ठंडे बस्ते में गई भारत-अमेरिका ट्रेड डील! वित्त मंत्री सीतारमण ने बताई अंदर की बात, बोलीं- अब तो लेन-देन भी मुश्किल

भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर बातचीत अभी जारी है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि दोनों देश ऐसे मुकाम पर पहुंच गए हैं जहां आगे रियायत देना या लेना काफी मुश्किल हो सकता है।

Sachin Singh
Published on: 5 Oct 2026 9:34 PM IST (Updated on: 5 Oct 2026 9:35 PM IST)
ठंडे बस्ते में गई भारत-अमेरिका ट्रेड डील! वित्त मंत्री सीतारमण ने बताई अंदर की बात, बोलीं- अब तो लेन-देन भी मुश्किल
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India-US Trade Deal: भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित ट्रेड डील को लेकर एक बार फिर तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं हो पाई है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को कहा कि दोनों देशों के बीच समझौते को लेकर बातचीत अभी जारी है, लेकिन अब वार्ता ऐसे मोड़ पर पहुंचती दिख रही है जहां आगे किसी भी तरफ से बड़ी रियायत देना काफी मुश्किल हो सकता है।

म्यूनिख लीडर्स मीटिंग में बातचीत के दौरान सीतारमण ने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित समझौते पर बातचीत अभी चल रही है। हालांकि, दोनों पक्ष एक ऐसे पड़ाव पर पहुंच चुके हैं जहां एक-दूसरे को और कुछ देना या लेना काफी मुश्किल हो सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर दोनों देशों के पास आगे बातचीत के लिए कोई गुंजाइश बचती है तो दोनों पक्ष उस पर काम कर सकते हैं।

बातचीत चल रही लेकिन बेनतीजा

सीतारमण ने साफ किया कि प्रस्तावित ट्रेड एग्रीमेंट पर बातचीत अभी भी काफी गंभीरता और बारीकी से चल रही है। यानी फिलहाल डील खत्म नहीं हुई है, लेकिन बातचीत में आगे बढ़ने की राह आसान भी नजर नहीं आ रही।

वित्त मंत्री ने भारत और अमेरिका के बीच मौजूदा व्यापार संतुलन का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के व्यापारिक रिश्तों की सबसे बड़ी खासियत यह है कि व्यापार संतुलन भारत के पक्ष में है। ऐसे में अमेरिका स्वाभाविक रूप से इस अंतर को कम करने की कोशिश करेगा। सीतारमण के मुताबिक, अमेरिका उन आर्थिक नुकसान को भी दूर करना चाहेगा, जिसे वह पिछले कई वर्षों से जमा हुआ मानता है।

भारत और यूरोपीय संघ के बीच चल रही ट्रेड बातचीत

इस बीच सीतारमण ने भारत और यूरोपीय संघ के बीच चल रही ट्रेड बातचीत का भी जिक्र किया। उनसे रूस से भारत की ओर से तेल खरीदने को लेकर यूरोपीय साझेदारों के साथ बातचीत पर सवाल पूछा गया था। इसके जवाब में उन्होंने कहा कि जहां तक उनकी जानकारी है, यूरोप में ऐसा कोई ‘लिंडसे ग्राहम बिल’ नहीं है, जो भारत की बातचीत को प्रभावित कर रहा हो।

भारत और अमेरिका फिलहाल एक अंतरिम द्विपक्षीय व्यापार समझौते यानी BTA पर बातचीत कर रहे हैं। इसी प्रक्रिया के तहत दोनों देश प्रस्तावित बड़े ट्रेड एग्रीमेंट को अंतिम रूप देने की कोशिश में हैं।

दोनों देशों ने फरवरी में अंतरिम समझौते को लेकर एक फ्रेमवर्क भी तैयार किया था। हालांकि, इसके बाद डील पर आगे बढ़ने में रुकावट आ गई। इसकी वजह यह रही कि अमेरिका की ओर से दिए जाने वाले तरजीही टैरिफ मैकेनिज्म के कानूनी आधार को अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने अमान्य कर दिया।

अब वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के ताजा बयान से इतना जरूर साफ है कि भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर बातचीत अभी बंद नहीं हुई है। लेकिन दोनों देशों के बीच बातचीत ऐसे मुकाम पर पहुंच गई है, जहां आगे की राह में एक-दूसरे से रियायत हासिल करना आसान नहीं होगा।

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Sachin Singh is a media professional with 4 years of experience in the field of journalism and digital media. After completing his education at Jamia Millia Islamia Central University, he has worked with reputed media organizations such as Editor ji, ABP News and Doordarshan. Currently, Sachin Singh is working as a Content Writer with News Track, where he contributes to fast-paced digital news coverage and content creation. His areas of interest include politics, national and international affairs, and food. With experience across different formats of journalism, he focuses on producing informative, accurate, and engaging content for digital audiences.

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