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ईरान के राष्ट्रपति ने हिंदू संत के छुकर लिया आशीर्वाद! BRICS में फिर दिखा पेजेशकियान का खास अंदाज
BRICS Summit 2026: ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने हिंदू धर्मगुरु जगद्गुरु सतीशाचार्य के पैर छूकर आशीर्वाद लिया। वहीं UAE के क्राउन प्रिंस से अहम मुलाकात की।
BRICS Summit 2026: नई दिल्ली में आयोजित 18वें BRICS शिखर सम्मेलन के दौरान ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान का एक अलग अंदाज भी देखने को मिला। एक आध्यात्मिक कार्यक्रम में उन्होंने हिंदू धर्मगुरु जगद्गुरु सतीशाचार्य से मुलाकात की और झुककर उनके पैर छूकर आशीर्वाद लिया। इस मुलाकात का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
वायरल वीडियो में पेजेशकियान जगद्गुरु सतीशाचार्य से बातचीत करते दिखाई देते हैं। इसके बाद वह झुककर उनके पैर छूते हैं और आशीर्वाद लेते हैं। कार्यक्रम में धर्म संसद के अध्यक्ष महामंडलेश्वर गोस्वामी सुशील जी महाराज और पतंजलि योग पीठ के आचार्य बालकृष्ण भी मौजूद रहे।
कार्यक्रम के दौरान धर्म, मानवता और आध्यात्मिक मूल्यों पर चर्चा हुई। जगद्गुरु सतीशाचार्य ने सनातन धर्म के उस संदेश को सामने रखा जिसमें सभी प्राणियों के बीच सद्भाव और मानवता की भावना पर जोर दिया जाता है। उन्होंने कहा कि सनातन दुनिया को एक परिवार के रूप में देखने का संदेश देता है।
वहीं पेजेशकियान ने धर्म की भूमिका को मानवता और न्याय से जोड़ते हुए कहा कि धार्मिक शिक्षाओं का उद्देश्य मानवता की रक्षा और न्याय व्यवस्था की स्थापना होना चाहिए।
BRICS में ईरान-यूएई की अहम मुलाकात
पेजेशकियान की भारत यात्रा के दौरान एक और मुलाकात ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खासा ध्यान खींचा। BRICS सम्मेलन से इतर उन्होंने अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा की तथा तनाव कम करने, डी-एस्केलेशन और पश्चिम एशिया में स्थिरता मजबूत करने की जरूरत पर जोर दिया।
यह बैठक इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि हाल के महीनों में ईरान और यूएई के बीच तनाव बढ़ा है। ईरान द्वारा क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाए जाने की घटनाओं के बीच यूएई भी इस टकराव से प्रभावित रहा है। ऐसे माहौल में दोनों देशों के शीर्ष स्तर के नेताओं की यह मुलाकात संवाद बहाली का महत्वपूर्ण संकेत मानी जा रही है।
संयुक्त राष्ट्र ने भी इस बैठक का स्वागत किया है। UN प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने कहा कि संघर्ष की स्थिति में संबंधित पक्षों का मिलना और संवाद करना महत्वपूर्ण है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत क्षेत्रीय संवाद में पुल बनाने की भूमिका निभा सकता है।
मोदी-पेजेशकियान की भी हुई मुलाकात
BRICS के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी ईरानी राष्ट्रपति पेजेशकियान के साथ द्विपक्षीय बैठक की। दोनों नेताओं ने भारत-ईरान संबंधों और पश्चिम एशिया के हालात पर चर्चा की। मोदी ने स्पष्ट किया कि क्षेत्र की समस्याओं का समाधान बातचीत और कूटनीति के जरिए होना चाहिए। उन्होंने क्षेत्र में शांति और स्थिरता के साथ-साथ समुद्री मार्गों और व्यापार की सुरक्षा पर भी जोर दिया।
पेजेशकियान की भारत यात्रा ऐसे समय हुई है जब BRICS के भीतर पश्चिम एशिया का संकट प्रमुख मुद्दों में शामिल रहा। नई दिल्ली घोषणापत्र में भी पश्चिम एशिया की स्थिति को लेकर चिंता जताई गई और तनाव कम करने तथा कूटनीतिक समाधान की जरूरत पर जोर दिया गया।
इस तरह पेजेशकियान की भारत यात्रा केवल BRICS की औपचारिक भागीदारी तक सीमित नहीं रही। एक तरफ उनका हिंदू संत से मिलकर आशीर्वाद लेना धार्मिक-सांस्कृतिक स्तर पर चर्चा में रहा, तो दूसरी तरफ UAE के शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात ने पश्चिम एशिया की बदलती कूटनीति में भारत की भूमिका को भी रेखांकित किया।


