TRENDING TAGS :
Jamui Viral Video: नाबालिग छात्रा से बदसलूकी का वीडियो वायरल, 7 आरोपी चिन्हित, 3 गिरफ्तार
Jamui Viral Video: बिहार के जमुई में नाबालिग छात्रा से कथित बदसलूकी का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने 7 आरोपियों की पहचान कर 3 को गिरफ्तार किया। राहुल गांधी समेत विपक्षी दलों ने घटना पर सवाल उठाए।
Jamui viral video: बिहार के जमुई में नाबालिग छात्र-छात्रा के साथ कथित बदसलूकी और छेड़छाड़ का वीडियो वायरल होने के बाद हड़कंप मच गया है। घटना 19 सितंबर की शाम की बताई जा रही है। पुलिस ने मामले में अब तक सात लोगों की पहचान की है, जबकि तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस के मुताबिक पीड़ित छात्र और छात्रा दोनों नाबालिग हैं और कोचिंग से लौट रहे थे।
कोचिंग से लौट रहे थे छात्र-छात्रा, रास्ते में रोका
जानकारी के मुताबिक, जमुई में 19 सितंबर की शाम एक नाबालिग छात्र और छात्रा दोपहिया वाहन से लौट रहे थे। इसी दौरान कुछ युवकों ने उन्हें रास्ते में रोक लिया। वायरल वीडियो में कई लोग दोनों को घेरकर उनसे पूछताछ और बदसलूकी करते दिखाई दे रहे हैं।
वीडियो के कुछ हिस्सों में छात्र को परेशान किए जाने और छात्रा के साथ कथित तौर पर आपत्तिजनक तरीके से छूने तथा खींचने के दृश्य दिखाई देते हैं। दोनों को छोड़ देने की गुहार लगाते हुए भी देखा जा सकता है। पुलिस ने वायरल वीडियो के आधार पर मामले की जांच शुरू की।
गाड़ी के नंबर से पुलिस पीड़ितों तक पहुंची
जमुई के पुलिस अधीक्षक विश्वजीत दयाल के अनुसार, वीडियो में दिखाई दे रहे वाहन के रजिस्ट्रेशन नंबर की मदद से पुलिस पीड़ितों तक पहुंची। पुलिस ने दोनों के बयान दर्ज किए और वीडियो के आधार पर आरोपियों की पहचान की प्रक्रिया आगे बढ़ाई।
पुलिस के मुताबिक शुरुआत में पीड़ितों की ओर से तत्काल शिकायत नहीं की गई थी। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने स्वतः संज्ञान लेते हुए जांच तेज की।
7 आरोपी चिन्हित, 3 गिरफ्तार
पुलिस ने वीडियो और पीड़ितों के बयान के आधार पर करीब सात लोगों की पहचान की है। इनमें से तीन को गिरफ्तार किया जा चुका है। अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए भी कार्रवाई जारी है।
मामले में POCSO Act के तहत कार्रवाई की गई है, क्योंकि पीड़ित छात्रा नाबालिग है। पुलिस घटना से जुड़े वीडियो और अन्य साक्ष्यों की भी जांच कर रही है।
राष्ट्रीय महिला आयोग ने मांगी रिपोर्ट
मामले ने राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी प्रतिक्रिया पैदा की है। राष्ट्रीय महिला आयोग ने घटना का संज्ञान लेते हुए बिहार के DGP से रिपोर्ट मांगी है। आयोग की ओर से वायरल वीडियो के प्रसार को रोकने और मामले में कार्रवाई सुनिश्चित करने को लेकर भी निर्देश दिए जाने की जानकारी सामने आई है।
राहुल गांधी ने साधा निशाना, कहा- 'अंधभक्त इसे सामान्य घटना बताएंगे'
कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने जमुई की घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए इसे बेहद चिंताजनक बताया। उन्होंने बिहार सरकार से सवाल किया कि आखिर सार्वजनिक सड़क पर एक लड़की की सुरक्षा को लेकर ऐसी स्थिति क्यों बनी।
राहुल गांधी ने अपने बयान में कहा कि यह संस्कृति नहीं बल्कि पितृसत्तात्मक मानसिकता है। उन्होंने आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ POCSO के तहत कार्रवाई करने की मांग की। अपने बयान में उन्होंने 'अंधभक्त' शब्द का भी इस्तेमाल किया और ऐसी मानसिकता को सामान्य बनाए जाने का आरोप लगाया।
राहुल गांधी ने यह भी सवाल उठाया कि अगर घटना 19 सितंबर को हुई थी तो आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई में देरी क्यों हुई। हालांकि पुलिस का कहना है कि पीड़ितों ने घटना के बाद तत्काल शिकायत नहीं की थी और वायरल वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने पीड़ितों का पता लगाकर जांच आगे बढ़ाई।
AAP और TMC ने भी उठाए सवाल
आम आदमी पार्टी ने भी वायरल वीडियो को लेकर बिहार सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा और 'बेटी बचाओ' के नारे का उल्लेख करते हुए सवाल उठाए।
तृणमूल कांग्रेस ने घटना की निंदा करते हुए कहा कि किसी व्यक्ति को किसी महिला के शरीर को उसकी सहमति के बिना छूने या उसके साथ बदसलूकी करने का अधिकार नहीं है। पार्टी ने दोषियों के खिलाफ कानून के तहत सख्त कार्रवाई की मांग की।
वीडियो के बाद तेज हुई पुलिस कार्रवाई
जमुई की घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद मामले ने तेजी से तूल पकड़ा। पुलिस ने वीडियो में दिख रहे लोगों की पहचान के लिए तकनीकी और प्रत्यक्ष साक्ष्यों का इस्तेमाल किया। अब तक सात लोगों की पहचान और तीन गिरफ्तारियों के बाद पुलिस बाकी आरोपियों तक पहुंचने में जुटी है।
फिलहाल जांच जारी है और पुलिस की ओर से आरोपियों के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। पीड़ितों की पहचान और उनकी निजता से जुड़ी जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है।


