औकात में रहो चीन! आंखों में आंखें डालकर गुर्राया भारत, बोला- 'लद्दाख भारत का अभिन्न अंग', बकवास से बाज नहीं आ रहा ड्रैगन

भारत ने चीन दावों पर दो टूक जवाब देते हुए कहा कि केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख देश का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा है।

Sachin Singh
Published on: 13 Oct 2026 5:32 PM IST (Updated on: 13 Oct 2026 9:36 PM IST)
औकात में रहो चीन! आंखों में आंखें डालकर गुर्राया भारत, बोला- लद्दाख भारत का अभिन्न अंग, बकवास से बाज नहीं आ रहा ड्रैगन
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India-China: चीन अपनी विस्तार वादी नीति से बाज नहीं आ रहा है। दूसरों की सरजमीं को अपना बताना उसकी पुरानी फितरत बन चुकी है। अब उसे लद्दाख के 28 रणनीतिक स्थानों और भौगोलिक क्षेत्रों के मानक नाम तय करने के भारत के फैसले से भी परेशानी है। चीन ने दावा किया कि ये इलाके उसके क्षेत्र का हिस्सा हैं। मतलब भारत क्या चीन का गुलाम है, जो अपनी अंदरूनी फैसले भी उसके अनुसार ले? ड्रैगन अपनी इस हरकत को सुधार ले, क्योंकि जो भारत का है वो जब तक सुरज चांद रहेगा, तब तक रहेगा।

चीन की ओर से लद्दाख को लेकर की गई टिप्पणियों पर भारत ने साफ शब्दों में अपना रुख सामने रखा है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने दो टूक कहा कि केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा है। उन्होंने कहा कि चीन चाहे इस वास्तविकता से कितना भी इनकार करे, इससे फैक्ट नहीं बदलने वाला। विदेश मंत्रालय का यह बयान ऐसे समय आया है, जब लद्दाख के 28 स्थानों और भौगोलिक विशेषताओं के नामों को भारत के आधिकारिक नक्शे में दर्ज किए जाने को लेकर चर्चा हो रही है।

चीन के बयान पर भारत का दो टूक जवाब

मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि लद्दाख की स्थिति को लेकर भारत का रुख पहले से स्पष्ट है। लद्दाख भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा है और चीन के इनकार करने से इस तथ्य पर कोई असर नहीं पड़ेगा। भारत ने इस बयान के जरिए साफ कर दिया कि लद्दाख की स्थिति को लेकर उसका पक्ष बिल्कुल साफ है और वह इसे लेकर किसी भ्रम की गुंजाइश नहीं मानता।

लद्दाख के 28 स्थानों के नाम आधिकारिक नक्शे में दर्ज

विदेश मंत्रालय ने लद्दाख से जुड़े एक दूसरे अहम मुद्दे पर भी स्थिति स्पष्ट की। प्रवक्ता ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति अपने आप में स्पष्ट है। इस घोषणा में बताया गया है कि केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के 28 स्थानों और भौगोलिक विशेषताओं की पहचान की गई है। इनके लिए सर्वे ऑफ इंडिया के आधिकारिक नक्शे पर मानक नाम दर्ज किए गए हैं।

सरकार के मुताबिक, यह काम लद्दाख केंद्र शासित प्रदेश के प्रशासन और स्थानीय हितधारकों से सलाह-मशविरा करने के बाद किया गया है। यानी इन स्थानों के नाम तय करने और उन्हें आधिकारिक नक्शे पर दर्ज करने की प्रक्रिया में स्थानीय पक्षों से भी बातचीत की गई।

नाम दर्ज करने का मकसद क्या है?

विदेश मंत्रालय के अनुसार, लद्दाख के इन 28 स्थानों को सर्वे ऑफ इंडिया के आधिकारिक नक्शे पर नामों के साथ दर्ज करने का उद्देश्य उनकी सही पहचान सुनिश्चित करना है। इससे आम लोगों को भी इन जगहों के बारे में सटीक जानकारी मिल सकेगी और उन्हें पहचानने में आसानी होगी।

सरकार का कहना है कि आधिकारिक नक्शे पर मानक नाम दर्ज होने से इन स्थानों को लेकर जानकारी अधिक स्पष्ट और व्यवस्थित होगी। यह कदम मुख्य रूप से भौगोलिक स्थानों की सटीक पहचान और उनके बारे में लोगों की जागरूकता बढ़ाने के लिए उठाया गया है।

लद्दाख को लेकर भारत ने फिर साफ किया अपना रुख

भारत के विदेश मंत्रालय के बयान में दो बातें साफ तौर पर सामने आई हैं। पहली, लद्दाख को भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा बताया गया है। दूसरी, लद्दाख के 28 स्थानों और भौगोलिक विशेषताओं के नामों को आधिकारिक नक्शे में दर्ज करने के पीछे उनकी सही पहचान और लोगों में जागरूकता बढ़ाने का उद्देश्य बताया गया है।

भारत ने चीन की टिप्पणियों पर जवाब देते हुए अपने रुख को दोहराया है। साथ ही, गृह मंत्रालय की घोषणा को स्पष्ट बताते हुए कहा है कि स्थानों के नाम आधिकारिक नक्शे पर दर्ज करने का काम लद्दाख प्रशासन और स्थानीय हितधारकों से विचार-विमर्श के बाद किया गया है।

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Sachin Singh is a media professional with 4 years of experience in the field of journalism and digital media. After completing his education at Jamia Millia Islamia Central University, he has worked with reputed media organizations such as Editor ji, ABP News and Doordarshan. Currently, Sachin Singh is working as a Content Writer with News Track, where he contributes to fast-paced digital news coverage and content creation. His areas of interest include politics, national and international affairs, and food. With experience across different formats of journalism, he focuses on producing informative, accurate, and engaging content for digital audiences.

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