Jaipur Noorani Masjid: जयपुर में JDA का एक्शन शुरू! नूरानी मस्जिद पर चला बुलडोजर, 3 हजार जवान तैनात

Jaipur Noorani Masjid Demolition: जयपुर के नंदपुरी में जेडीए ने भारी पुलिस बल के साथ मालवीय नगर-जगतपुरा रोड चौड़ीकरण के रास्ते में आ रही नूरानी मस्जिद समेत 5 धार्मिक स्थलों को हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी है। कांग्रेस विधायक रफीक खान ने इस पर सवाल उठाए हैं, जबकि सुरक्षा के लिहाज से इंटरनेट बंद कर दिया गया है।

Harsh Srivastava
Published on: 8 Jun 2026 10:09 AM IST (Updated on: 8 Jun 2026 10:09 AM IST)
Jaipur Noorani Masjid: जयपुर में JDA का एक्शन शुरू! नूरानी मस्जिद पर चला बुलडोजर, 3 हजार जवान तैनात
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Jaipur Noorani Masjid Demolition: राजस्थान की राजधानी जयपुर में सोमवार की सुबह एक बहुत बड़ी और संवेदनशील प्रशासनिक कार्रवाई के साथ शुरू हुई है। जयपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) की टीम ने भारी सुरक्षा बल के साथ नंदपुरी इलाके में पहुंचकर सड़क चौड़ीकरण के रास्ते में आ रहे धार्मिक स्थलों को हटाने का काम शुरू कर दिया है। ताजा जानकारी के मुताबिक, इस अभियान के तहत सबसे पहले नूरानी मस्जिद को पूरी तरह सील कर दिया गया और उसके बाद उसे ढहाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। इस बड़ी कार्रवाई के दौरान शहर की कानून व्यवस्था पूरी तरह काबू में रहे, इसके लिए प्रशासन ने पहले ही सुरक्षा के ऐसे चक्रव्यूह तैयार कर लिए हैं कि परिंदा भी पर न मार सके।

मुस्लिम बहुल इलाकों में फ्लैग मार्च और कड़ा पहरा

इस संवेदनशील अतिक्रमण विरोधी अभियान को देखते हुए प्रशासन ने जयपुर के ज्यादातर थानों और क्षेत्रों में मोबाइल इंटरनेट सेवाओं को पूरी तरह बंद कर दिया है। इसके साथ ही, सुरक्षा के लिहाज से शहर के मुस्लिम बहुल इलाकों में पुलिस के आला अधिकारियों की मौजूदगी में फ्लैग मार्च निकाला गया। पूरे क्षेत्र को इस समय छावनी के रूप में तब्दील कर दिया गया है। जेडीए और जिला प्रशासन ने मिलकर इस पूरे ऑपरेशन की कमान अपने हाथों में ले ली है। माहौल को बिगड़ने से बचाने के लिए प्रशासन ने आम जनता से यह पुरजोर अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाह पर बिल्कुल भरोसा न करें और इलाके में अमन-चैन बनाए रखने में सरकार की मदद करें।

सोशल मीडिया पर खिंचाव के बाद जागा प्रशासन

बताया जा रहा है कि गुलाबी नगरी के मालवीय नगर से जगतपुरा को जोड़ने वाले मुख्य मार्ग को चौड़ा करने का काम पिछले काफी समय से चल रहा था। पिछले कई दिनों से सड़क के बाकी हिस्सों को तो चौड़ा किया जा रहा था, लेकिन इस मस्जिद को अब तक छुआ नहीं गया था। इस बात को लेकर इंटरनेट और सोशल मीडिया पर लोग लगातार सत्तारूढ़ बीजेपी सरकार के खिलाफ तरह-तरह की बातें और पोस्ट साझा कर रहे थे। सोशल मीडिया पर बढ़ते इस दबाव और खिंचाव को देखते हुए जेडीए ने कानूनी प्रक्रिया पूरी की और इस ढांचे को हटाने की अपनी अंतिम तैयारी को अमली जामा पहना दिया।

सड़क चौड़ी करने के लिए टूटेंगे 5 धार्मिक स्थल

प्रशासनिक अधिकारियों ने इस मामले पर स्थिति साफ करते हुए बताया कि नंदपुरी अंडरपास के पास रेलवे लाइन के साथ चलने वाली इस महत्वपूर्ण सड़क को वर्तमान के 25-30 फीट से बढ़ाकर 80 फीट चौड़ा किया जाना है। इस विकास कार्य के रास्ते में कुल पांच अलग-अलग धार्मिक ढांचे आ रहे हैं। इनमें एक मस्जिद के अलावा दो मंदिर, एक सत्संग भवन और एक पुरानी मजार शामिल है। ये सभी स्थल सड़क की आधिकारिक सीमा के भीतर बने हुए हैं, जिन्हें हटाना यातायात के लिहाज से बेहद जरूरी हो गया था। पुलिस कमिश्नर सचिन मित्तल ने सख्त लहजे में चेतावनी दी है कि इस कार्रवाई के दौरान यदि किसी ने भी भड़काऊ वीडियो या झूठी खबरें फैलाकर माहौल खराब करने की कोशिश की, तो उसे किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

राजनीतिक गलियारों में मची हलचल

इस महा-अभियान को शांतिपूर्ण ढंग से पूरा कराने के लिए जमीन पर 50 से ज्यादा प्रशासनिक अधिकारियों के साथ 3,000 से अधिक पुलिस के जवान चप्पे-चप्पे पर मुस्तैद हैं। वहीं दूसरी तरफ, इस कार्रवाई को लेकर अब सूबे की राजनीति भी पूरी तरह गरमा गई है। मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस के विधायक रफीक खान ने प्रशासन के इस कदम पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। उनका दावा है कि जिस नूरानी मस्जिद को अवैध बताकर गिराया जा रहा है, वह असल में पूरी तरह से टाउन प्लानिंग के नियमों और बिल्डिंग बायलॉज के तहत ही बनाई गई थी। विपक्ष के इन आरोपों के बीच प्रशासन बिना रुके अपनी कार्रवाई को आगे बढ़ा रहा है।

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हर्ष श्रीवास्तव वाराणसी के रहने वाले पत्रकार और डिजिटल कंटेंट प्रोफेशनल हैं। वर्तमान में वे लखनऊ स्थित न्यूज़ट्रैक में डेस्क इंचार्ज के पद पर कार्यरत हैं। यहां वे कंटेंट प्लानिंग, एडिटोरियल कोऑर्डिनेशन, न्यूज़रूम संचालन के साथ-साथ रिसर्च आधारित एक्सप्लेनर, न्यूज़ फीचर और विश्लेषणात्मक लेख तैयार करते हैं। उनके पास मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (MJMC) की डिग्री है। उन्होंने वर्ष 2023 में पत्रकारिता की शुरुआत की और हिन्दुस्तान, टाइम्स इंटरनेट, इंडिया न्यूज़ जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है। वाराणसी, दिल्ली और लखनऊ में काम करने के दौरान उन्हें रिपोर्टिंग, कंटेंट राइटिंग और डिजिटल पत्रकारिता का अनुभव प्राप्त हुआ। हर्ष की विशेष रुचि राजनीति, चुनाव, अपराध, सार्वजनिक नीति, सुशासन और समसामयिक विषयों पर शोध-आधारित पत्रकारिता में है। वे गहन रिसर्च, फैक्ट-चेकिंग और सरल भाषा के माध्यम से जटिल विषयों को पाठकों तक सटीक, विश्वसनीय और प्रभावी ढंग से पहुंचाने का प्रयास करते हैं।

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