भारत-पाकिस्तान में छिड़ सकती है जंग…सिंधु जल संधि को लेकर घुटनों पर पाक! जानिए कैसे

Indus Water Treaty: भारत और पाकिस्तान के बीच एक बार फिर तनाव का बड़ा कारण पानी बनता दिख रहा है। दरअसल सिंधु नदी सिस्टम, जो दोनों देशों की जिंदगी का अहम आधार है, अब विवादों के केंद्र में आ गया है। जानें कैसे।

Aditya Kumar Verma
Published on: 1 May 2026 7:09 PM IST
Indus Water Treaty
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Indus Water Treaty: भारत और पाकिस्तान के बीच एक बार फिर तनाव का बड़ा कारण पानी बनता दिख रहा है। दरअसल सिंधु नदी सिस्टम, जो दोनों देशों की जिंदगी का अहम आधार है, अब विवादों के केंद्र में आ गया है। इस सिस्टम में छह बड़ी नदियां शामिल हैं, जिनमें सिंधु, चिनाब, झेलम, रावी, ब्यास और सतलुज शामिल हैं। ये नदियां भारत और पाकिस्तान दोनों देशों से होकर गुजरती हैं और सिंधु बेसिन में पीने का पानी, खेती और बिजली उत्पादन का बड़ा स्रोत हैं। यही वजह है कि इन नदियों से करोड़ों लोगों की जिंदगी जुड़ी हुई है।

क्या है 1960 का समझौता?

दरअसल भारत और पाकिस्तान के बीच 19 सितंबर 1960 को पानी के बंटवारे को लेकर एक बड़ा समझौता हुआ था, जिसे सिंधु जल संधि कहा जाता है। यह समझौता वर्ल्ड बैंक की मध्यस्थता में हुआ था। इस संधि के तहत भारत को तीन पूर्वी नदियों सतलुज, ब्यास और रावी पर विशेष अधिकार मिला, जबकि पाकिस्तान को पश्चिमी नदियों सिंधु, चिनाब और झेलम का पानी मिला।

इस समझौते में पाकिस्तान को काफी रियायतें दी गई थीं और लंबे समय तक उसे इसका लाभ मिलता रहा। यही वजह है कि यह संधि करीब सात दशक तक बिना बड़े विवाद के चलती रही।

पहलगाम हमले के बाद बदला समीकरण

वहीं यहां हालात तब बदले जब कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमला हुआ। इस हमले के बाद भारत ने बीते साल सिंधु जल संधि को निलंबित कर दिया। इसके बाद से दोनों देशों के बीच पानी को लेकर तनाव बढ़ गया है।

वहीं संधि के निलंबन के बाद भारत ने जम्मू कश्मीर में अपने हाइड्रो-इलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट्स को तेजी से आगे बढ़ाना शुरू कर दिया। इसमें पाकल दुल, किरू, परनई और क्वार जैसे प्रोजेक्ट्स शामिल हैं, जिन्हें जल्द पूरा करने पर जोर दिया जा रहा है।

अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचा विवाद

जिसके बाद भारत के इन कदमों को लेकर पाकिस्तान लगातार विरोध जता रहा है। उसने जम्मू कश्मीर में भारत के हाइड्रो प्रोजेक्ट्स का मुद्दा परमानेंट कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन में भी उठाया है।

यहां पाकिस्तान का कहना है कि भारत पानी को हथियार के तौर पर इस्तेमाल कर रहा है, जिसे उसने अपनी रेड लाइन बताया है। पाकिस्तान की शहबाज शरीफ सरकार लगातार इस मुद्दे पर सख्त बयान दे रही है और यहां तक कि इसे युद्ध जैसा कदम तक बता रही है।

पाकिस्तान की बढ़ती चिंता

रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाकिस्तान का सबसे बड़ा डर यह है कि अगर भारत उसकी ओर आने वाले पानी को रोक देता है तो देश के सामने बड़ा जल संकट खड़ा हो जाएगा। पाकिस्तान का कहना है कि उसकी बड़ी आबादी सिंधु नदी सिस्टम पर निर्भर है और पानी रुकने से हालात गंभीर हो सकते हैं।

इसी चिंता के चलते पाकिस्तान ने इस मुद्दे को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भी उठाया है। उसने कहा है कि खासकर गर्मियों के मौसम में यह स्थिति उसकी जल सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन सकती है।

भारत का सख्त रुख, आतंक पर जुड़ी शर्त

वहीं दूसरी तरफ भारत अपने रुख पर अडिग है। भारत का कहना है कि अगर पाकिस्तान आतंकवाद को समर्थन देना जारी रखेगा तो सिंधु जल संधि को बहाल नहीं किया जाएगा।

यानी अब पानी का यह विवाद सिर्फ संसाधनों तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि इसमें सुरक्षा और आतंकवाद का मुद्दा भी जुड़ गया है।

पानी से बढ़ता तनाव

वहीं ऐसा माना जा रहा है कि इस पूरे घटनाक्रम ने यह साफ कर दिया है कि सिंधु जल संधि अब सिर्फ एक समझौता नहीं, बल्कि दोनों देशों के रिश्तों का अहम हिस्सा बन चुकी है। पानी, जो कभी सहयोग का माध्यम था, अब टकराव का कारण बनता जा रहा है।

ऐसे में आने वाले समय में यह देखना अहम होगा कि क्या दोनों देश इस मुद्दे का कोई समाधान निकाल पाते हैं या फिर पानी का यह विवाद दोनों देशों के बीच तनाव को और गहरा करेगा।

Aditya Kumar Verma

Aditya Kumar Verma

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आदित्य कुमार वर्मा न्यूजट्रैक में कंटेंट राइटर हैं। ये लगभग आठ वर्ष से पत्रकारिता के क्षेत्र से जुड़े हुए हैं और विभिन्न प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम कर चुके हैं।

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