TRENDING TAGS :
INDIA Bloc March : विपक्षी नेताओं का सुप्रीम कोर्ट मार्च शुरू, वोट चोरी पर बड़ा शक्ति प्रदर्शन
INDIA Bloc March: राहुल गांधी, अखिलेश यादव और तेजस्वी यादव समेत विपक्षी नेताओं का सुप्रीम कोर्ट की ओर मार्च। SIR, कथित वोट चोरी, CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग और बीजेपी के पलटवार की पूरी खबर।
नई दिल्ली। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्षी INDIA गठबंधन ने सोमवार को अपना विरोध तेज कर दिया। कथित ‘वोट चोरी’ और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, अखिलेश यादव के करीबी धर्मेन्द्र यादव और तेजस्वी यादव समेत कई विपक्षी नेता सुप्रीम कोर्ट की ओर मार्च के लिए निकले। विपक्ष की मांग है कि चुनावी प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं की जांच हो और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें।
विपक्षी नेताओं का काफिला कॉन्स्टिट्यूशन क्लब से बाराखंभा रोड जंक्शन की ओर बढ़ा। नेता और सांसद कारों तथा बसों में सवार होकर मार्च में शामिल हुए। कांग्रेस ने इस प्रदर्शन के जरिए चुनावी पारदर्शिता और मताधिकार से जुड़े सवालों को राष्ट्रीय बहस के केंद्र में लाने की कोशिश की है।
हालांकि, मार्च से पहले मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने विपक्षी सांसदों के मुलाकात के अनुरोध को स्वीकार नहीं किया। मतदाता सूची के पुनरीक्षण से जुड़े मामले पहले से सुप्रीम कोर्ट में लंबित होने का हवाला देते हुए विपक्षी नेताओं से निर्धारित न्यायिक प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ने की स्थिति बनी।
राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष सुप्रीम कोर्ट जाएगा और अपनी मांगों को लेकर याचिका दायर करेगा।
राहुल-अखिलेश के साथ प्रियंका और तेजस्वी भी मैदान में
मार्च में राहुल गांधी के साथ प्रियंका गांधी वाड्रा और विभिन्न विपक्षी दलों के सांसद शामिल हुए। समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव की मौजूदगी ने इस विरोध को उत्तर प्रदेश की राजनीति से भी जोड़ दिया है। बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने भी SIR के मुद्दे पर विपक्ष का पक्ष रखा।
तेजस्वी यादव ने कहा कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के खिलाफ लड़ाई बिहार से शुरू हुई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनावी प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों के कारण लोकतंत्र प्रभावित हो रहा है। तेजस्वी ने कहा कि जब लोकतंत्र पर लगातार हमला हो रहा हो, तब विपक्ष चुप नहीं रह सकता।
विपक्ष का आरोप है कि मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर नाम हटाए जाने से मताधिकार पर असर पड़ सकता है। हालांकि, नाम हटाए जाने के आंकड़ों और कथित चुनावी धांधली से जुड़े आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि तथा कानूनी निष्कर्षों को अलग-अलग देखना जरूरी है।
CJI सूर्यकांत का दो टूक संदेश, ‘सुप्रीम कोर्ट को राजनीति में न घसीटें’
INDIA गठबंधन के मार्च के बीच मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के दरवाजे सभी के लिए खुले हैं। हर भारतीय नागरिक और जनप्रतिनिधि को अदालत आने का अधिकार है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी मुद्दे पर न्यायिक राहत मांगने के लिए उचित कानूनी प्रक्रिया अपनाई जानी चाहिए। विपक्ष की ओर से उठाए जाने वाले कुछ मुद्दे पहले से अदालत में विचाराधीन हैं।
शिवराज सिंह चौहान का राहुल गांधी पर हमला
दूसरी ओर, बीजेपी ने विपक्ष के प्रदर्शन को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आरोप लगाया कि कांग्रेस चुनावों में हार के बाद संवैधानिक संस्थाओं को निशाना बनाती है। उन्होंने कहा कि लगातार चुनावी हार के बाद सड़कों पर उतरना कांग्रेस की नियति बन गया है।
शिवराज ने कहा कि कांग्रेस की समस्या चुनाव आयोग नहीं, बल्कि उसका दिशाहीन नेतृत्व है। बीजेपी लगातार विपक्ष के आरोपों को खारिज करती रही है, जबकि कांग्रेस और उसके सहयोगी दल चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठा रहे हैं।
CJP भी मैदान में, जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की मांग
इसी बीच कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने भी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ अपना आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया है। CJP के आशुतोष रांका और सौरव दास सोमवार को संसद मार्ग पुलिस स्टेशन पहुंचे और जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन के लिए तारीख तय करने की मांग की।
CJP ने चेतावनी दी है कि यदि दिल्ली पुलिस प्रदर्शन की तारीख नहीं देती है, तो संगठन दोबारा आंदोलन का आह्वान करेगा। चुनावी पारदर्शिता और SIR के खिलाफ विपक्षी दलों के साथ-साथ नागरिक संगठनों का विरोध भी तेज हो रहा है।
फिलहाल, INDIA गठबंधन का मार्च और CJP की प्रदर्शन की मांग चुनावी प्रक्रिया को लेकर जारी राजनीतिक टकराव को और तेज कर रही है। विपक्ष जहां चुनाव आयोग की जवाबदेही और मतदाताओं के अधिकारों का मुद्दा उठा रहा है, वहीं बीजेपी इन आरोपों को कांग्रेस की चुनावी हार से जोड़कर पलटवार कर रही है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि विपक्ष अपनी मांगों को लेकर अदालत में क्या कानूनी कदम उठाता है और चुनाव आयोग इन आरोपों पर आगे क्या प्रतिक्रिया देता है।


