दुनिया के सबसे बड़े मुस्लिम देश में है 1170 साल पुराना शिव मंदिर, अब भारत करेगा इसका जीर्णोद्धार

Indonesia Shiva Temple: प्रधानमंत्री के इंडोनेशिया दौरे के दौरान भारत 1170 साल पुराने प्राम्बानन शिव मंदिर के संरक्षण में सहयोग करेगा। जानिए मंदिर का इतिहास और इसकी खासियत।

Harsh Sharma
Published on: 7 July 2026 10:05 AM IST
दुनिया के सबसे बड़े मुस्लिम देश में है 1170 साल पुराना शिव मंदिर, अब भारत करेगा इसका जीर्णोद्धार
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Indonesia Shiva Temple: प्रधानमंत्री के इंडोनेशिया दौरे के दौरान दोनों देशों के बीच रक्षा, व्यापार और रणनीतिक सहयोग जैसे कई मुद्दों पर चर्चा होगी। इसी के साथ एक महत्वपूर्ण सांस्कृतिक पहल भी सामने आई है। भारत इंडोनेशिया के ऐतिहासिक प्राम्बानन मंदिर परिसर के संरक्षण और जीर्णोद्धार में सहयोग करेगा। यह कदम दोनों देशों के सदियों पुराने सांस्कृतिक संबंधों को नई मजबूती देने वाला माना जा रहा है।

इंडोनेशिया का हिंदू इतिहास आज भी मौजूद है

आज इंडोनेशिया दुनिया की सबसे बड़ी मुस्लिम आबादी वाला देश है, लेकिन इसका इतिहास हिंदू और बौद्ध संस्कृति से भी गहराई से जुड़ा हुआ है। खासकर जावा और बाली जैसे क्षेत्रों में प्राचीन हिंदू सभ्यता के कई प्रमाण आज भी मौजूद हैं। इंडोनेशिया अपनी इस सांस्कृतिक विरासत को संजोकर रखे हुए है और ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण पर लगातार काम कर रहा है।

क्या है प्राम्बानन मंदिर की खासियत?

जावा द्वीप के योग्याकार्ता शहर के पास स्थित प्राम्बानन मंदिर इंडोनेशिया का सबसे बड़ा हिंदू मंदिर परिसर माना जाता है। इसका निर्माण लगभग 9वीं शताब्दी में हुआ था। इतिहासकारों के अनुसार इस मंदिर की शुरुआत हिंदू संजय वंश के शासक राजा राकाई पिकातन ने कराई थी, जबकि बाद में उनके उत्तराधिकारी राजा लोकपाल ने इसका निर्माण पूरा कराया। यह मंदिर केवल भगवान शिव को ही नहीं, बल्कि हिंदू धर्म की त्रिमूर्ति—ब्रह्मा, विष्णु और शिव—को समर्पित है। परिसर में सबसे ऊंचा मंदिर भगवान शिव का है, जिसकी ऊंचाई लगभग 47 मीटर बताई जाती है। पूरे परिसर में करीब 250 छोटे-बड़े मंदिर मौजूद हैं।

रामायण और देवी दुर्गा के भी मिलते हैं प्रमाण

प्राम्बानन मंदिर की दीवारों पर रामायण की कहानी पत्थरों पर उकेरी गई है। इसके अलावा यहां देवी दुर्गा की प्रसिद्ध प्रतिमा भी स्थापित है। लंबे समय तक स्थानीय लोग इसे एक लोककथा की राजकुमारी की मूर्ति मानते रहे, लेकिन बाद में शोध से स्पष्ट हुआ कि यह दुर्गा महिषासुरमर्दिनी की प्रतिमा है। मंदिर परिसर में मिले शिलालेखों में संस्कृत और प्राचीन जावानी भाषा का उपयोग किया गया है। इनसे पता चलता है कि यह मंदिर लगभग 1170 वर्ष पुराना है।

कैसे पहुंची हिंदू संस्कृति इंडोनेशिया?

इतिहासकारों के अनुसार पहली शताब्दी के आसपास भारत के व्यापारी समुद्री मार्ग से इंडोनेशिया पहुंचे थे। वे मसाले, कपड़े और अन्य वस्तुओं का व्यापार करते थे। उनके साथ भारतीय संस्कृति, संस्कृत भाषा, धार्मिक परंपराएं और मंदिर निर्माण की कला भी वहां पहुंची। बाद में स्थानीय राजाओं ने भारतीय संस्कृति और प्रशासनिक परंपराओं को अपनाया। इसी दौरान कई हिंदू और बौद्ध राज्य विकसित हुए और भव्य मंदिरों का निर्माण कराया गया। समय के साथ इस्लाम भी व्यापार के जरिए इंडोनेशिया पहुंचा और धीरे-धीरे वहां का प्रमुख धर्म बन गया, लेकिन प्राचीन हिंदू धरोहरें आज भी वहां की पहचान बनी हुई हैं।

यूनेस्को की विश्व धरोहर है यह मंदिर

20वीं सदी में इस मंदिर परिसर की बड़े स्तर पर खुदाई और संरक्षण का काम शुरू हुआ। पुराने पत्थरों को उनकी मूल जगह पर जोड़कर मंदिरों को दोबारा खड़ा किया गया। इस विशेष तकनीक को "अनास्टाइलोसिस" कहा जाता है। वर्ष 1991 में यूनेस्को ने प्राम्बानन मंदिर परिसर को विश्व धरोहर स्थल घोषित किया। हालांकि 2006 में आए भूकंप से कुछ नुकसान हुआ था, लेकिन बाद में इसकी मरम्मत कर दी गई।

भारत करेगा संरक्षण में सहयोग

अब भारत सरकार इस ऐतिहासिक मंदिर परिसर के संरक्षण में तकनीकी सहयोग देगी। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के विशेषज्ञ मंदिर का निरीक्षण कर चुके हैं। योजना के तहत पहले छोटे मंदिरों के संरक्षण का पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया जाएगा। इस कार्य में पुराने पत्थरों का ही अधिकतम उपयोग किया जाएगा और जरूरत पड़ने पर आधुनिक तकनीक तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद भी ली जा सकती है, ताकि हर पत्थर को उसकी सही जगह पर लगाया जा सके।

सांस्कृतिक रिश्तों को मिलेगी नई मजबूती

भारत और इंडोनेशिया के बीच व्यापार और रणनीतिक साझेदारी पहले से मजबूत है। अब प्राचीन सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण में सहयोग दोनों देशों के रिश्तों को एक नया आयाम देगा। यह पहल इस बात का भी उदाहरण है कि अलग-अलग धार्मिक पहचान वाले देश भी साझा इतिहास और सांस्कृतिक विरासत के माध्यम से अपने संबंधों को और मजबूत बना सकते हैं।

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Harsh Sharma is a Content Writer at Newstrack.com.

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