाता सूची में शामिल न हो।

कांग्रेस ने पारदर्शिता पर उठाए सवाल

दिल्ली प्रदेश कांग्रेस (Delhi Congress) ने सोमवार को दावा किया कि एसआईआर प्रक्रिया शुरू होने से कुछ दिन पहले निर्वाचन आयोग ने मतदान केंद्रों (Polling Booths) की संख्या बढ़ा दी है, जिससे पूरी प्रक्रिया की पारदर्शिता प्रभावित हुई है।

दिल्ली प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव (Devendra Yadav) ने आरोप लगाया कि विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में पुनरीक्षण अभियान शुरू होने से ठीक पहले मतदान केंद्रों की संख्या बढ़ाने का फैसला भाजपा (BJP) के इशारे पर लिया गया है।

उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग पिछले नौ-दस महीनों से एसआईआर प्रक्रिया पर काम कर रहा था, ऐसे में इसके शुरू होने से महज तीन-चार दिन पहले मतदान केंद्रों की संख्या बढ़ाने का फैसला क्यों लिया गया, यह एक बड़ा सवाल है।

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आदित्य कुमार वर्मा उत्तर प्रदेश के पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 8 वर्षों से अधिक का अनुभव प्राप्त है। उन्होंने भारतीय राजनीति, अपराध, स्वास्थ्य और मानवीय सरोकारों से जुड़ी खबरों की व्यापक रिपोर्टिंग की है। उनके पास मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (MJMC) की डिग्री है और वे रिपोर्टर, एंकर तथा सब-एडिटर जैसे महत्वपूर्ण पदों पर कार्य कर चुके हैं। साथ ही वो उत्तर प्रदेश की राजनीति, शासन-प्रशासन और नौकरशाही व्यवस्था की गहरी समझ रखते हैं। पत्रकारिता के अलावा उन्हें पुस्तकों का अध्ययन, लेखन, कविता-लेखन और पाठ और यात्राएं करना विशेष रूप से पसंद है। विभिन्न संस्कृतियों और समाजों को करीब से जानने-समझने की उनकी रुचि ने उनके दृष्टिकोण को व्यापक बनाया है, जिसका सकारात्मक प्रभाव उनकी लेखन शैली और रिपोर्टिंग में भी देखने को मिलता है।

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