CJI सूर्यकांत के कार्यक्रम में हंगामा पर भड़का भारत! दो टूक कहा: 'ऐसी हरकतें बर्दाश्त नहीं...'

CJI Suryakant: ब्रिटेन दौरे पर गए भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत के एक कार्यक्रम के दौरान लंदन में विवाद की स्थिति पैदा हो गई।

Shishumanjali kharwar
Published on: 6 Jun 2026 2:32 PM IST (Updated on: 6 Jun 2026 2:34 PM IST)
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CJI Suryakant: ब्रिटेन दौरे पर गए भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत के एक कार्यक्रम के दौरान लंदन में विवाद की स्थिति पैदा हो गई। यूनिवर्सिटी ऑफ लंदन के बर्कबेक कॉलेज में आयोजित एक व्याख्यान के बाद कुछ लोगों ने भारत में लोकतंत्र, असहमति की आवाज और न्यायपालिका से जुड़े मुद्दों पर तीखे सवाल उठाए, जिससे कार्यक्रम का माहौल तनावपूर्ण हो गया। घटना के बाद लंदन स्थित भारतीय उच्चायोग ने इस व्यवहार को अमर्यादित और अस्वीकार्य बताया है।

एआई और अंतरराष्ट्रीय कानून पर दे रहे थे व्याख्यान

मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत इन दिनों छह दिवसीय ब्रिटेन दौरे पर हैं। इस दौरान उन्होंने यूनिवर्सिटी ऑफ लंदन के बर्कबेक कॉलेज में “आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और अंतरराष्ट्रीय कानून” विषय पर व्याख्यान दिया। भाषण के दौरान उन्होंने तकनीक, न्याय व्यवस्था और संवैधानिक मूल्यों के बीच संतुलन की आवश्यकता पर विस्तार से अपनी बात रखी। कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ, लेकिन प्रश्नोत्तर सत्र के दौरान माहौल बदल गया।

सवाल-जवाब के दौरान बढ़ा तनाव

व्याख्यान समाप्त होने के बाद जब श्रोताओं को सवाल पूछने का अवसर दिया गया, तब कुछ लोगों ने भारत में लोकतांत्रिक माहौल और असहमति की अभिव्यक्ति को लेकर सवाल उठाने शुरू कर दिए। इस दौरान मुख्य न्यायाधीश की एक हालिया टिप्पणी का भी उल्लेख किया गया, जिस पर बहस छिड़ गई। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में देखा जा सकता है कि एक व्यक्ति ने कार्यक्रम के विषय से हटकर सवाल पूछने की कोशिश की। हालांकि कार्यक्रम के मॉडरेटर ने हस्तक्षेप करते हुए कहा कि प्रश्न मुख्य विषय से संबंधित नहीं है और उसे आगे बढ़ने नहीं दिया गया। इसके बाद कुछ देर के लिए माहौल गर्म हो गया।

भारतीय उच्चायोग ने जताई नाराजगी

घटना के बाद लंदन स्थित भारतीय उच्चायोग ने सोशल मीडिया पर बयान जारी कर इस व्यवहार पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराई। उच्चायोग ने कहा कि सार्वजनिक मंचों पर किसी भी वक्ता या अतिथि के साथ सम्मानजनक व्यवहार किया जाना चाहिए। बयान में कहा गया कि लोकतांत्रिक समाज में विचारों का मतभेद स्वाभाविक है, लेकिन उन्हें सभ्य और मर्यादित तरीके से व्यक्त किया जाना चाहिए। उच्चायोग ने कार्यक्रम में व्यवधान पैदा करने की कोशिश को अनुचित और अस्वीकार्य बताया।

तकनीक और न्याय व्यवस्था पर CJI का संदेश

अपने संबोधन में मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने कहा कि तकनीक अपने आप में न तो अच्छी होती है और न ही बुरी। इसका प्रभाव इस बात पर निर्भर करता है कि समाज और संस्थाएं उसका उपयोग किस प्रकार करती हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि कानून का उद्देश्य नई तकनीकों के विकास को रोकना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि तकनीकी प्रगति संवैधानिक मूल्यों, मानवाधिकारों और मानवीय गरिमा के अनुरूप बनी रहे।

दौरे के अन्य कार्यक्रमों में भी लेंगे हिस्सा

विवाद के बावजूद मुख्य न्यायाधीश का ब्रिटेन दौरा जारी है। उन्होंने भारत-ब्रिटेन आर्थिक सहयोग और कानूनी साझेदारी से जुड़े एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन को भी संबोधित किया। माना जा रहा है कि उनका यह दौरा न्यायिक सहयोग, तकनीकी विकास और वैश्विक कानूनी चुनौतियों पर संवाद को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा।

Shishumanjali kharwar
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Shishumanjali kharwar

मीडिया क्षेत्र में 12 साल से ज्यादा कार्य करने का अनुभव। इस दौरान विभिन्न अखबारों में उप संपादक और एक न्यूज पोर्टल में कंटेंट राइटर के पद पर कार्य किया। वर्तमान में प्रतिष्ठित न्यूज पोर्टल ‘न्यूजट्रैक’ में कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हूं।

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