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ChatGPT से पहले IRCTC पर कन्फर्म तत्काल बुकिंग! अब बस एक Prompt से तिरुपति बुकिंग पर किया बड़ा दावा
GPT-6 Astra को लेकर वायरल वीडियो में दावा किया गया है कि AI ने TTD की वेबसाइट पर जाकर ठहरने की बुकिंग प्रक्रिया लगभग पूरी कर दी।
ChatGPT IRCTC Tatkal-TTD Booking: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI की बढ़ती ताकत एक बार फिर चर्चा के केंद्र में है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में दावा किया गया है कि OpenAI के एडवांस मॉडल GPT-6 Astra ने तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम यानी TTD की आधिकारिक बुकिंग वेबसाइट पर जाकर यूजर के लिए ठहरने की जगह बुक करने की प्रक्रिया लगभग पूरी कर दी। खास बात यह रही कि इस दौरान AI को किसी तरह की मानवीय मदद की जरूरत नहीं पड़ी।
यह वीडियो ऐसे समय में सामने आया है, जब कुछ समय पहले भी एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें GPT-6 Astra की मदद से IRCTC पर तत्काल टिकट बुक करने का दावा किया गया था। अब TTD की बुकिंग वेबसाइट पर AI के इस कथित टेस्ट ने एक बार फिर लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है।
टेक क्रिएटर ने किया AI की क्षमता का टेस्ट
इंस्टाग्राम यूजर टेक बाय पवन ने यह वीडियो शेयर किया है। वीडियो में उन्होंने यह दिखाने की कोशिश की कि क्या AI किसी भारी ट्रैफिक वाली वेबसाइट पर खुद जाकर बुकिंग की प्रक्रिया को पूरा कर सकता है।
वीडियो में टेक क्रिएटर Pavan ने TTD की वेबसाइट को इसके लिए चुना। उनके मुताबिक, TTD का ऑनलाइन पोर्टल काफी व्यस्त रहता है और दर्शन या ठहरने के स्लॉट खुलते ही वेबसाइट पर भारी ट्रैफिक आ जाता है। ऐसे में कई बार वेबसाइट के स्लो होने या हैंग होने की स्थिति भी बन जाती है। इसी वजह से यह टेस्ट AI की क्षमता को परखने के लिहाज से काफी दिलचस्प बताया जा रहा है।
सिर्फ एक प्रॉम्प्ट दिया और AI ने संभाल लिया काम
वीडियो में किए गए दावे के मुताबिक, Pavan ने AI को सिर्फ एक साधारण निर्देश दिया। इसमें 21 दिसंबर को तिरुपति दर्शन के लिए ठहरने की जगह बुक करने को कहा गया।
इसके बाद AI मॉडल ने कथित तौर पर खुद ही सेव किए गए लॉगिन डिटेल्स का इस्तेमाल किया और TTD की वेबसाइट पर आगे बढ़ा। AI ने वेबसाइट के अलग-अलग मेन्यू और तारीखों को नेविगेट किया और उपलब्ध विकल्पों में से आवास चुनने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई।
इसके बाद AI बुकिंग के अगले चरण तक पहुंच गया और पेमेंट पेज के गेटवे तक चला गया।
पेमेंट से पहले AI ने खुद रोक दी प्रक्रिया
इस पूरे टेस्ट में सबसे खास बात यह रही कि AI ने पेमेंट पूरा नहीं किया। वीडियो में बताया गया है कि पेमेंट पेज पर पहुंचने के बाद AI एजेंट खुद रुक गया।
इसके पीछे वजह यह बताई गई कि यूजर ने AI को पेमेंट से जुड़ी आगे की जानकारी नहीं दी थी। Pavan के अनुसार, सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उन्होंने AI एजेंट को अपनी बैंकिंग या किसी अन्य वित्तीय जानकारी का एक्सेस नहीं दिया था।
वीडियो में दिखाई दे रहे स्क्रीनशॉट में चैट इंटरफेस के ऊपर "GPT-6 Astra" का लेबल भी नजर आता है। AI को दिए गए निर्देश में TTD पोर्टल पर लॉगिन करने, सबसे उपयुक्त आवास चुनने और पेमेंट से ठीक पहले रुकने को कहा गया था।
यानी अंतिम फैसला और पेमेंट यूजर के हाथ में रखा गया, ताकि वह खुद क्रेडेंशियल्स और बुकिंग से जुड़ी जानकारी को जांचने के बाद आगे बढ़ सके।
वायरल वीडियो ने AI के भविष्य पर छेड़ी बहस
इस दावे के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर AI की क्षमता को लेकर नई बहस शुरू हो गई है। कई यूजर्स इसे ऐसे AI-पावर्ड डिजिटल असिस्टेंट की दिशा में बड़ा कदम मान रहे हैं, जो भविष्य में इंटरनेट पर इंसानों के लिए कई जटिल काम खुद कर सकेंगे।
अगर इस तरह की क्षमता आगे और विकसित होती है तो ऑनलाइन बुकिंग, वेबसाइट नेविगेशन और दूसरे लंबे या मुश्किल डिजिटल कामों को यूजर के लिए AI खुद संभाल सकता है। इससे लोगों को बार-बार वेबसाइट पर जाकर अलग-अलग विकल्प तलाशने की जरूरत कम हो सकती है।
हालांकि, इस पूरे मामले का दूसरा पहलू भी है। कुछ टेक एक्सपर्ट्स ने AI को निजी लॉगिन अकाउंट्स और पासवर्ड का एक्सेस देने को लेकर चिंता जताई है। ऐसे में सुविधा के साथ-साथ सुरक्षा और निजी जानकारी की हिफाजत भी एक अहम सवाल बनकर सामने आ रही है।


