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‘मेरा बच्चा तो चला गया, अब...' जयपुर में प्रिंस की मौत पर बिलख पड़ी मां, कैंडल लेकर सड़क पर उतरे लोग
Jaipur Prince Soni Death Case: जयपुर के महाराणा प्रताप स्कूल में 12वीं के छात्र प्रिंस सोनी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद परिवार और स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। परिजनों ने स्कूल कैंटीन की पेटीज खाने के बाद तबीयत बिगड़ने का आरोप लगाया है।
Jaipur Prince Soni Death Case: राजस्थान की राजधानी जयपुर स्थित महाराणा प्रताप स्कूल में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। 12वीं कक्षा में पढ़ने वाले होनहार छात्र प्रिंस सोनी की अचानक संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। इस दुखद खबर के सामने आते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा और पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। एक ही पल में हंसते-खेलते बच्चे की जान चले जाने से स्थानीय निवासियों में स्कूल प्रशासन के खिलाफ भारी गुस्सा पनप रहा है।
'कैंटीन की पेटीज खाते ही बिगड़ी तबीयत'
पीड़ित परिवार ने स्कूल प्रबंधन और कैंटीन पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों का कहना है कि प्रिंस ने स्कूल की कैंटीन से पेटीज खरीदकर खाई थी। इसके तुरंत बाद ही उसकी तबीयत तेजी से बिगड़ने लगी और देखते ही देखते उसकी हालत अत्यंत नाजुक हो गई। जब तक उसे संभालकर सही इलाज मिल पाता, तब तक उसने दम तोड़ दिया। परिवार का साफ कहना है कि पेटीज में कुछ खराबी थी, जिसकी वजह से उनके बेटे की जान गई।
हाथों में मोमबत्तियां लेकर निकलीं महिलाएं और युवा
प्रिंस सोनी को श्रद्धांजलि देने के बाद सैकड़ों की संख्या में स्थानीय लोग और युवा सड़कों पर उतर आए। आक्रोशित भीड़ ने हाथों में जलती हुई मोमबत्तियां थामकर स्कूल परिसर तक विशाल कैंडल मार्च निकाला। इस दौरान हवा में 'प्रिंस को न्याय दो' के नारे गूंजते रहे। लोगों का कहना था कि जब तक मासूम छात्र की मौत के पीछे का असली सच बाहर नहीं आ जाता और दोषियों की पहचान नहीं हो जाती, तब तक यह आंदोलन शांत नहीं होगा।
स्कूल प्रशासन की लापरवाही पर उठे कड़े सवाल
कैंडल मार्च के दौरान लोगों ने स्कूल प्रशासन के खिलाफ भी जमकर भड़ास निकाली। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि बच्चों की सुरक्षा और कैंटीन में बिकने वाले खाने की गुणवत्ता पर ध्यान नहीं दिया जाता। अगर खाने की चीजों की समय-समय पर जांच होती, तो आज एक मासूम की जान बच सकती थी। परिजनों ने मांग उठाई है कि कैंटीन ठेकेदार और लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदारों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।
निष्पक्ष जांच की मांग, रिपोर्ट आने का इंतजार
छात्र की मौत का असली कारण क्या था, यह तो पोस्टमार्टम और विस्तृत फॉरेंसिक जांच रिपोर्ट आने के बाद ही पूरी तरह साफ हो सकेगा। हालांकि, परिजनों के आरोपों के आधार पर पुलिस और संबंधित विभाग ने मामले की बारीकी से छानबीन शुरू कर दी है। स्थानीय प्रशासन पर भी जल्द से जल्द जांच पूरी कर सच सामने लाने का भारी दबाव बन चुका है।
जब तक न्याय नहीं, तब तक शांत नहीं बैठेंगे लोग
प्रिंस की अचानक मौत ने जयपुर के इस इलाके को झकझोर कर रख दिया है। श्रद्धांजलि सभा से शुरू हुआ यह विरोध प्रदर्शन अब एक बड़े जनआंदोलन की शक्ल लेता जा रहा है। परिजनों और क्षेत्रवासियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि वे पीछे हटने वाले नहीं हैं। अगर निष्पक्ष जांच कर दोषियों को सजा नहीं दी गई, तो आने वाले दिनों में यह विरोध और अधिक उग्र रूप ले सकता है। फिलहाल पूरा इलाका जांच के नतीजों की प्रतीक्षा कर रहा है।


