दुर्गा पूजा के पास से 50-60 करोड़ का खेल…पूर्व मंत्री के घर ED की 15 घंटे चली रेड में क्या मिला?

Indranil Sen ED Raid: पश्चिम बंगाल के पूर्व मंत्री इंद्रनील सेन के घर ED ने 15 घंटे से ज्यादा रेड की। दुर्गा पूजा के महंगे पास और UNESCO के नाम पर 50-60 करोड़ रुपये जुटाने के आरोपों की जांच हो रही है।

Aditya Kumar Verma
Published on: 30 Sept 2026 12:04 PM IST
Indranil Sen ED Raid
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Indranil Sen ED Raid: पश्चिम बंगाल के पूर्व मंत्री इंद्रनील सेन के घर पर प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी (ED) ने छापेमारी की है। केंद्रीय जांच एजेंसी की यह कार्रवाई दुर्गा पूजा में महंगे पास बेचने से जुड़े कथित घोटाले के मामले में हुई है। बताया जा रहा है कि ईडी की यह रेड 15 घंटे से ज्यादा समय तक चली और अधिकारी देर रात करीब 11 बजे तक दस्तावेज खंगालते रहे।

इतना ही नहीं, ईडी ने इंद्रनील सेन को बुधवार को पूछताछ के लिए भी तलब किया है। हालांकि, सेन ने अपने ऊपर लगे आरोपों से इनकार किया है और कानूनी कार्रवाई करने की चेतावनी भी दी है।

सेन और उनकी पत्नी पर क्या हैं आरोप?

‘संघवाद प्रतिदिन’ की रिपोर्ट में ईडी सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि इंद्रनील सेन और उनकी पत्नी मधुचंदा सेन पर पूजा परिक्रमा के नाम पर यूनेस्को (UNESCO) के फर्जी पास बेचने का आरोप है।

इस मामले में जून में पुलिस के पास शिकायत दर्ज कराई गई थी। इसी शिकायत के आधार पर ईडी ने मंगलवार को कार्रवाई की। केंद्रीय एजेंसी के अधिकारी देर रात करीब 11 बजे तक दस्तावेजों की जांच करते रहे। हालांकि, जांच के दौरान अधिकारियों को क्या मिला, इसे लेकर अभी कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है।

कई ठिकानों पर पहुंची ईडी की टीम

ईडी की कार्रवाई सिर्फ इंद्रनील सेन के घर तक सीमित नहीं रही। कार्यक्रम के आयोजक अरिजीत दासगुप्ता के घर पर भी केंद्रीय जांच एजेंसी के अधिकारी पहुंचे।

इसके अलावा अन्य पतों पर भी अधिकारियों ने जांच की। छापेमारी के दौरान केंद्रीय बलों ने सभी संबंधित ठिकानों की घेराबंदी कर रखी थी। अधिकारियों ने सिंगूर स्थित इंद्रनील सेन के आवास पर भी पहुंचकर जांच की।

UNESCO के नाम पर पास बेचने का आरोप

रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2021 में राजधानी कोलकाता में दुर्गा पूजा को यूनेस्को की ओर से आयोजित किया गया था। इसके बाद ‘मास आर्ट’ नाम से एक ग्रुप बनाया गया।

इस ग्रुप की ओर से दावा किया गया था कि वह यूनेस्को का पार्टनर है। इसके बाद ग्रुप ने दुर्गा पूजा का प्रचार शुरू किया। खास बात यह है कि इंद्रनील सेन की पत्नी मधुचंदा सेन भी इस ग्रुप से जुड़ी हुई हैं।

अब आरोप लगाया गया है कि यूनेस्को के नाम और लोगो का इस्तेमाल करके दुर्गा पूजा से जुड़े टिकट और पास महंगे दामों पर बेचे गए। इसी पूरे मामले को लेकर ईडी ने जांच शुरू की है।

50 से 60 करोड़ रुपये जुटाने का आरोप

इस मामले में आरोप है कि प्रीव्यू कार्यक्रमों और पास के जरिए बड़ी रकम इकट्ठा की गई। रिपोर्ट के मुताबिक, ईडी यह जांच कर रही है कि इस धनराशि का कोई हिस्सा निजी लाभ के लिए इस्तेमाल किया गया था या नहीं।

केंद्रीय जांच एजेंसी संस्था के स्वामित्व और उसके प्रबंधन के अलावा धन के लेन-देन की भी जांच कर रही है। साथ ही प्रभावशाली लोगों के साथ संस्था के संभावित संबंधों को लेकर भी पड़ताल की जा रही है।

रिपोर्ट के मुताबिक, ईडी का आरोप है कि इस पूरी प्रक्रिया के जरिए करीब 50 से 60 करोड़ रुपये जुटाए गए थे। यह भी आरोप है कि इस प्रक्रिया में मधुचंदा सेन की भूमिका रही है। हालांकि, इन आरोपों को लेकर अभी आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा गया है।

शिकायत के बाद शुरू हुई जांच

इस मामले में शिकायतकर्ता जयदीप मुखर्जी हैं। उन्होंने जून में पुलिस के पास शिकायत दर्ज कराई थी। इसी शिकायत के आधार पर मंगलवार को ईडी ने इंद्रनील सेन और मामले से जुड़े अन्य लोगों के ठिकानों पर कार्रवाई की।

ईडी अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि पास और प्रीव्यू कार्यक्रमों से जुटाई गई रकम का वास्तविक इस्तेमाल कहां और किस तरह हुआ। एजेंसी संस्था के स्वामित्व, प्रबंधन, वित्तीय लेन-देन और संभावित प्रभावशाली संपर्कों से जुड़े पहलुओं की भी जांच कर रही है।

फिलहाल इंद्रनील सेन ने अपने ऊपर लगे आरोपों को खारिज किया है और कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है। वहीं, ईडी की कार्रवाई के बाद इस मामले में बुधवार को होने वाली पूछताछ पर भी नजर रहेगी।

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आदित्य कुमार वर्मा उत्तर प्रदेश के पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 8 वर्षों से अधिक का अनुभव प्राप्त है। उन्होंने भारतीय राजनीति, अपराध, स्वास्थ्य और मानवीय सरोकारों से जुड़ी खबरों की व्यापक रिपोर्टिंग की है। उनके पास मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (MJMC) की डिग्री है और वे रिपोर्टर, एंकर तथा सब-एडिटर जैसे महत्वपूर्ण पदों पर कार्य कर चुके हैं। साथ ही वो उत्तर प्रदेश की राजनीति, शासन-प्रशासन और नौकरशाही व्यवस्था की गहरी समझ रखते हैं। पत्रकारिता के अलावा उन्हें पुस्तकों का अध्ययन, लेखन, कविता-लेखन और पाठ और यात्राएं करना विशेष रूप से पसंद है। विभिन्न संस्कृतियों और समाजों को करीब से जानने-समझने की उनकी रुचि ने उनके दृष्टिकोण को व्यापक बनाया है, जिसका सकारात्मक प्रभाव उनकी लेखन शैली और रिपोर्टिंग में भी देखने को मिलता है।

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