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INDIA ब्लॉक का बड़ा ऐलान, कल राष्ट्रपति भवन जाएगा विपक्ष; ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे पर आर-पार
Gyanesh Kumar Row: SIR और वोटर लिस्ट विवाद को लेकर INDIA ब्लॉक का प्रदर्शन जारी है। विपक्ष कल राष्ट्रपति भवन मार्च करेगा और CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग रखेगा।
नई दिल्ली। मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ INDIA ब्लॉक का विरोध प्रदर्शन गुरुवार को तीसरे दिन भी जारी रहा। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने दिल्ली के कनॉट प्लेस स्थित रेस्तरां में विपक्षी नेताओं के साथ लंच मीटिंग की। इसके बाद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा समेत INDIA ब्लॉक के नेता राजघाट पहुंचे और चुनाव आयोग तथा SIR के मुद्दे पर प्रदर्शन किया। विपक्ष ने साफ कर दिया है कि ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर आंदोलन जारी रहेगा।
राष्ट्रपति भवन की ओर बढ़ेगा विपक्ष
INDIA ब्लॉक अब अपने आंदोलन को राष्ट्रपति भवन तक ले जाने की तैयारी में है। विपक्षी नेताओं ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात के लिए समय मांगा था। शुरुआत में विपक्ष की ओर से 15 नेताओं के प्रतिनिधिमंडल के लिए अनुरोध किया गया था, लेकिन अब राष्ट्रपति भवन ने 10 नेताओं के प्रतिनिधिमंडल को मिलने की अनुमति दी है। यह मुलाकात शुक्रवार को प्रस्तावित है। प्रतिनिधिमंडल में मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी, अखिलेश यादव और ममता बनर्जी समेत प्रमुख विपक्षी नेताओं के शामिल होने की संभावना है।
कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल के मुताबिक, विपक्ष ने 2 अक्टूबर को राष्ट्रपति से मिलने के लिए पत्र भेजा था। इसके बाद राष्ट्रपति भवन ने प्रतिनिधिमंडल में शामिल नेताओं के नाम मांगे थे। 5 अक्टूबर को नाम भेजकर 7, 8 या 9 अक्टूबर को मिलने का अनुरोध किया गया था।
ममता बनर्जी भी दिल्ली पहुंचीं
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी INDIA ब्लॉक के आंदोलन में शामिल होने के लिए दिल्ली पहुंच रही हैं। उनका नाम राष्ट्रपति से मिलने वाले विपक्षी प्रतिनिधिमंडल में भी शामिल बताया जा रहा है। इससे विपक्ष के प्रदर्शन को और बड़ा राजनीतिक स्वरूप मिलने की संभावना है।
'ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तक जारी रहेगा प्रदर्शन'
राजघाट पर CPI(M) सांसद जॉन ब्रिटास ने कहा कि विपक्ष का आंदोलन आगे भी जारी रहेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते, तब तक विरोध प्रदर्शन जारी रखने का फैसला किया गया है। विपक्ष SIR के जरिए मतदाता सूची में कथित गड़बड़ी और 'वोट चोरी' के आरोपों को लेकर चुनाव आयोग पर लगातार निशाना साध रहा है।
INDIA ब्लॉक की प्रमुख मांगों में SIR को वापस लेना, कथित तौर पर हटाए गए मतदाताओं के नाम बहाल करना और CEC ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा शामिल है।
दो दिन से दिल्ली में टकराव
विपक्ष का प्रदर्शन पिछले दो दिनों से दिल्ली में लगातार तनावपूर्ण रहा है। मंगलवार को संसद से चुनाव आयोग की ओर मार्च के दौरान विपक्षी सांसदों को रोका गया था। इसके बाद राहुल गांधी समेत कई नेताओं ने आकाशवाणी भवन के पास घंटों धरना दिया।
बुधवार को जंतर-मंतर की ओर बढ़ रहे विपक्षी नेताओं को फिर पुलिस ने रोक दिया। राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा समेत कई नेताओं को हिरासत में लिया गया और बाद में रिहा कर दिया गया। बुधवार के प्रदर्शन को लेकर राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के खिलाफ पुलिस ने एक और FIR भी दर्ज की है। पुलिस ने प्रदर्शन के दौरान सरकारी काम में बाधा और पुलिसकर्मियों के साथ कथित धक्का-मुक्की जैसे आरोप लगाए हैं।
ज्ञानेश कुमार की सुरक्षा भी बढ़ाई गई
विरोध प्रदर्शन के बीच मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, उन्हें पहले से Z+ सुरक्षा प्राप्त है, लेकिन मौजूदा विरोध प्रदर्शनों और नई सुरक्षा सूचनाओं के मद्देनजर उनके आवास तथा चुनाव आयोग के दफ्तर के आसपास अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किया गया है। 8 से 12 अक्टूबर के बीच दिल्ली में कानून-व्यवस्था संभालने के लिए बड़ी संख्या में केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती भी की गई है।
लखनऊ में भी सड़क पर उतरी कांग्रेस, आराधना मिश्रा हिरासत में
CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ दिल्ली में चल रहे आंदोलन का असर उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में भी दिखाई दिया। गुरुवार को यूपी कांग्रेस अध्यक्ष आराधना मिश्रा 'मोना' के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ता और पुलिस आमने-सामने आ गए।
आराधना मिश्रा बैरिकेडिंग पर चढ़कर नारेबाजी करने लगीं। इसके बाद पुलिस ने उन्हें और कई कांग्रेस कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया। यह प्रदर्शन दिल्ली में राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के खिलाफ हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में आयोजित 'काला दिवस' अभियान का हिस्सा था।
आराधना मिश्रा ने हाल ही में SIR को लेकर उत्तर प्रदेश में मतदाता आंकड़ों पर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने दावा किया कि SIR के दौरान यूपी की विधानसभा मतदाता सूची से करीब 2.04 करोड़ नाम हटाए गए और चुनाव आयोग से जिला एवं बूथ स्तर पर नाम हटाने का कारण सार्वजनिक करने की मांग की। चुनाव आयोग से उन्होंने मौत, स्थान परिवर्तन, डुप्लीकेट नाम और दस्तावेजों की कमी समेत अलग-अलग कारणों का स्पष्ट आंकड़ा मांगा है।
देश के कई राज्यों में INDIA ब्लॉक का प्रदर्शन
CEC के खिलाफ विपक्ष का आंदोलन केवल दिल्ली और लखनऊ तक सीमित नहीं है। बिहार में तेजस्वी यादव के नेतृत्व में राजभवन मार्च हुआ, जबकि हैदराबाद में कांग्रेस ने 'चलो लोक भवन' मार्च निकाला। नागपुर और जम्मू में भी विपक्षी दलों ने प्रदर्शन किया। इस तरह SIR और CEC के इस्तीफे का मुद्दा अब INDIA ब्लॉक के राष्ट्रव्यापी राजनीतिक अभियान का रूप लेता दिख रहा है।
अब नजर शुक्रवार पर है, जब विपक्षी नेताओं का प्रतिनिधिमंडल राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात कर SIR, मतदाता सूची में कथित गड़बड़ी और CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ अपनी शिकायतें रख सकता है। इसके साथ ही यह भी साफ होगा कि राष्ट्रपति भवन के सामने विपक्ष की आगे की रणनीति क्या होगी।


