राहुल गांधी की जिद के बाद जंतर-मंतर ‘पैलेट गन’ पर FIR, जानिए रिपोर्ट में क्या-क्या लिखा है

Jantar Mantar Pellet Gun FIR: राहुल गांधी के धरने के बाद दिल्ली पुलिस ने छात्र साहिल की शिकायत पर FIR दर्ज की। जानिए FIR में 20 जुलाई की घटना, पैलेट गन और 200 से ज्यादा छर्रों को लेकर क्या लिखा है।

Alakha Singh
Published on: 21 Aug 2026 10:56 PM IST (Updated on: 21 Aug 2026 11:00 PM IST)
राहुल गांधी की जिद के बाद जंतर-मंतर ‘पैलेट गन’ पर FIR, जानिए रिपोर्ट में क्या-क्या लिखा है
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Delhi Police Pellet Gun FIR Details: जंतर-मंतर पर 20 जुलाई को छात्र प्रदर्शन के दौरान कथित तौर पर पैलेट गन से घायल हुए 20 वर्षीय छात्र साहिल के मामले में आखिरकार दिल्ली पुलिस ने FIR दर्ज कर ली है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस नेताओं के संसद मार्ग थाने के बाहर धरने के बाद यह मामला एक बार फिर राजनीतिक और कानूनी बहस के केंद्र में आ गया। पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 118(1) और 125 के तहत केस दर्ज किया है।

FIR के मुताबिक, छात्र ने आरोप लगाया है कि 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर लाठीचार्ज और भगदड़ के दौरान नीली पोशाक पहने एक व्यक्ति ने उस पर धातु के छर्रे यानी मेटल पैलेट चलाए। छात्र का दावा है कि इस घटना में उसकी दाहिनी आंख की रोशनी चली गई और उसके शरीर में 200 से ज्यादा पैलेट धंसे हुए हैं।

21 अगस्त को दर्ज हुई FIR

संसद मार्ग पुलिस स्टेशन में दर्ज FIR नंबर 0085 के मुताबिक, मामला 21 अगस्त 2026 को शाम 6:09 बजे दर्ज किया गया। FIR में घटना की तारीख 20 जुलाई 2026 बताई गई है और घटना का समय दोपहर 12 बजे से शाम 5 बजे के बीच दर्ज है। घटनास्थल जंतर-मंतर, नई दिल्ली बताया गया है।

शिकायतकर्ता 20 वर्षीय साहिल है, जो दिल्ली विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग (SOL) का छात्र और दिल्ली के नजफगढ़ का रहने वाला बताया गया है। मामले में आरोपी के तौर पर फिलहाल अज्ञात व्यक्ति का नाम दर्ज है।

एफआईआर में क्‍या लिखा गया है?

प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR No. 0085) के मुताबिक यह मामला नई दिल्‍ली जिले के संसद मार्ग पुलिस स्टेशन में 21 अगस्त 2026 को शाम 18:09 बजे दर्ज किया गया है।

घटना की तारीख और समय: 20 जुलाई 2026, दोपहर 12:00 बजे से शाम 17:00 बजे के बीच।

घटना का स्थान: जंतर-मंतर, नई दिल्ली।

शिकायतकर्ता का विवरण: 20 वर्षीय साहिल (पुत्र दीपक), जो दिल्ली विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग (SOL) का छात्र है और नजफगढ़, दिल्ली का निवासी है।

आरोपी: अज्ञात व्यक्ति।

किन धाराओं में दर्ज हुआ केस?

दिल्ली पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ BNS की दो धाराओं में मामला दर्ज किया है:

धारा 118(1): खतरनाक हथियार या साधन से जानबूझकर चोट या गंभीर चोट पहुंचाने से संबंधित प्रावधान।

धारा 125: ऐसा कृत्य जिससे किसी व्यक्ति के जीवन या व्यक्तिगत सुरक्षा को खतरा पैदा हो।

पीड़ित ने अपनी शिकायत में कहा कि चार हफ्ते बीत जाने के बाद भी उसकी एफआईआर दर्ज नहीं की गई थी। उसे पुलिस स्टेशन के चक्कर काटने पड़े। राहुल गांधी के हस्तक्षेप और थाने के बाहर धरने पर बैठने के बाद संसद मार्ग थाने के ड्यूटी ऑफिसर ने मामले में संज्ञान लेते हुए उप-निरीक्षक (SI) मोहित वर्मा को जांच अधिकारी (I.O.) नियुक्त कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

साहिल ने शिकायत में क्या आरोप लगाया?

शिकायत के अनुसार, साहिल 20 जुलाई को NEET पेपर लीक और परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ जंतर-मंतर पर आयोजित छात्र प्रदर्शन में शामिल होने पहुंचा था।

उसके मुताबिक, दोपहर में प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई, लाठीचार्ज और भगदड़ की स्थिति बनी। वह भीड़ के साथ कनॉट प्लेस की तरफ बढ़ रहा था। उसके हाथ में तिरंगा था।

साहिल का आरोप है कि इसी दौरान आंसू गैस और लाठीचार्ज के बीच नीली पोशाक पहने एक अज्ञात व्यक्ति ने बड़ी बंदूक से उस पर मेटल पैलेट चलाए। शिकायत में दावा किया गया है कि उस पर चार से पांच बार पैलेट चलाए गए।

चेहरे, आंख और छाती में धंसे छर्रे

शिकायत के मुताबिक, पैलेट लगने के बाद साहिल के चेहरे, आंख, हाथ और छाती से खून निकलने लगा। उसकी दाहिनी आंख की रोशनी पूरी तरह चली गई।

घायल होने के बाद उसे पहले सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया और बाद में AIIMS के आरपी सेंटर और ट्रॉमा सेंटर में इलाज कराया गया।

आंख की रोशनी वापस आने की संभावना बेहद कम होने का दावा

शिकायत में डॉक्टरों के हवाले से यह भी कहा गया है कि दाहिनी आंख के गड्ढे में गहराई तक धंसा एक पैलेट नस के बेहद करीब है। इसलिए उसे निकालना संभव नहीं बताया गया है।

छात्र की शिकायत के मुताबिक, डॉक्टरों ने उसकी दाहिनी आंख की रोशनी वापस आने की संभावना एक प्रतिशत से भी कम बताई है।

साहिल के अनुसार, 22 जुलाई को उसकी आंख का पहला ऑपरेशन हुआ। इसके बाद हुए CT Scan में उसके शरीर के अलग-अलग हिस्सों में 200 से ज्यादा धातु के छर्रे होने की बात सामने आई। शिकायत में कहा गया है कि पैलेट आंख, गर्दन, छाती, जबड़े और बाजू समेत शरीर के कई हिस्सों में फंसे हैं।

चार हफ्ते तक FIR नहीं होने का आरोप

साहिल ने अपनी शिकायत में दावा किया कि घटना के करीब चार सप्ताह बीत जाने के बावजूद उसकी FIR दर्ज नहीं की गई। उसने आरोप लगाया कि इस दौरान उसे पुलिस स्टेशन के चक्कर लगाने पड़े।

मामले ने 21 अगस्त को उस वक्त बड़ा राजनीतिक रूप ले लिया, जब राहुल गांधी और कांग्रेस नेताओं ने संसद मार्ग पुलिस स्टेशन के बाहर धरना दिया और पैलेट गन मामले में FIR दर्ज करने की मांग की।

इसके बाद पुलिस ने शिकायत पर मामला दर्ज किया और SI मोहित वर्मा को जांच अधिकारी (IO) नियुक्त किया है।

अब जांच का सबसे अहम सवाल यह होगा कि प्रदर्शन के दौरान कथित तौर पर पैलेट गन चलाने वाला व्यक्ति कौन था और उसने किस हथियार का इस्तेमाल किया था। पुलिस को शिकायत में लगाए गए आरोपों के साथ-साथ घटनास्थल के वीडियो, CCTV फुटेज, मेडिकल रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों की जांच करनी होगी।

फिलहाल FIR में आरोपी का नाम दर्ज नहीं है। इसलिए छात्र द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि पैलेट किसने चलाए और घटना की वास्तविक परिस्थितियां क्या थीं।

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Alakha Singh is a journalist with having more than one decade of experience in digital media. Alakha Singh has covered Loksabha Elections 2014 and 2019 closely with the several state assembly elections. He has expertise in SEO oriented content writing on various topics and issues. At HT Digital Alakha Singh has been recognised as one of the top performer of the team for many years continuously. Earlier he worked with HT Digital for more than 8 years and 2.5 years with Amar Ujala web. In initial days of his career Alakha Singh also worked as a reporter (stringer) with NBT Gurgaon. He pursued P.G. Diploma from South Campus, University of Delhi in 2013 and MAMC from Kurukshetra University in 2014. He Belongs to District Banda of Uttar Pradesh.

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