ISRO के ‘निजीकरण’ पर घमासान, कांग्रेस के आरोपों पर BJP का करारा पलटवार, बोली- ‘विरासत का विस्तार’

ISRO के निजीकरण के आरोप पर कांग्रेस और BJP आमने-सामने हैं। जयराम रमेश के आरोपों पर BJP ने 440 स्पेस स्टार्टअप्स, 399 विदेशी सैटेलाइट लॉन्च समेत कई आंकड़े गिनाए।

Alakha Singh
Published on: 24 Aug 2026 8:43 PM IST (Updated on: 24 Aug 2026 8:46 PM IST)
ISRO के ‘निजीकरण’ पर घमासान, कांग्रेस के आरोपों पर BJP का करारा पलटवार, बोली- ‘विरासत का विस्तार’
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Congress vs BJP on ISRO Privatisation: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) को लेकर कांग्रेस और बीजेपी के बीच सियासी तकरार तेज हो गई है। कांग्रेस महासचिव (संचार प्रभारी) जयराम रमेश ने मोदी सरकार पर अंतरिक्ष क्षेत्र में “आक्रामक निजीकरण” की नीति अपनाने और ISRO को कमजोर करने का आरोप लगाया। इसके जवाब में बीजेपी ने कहा कि सरकार की नीतियों ने ISRO की विरासत को कमजोर नहीं, बल्कि उसे और व्यापक बनाया है।

बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता और राष्ट्रीय मीडिया सह-प्रभारी प्रदीप भंडारी ने कांग्रेस के आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा कि भारत का अंतरिक्ष कार्यक्रम पहले मुख्य रूप से सरकारी प्रयासों तक सीमित था, लेकिन अब ISRO, निजी कंपनियों, स्टार्टअप्स और निवेशकों को मिलाकर एक बड़ा स्पेस इकोसिस्टम बन रहा है।

भंडारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि यह ISRO की विरासत को कमजोर करना नहीं, बल्कि भारत की अंतरिक्ष महत्वाकांक्षा का विस्तार है।

‘नंबर बताते हैं कि अंतरिक्ष क्षेत्र कितना बढ़ा’

बीजेपी प्रवक्ता ने अपने दावे के समर्थन में कई आंकड़े सामने रखे। उनके मुताबिक, 2014 से पहले ISRO ने जहां 35 विदेशी सैटेलाइट लॉन्च किए थे, वहीं जनवरी 2026 तक यह संख्या बढ़कर 399 हो गई।

उन्होंने कहा कि 2014 में देश में महज एक स्पेस स्टार्टअप था, जबकि अगस्त 2026 तक इनकी संख्या करीब 440 पहुंच चुकी है। इसी तरह अंतरिक्ष क्षेत्र में निजी निवेश भी 2021-22 में 100.5 मिलियन डॉलर से बढ़कर मार्च 2026 तक 618.5 मिलियन डॉलर हो गया।



NSIL का राजस्व भी बढ़ा

भंडारी ने NewSpace India Limited (NSIL) के राजस्व में हुई वृद्धि का भी उल्लेख किया। उनके मुताबिक NSIL का राजस्व 2021-22 में 321.77 करोड़ रुपये था, जो 2024-25 में बढ़कर करीब 3,000 करोड़ रुपये पहुंच गया।

बीजेपी ने इसे अंतरिक्ष क्षेत्र में व्यावसायिक गतिविधियों और निजी भागीदारी बढ़ने का संकेत बताया।

ISRO के साथ निजी कंपनियों की भूमिका बढ़ी

भंडारी ने कहा कि अंतरिक्ष क्षेत्र को निजी कंपनियों के लिए खोलने से अब कंपनियां सिर्फ ISRO की सप्लायर नहीं रह गई हैं, बल्कि रॉकेट, सैटेलाइट और पूरे स्पेस सिस्टम विकसित करने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।

उन्होंने चंद्रयान-3 की चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुवीय क्षेत्र के पास सफल सॉफ्ट लैंडिंग, LVM3 और SSLV जैसे लॉन्च व्हीकल के विकास को भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम की प्रमुख उपलब्धियों में गिनाया।

उन्होंने निजी क्षेत्र की कंपनी Skyroot Aerospace के Vikram-1 का जुलाई 2026 में ऑर्बिट तक पहुंचना भी नए दौर का उदाहरण बताया। बीजेपी के मुताबिक यह भारत में निजी तौर पर विकसित ऑर्बिटल रॉकेट के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

जयराम रमेश ने क्या कहा था?

कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने हालिया रिपोर्टों का हवाला देते हुए ISRO की भविष्य की भूमिका को लेकर चिंता जताई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार अंतरिक्ष क्षेत्र में “आक्रामक निजीकरण एजेंडा” आगे बढ़ा रही है, जैसा कि कांग्रेस के मुताबिक परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में भी किया जा रहा है।

रमेश ने कहा था कि छह दशक से अधिक समय में ISRO ने जो तकनीकी और वैज्ञानिक क्षमताएं विकसित की हैं, उन्हें देखते हुए संगठन की भविष्य की भूमिका को लेकर उठ रहे सवालों पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।

बीजेपी ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि निजी क्षेत्र की बढ़ती भागीदारी ISRO की भूमिका खत्म करने के बजाय भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम को बड़े स्तर पर ले जाने की कोशिश है।

‘ISRO की विरासत पर खड़ा हो रहा नया स्पेस इकोसिस्टम’

भंडारी ने कहा कि ISRO ने दशकों तक भारत को मजबूत तकनीकी आधार दिया और अब सरकार के सुधारों का उद्देश्य उसी नींव पर निजी उद्योग, स्टार्टअप्स और निवेश को जोड़ना है।

उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि भारत की अंतरिक्ष यात्रा के आंकड़े खुद बताते हैं कि क्षेत्र में कितना विस्तार हुआ है। बीजेपी का तर्क है कि सरकार का मॉडल ISRO बनाम निजी क्षेत्र का नहीं, बल्कि ISRO + निजी उद्योग + स्टार्टअप्स के संयुक्त स्पेस इकोसिस्टम का है।

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Alakha Singh is a journalist with having more than one decade of experience in digital media. Alakha Singh has covered Loksabha Elections 2014 and 2019 closely with the several state assembly elections. He has expertise in SEO oriented content writing on various topics and issues. At HT Digital Alakha Singh has been recognised as one of the top performer of the team for many years continuously. Earlier he worked with HT Digital for more than 8 years and 2.5 years with Amar Ujala web. In initial days of his career Alakha Singh also worked as a reporter (stringer) with NBT Gurgaon. He pursued P.G. Diploma from South Campus, University of Delhi in 2013 and MAMC from Kurukshetra University in 2014. He Belongs to District Banda of Uttar Pradesh.

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