झारखंड में नक्सलियों के मौत का तांडव! पूरी टोली घेर जवानों ने बरसाई गोलियां, 36 घंटे में 21 ढेर

Jharkhand Naxal encounter Anil Da killed: झारखंड के सारंडा जंगल में 36 घंटे चले एनकाउंटर में 21 नक्सली ढेर, करोड़ों का इनामी कमांडर 'अनल दा' भी मारा गया। सुरक्षाबलों की ये बड़ी कार्रवाई नक्सलवाद पर गंभीर चोट मानी जा रही है।

Harsh Srivastava
Published on: 23 Jan 2026 3:10 PM IST
झारखंड में नक्सलियों के मौत का तांडव! पूरी टोली घेर जवानों ने बरसाई गोलियां, 36 घंटे में 21 ढेर
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Jharkhand Naxal encounter Anil Da killed: झारखंड के पश्चिम सिंहभूम जिले से एक ऐसी खबर आई है जिसने नक्सलियों की कमर तोड़ दी है और पूरे देश के सुरक्षा गलियारों में हलचल मचा दी है। एशिया के सबसे घने जंगलों में से एक 'सारंडा' के भीतर पिछले 36 घंटों से मौत का तांडव चल रहा है। सुरक्षाबलों ने नक्सलियों के उस अभेद्य किले को ध्वस्त कर दिया है जिसे वे अपना सबसे सुरक्षित ठिकाना मानते थे। इस महामुठभेड़ में अब तक 21 खूंखार नक्सलियों के मारे जाने की पुष्टि हो चुकी है, जिनमें नक्सलियों का सबसे बड़ा चेहरा और करोड़ों का इनामी कमांडर भी शामिल है। यह ऑपरेशन इतना सटीक था कि नक्सलियों को संभलने तक का मौका नहीं मिला और अब सारंडा की पहाड़ियां उनके खून से लाल हो चुकी हैं।

सुरक्षाबलों का चक्रव्यूह और अनल दा का अंत

इस पूरे ऑपरेशन की सबसे बड़ी कामयाबी है खूंखार नक्सली नेता पतिराम मांझी उर्फ 'अनल दा' का खात्मा। अनल दा कोई मामूली नक्सली नहीं था, बल्कि वह आतंक का दूसरा नाम बन चुका था। उस पर झारखंड सरकार ने 1 करोड़ रुपये, ओडिशा सरकार ने 1.2 करोड़ रुपये और एनआईए (NIA) ने 15 लाख रुपये का भारी-भरकम इनाम रखा था। यानी कुल मिलाकर 2 करोड़ 35 लाख रुपये की कीमत वाला यह सिरफिरा कमांडर 25 लड़ाकों के साथ घने जंगलों में छिपा हुआ था। सीआरपीएफ (CRPF) और झारखंड पुलिस ने एक खुफिया सूचना के आधार पर ऐसा चक्रव्यूह रचा कि अनल दा अपने साथियों समेत उसमें फंस गया। गुरुवार को सुरक्षाबलों ने 15 नक्सलियों को मार गिराया था, जबकि शुक्रवार सुबह 6 और शव बरामद किए गए हैं।

36 घंटे तक गूँजी गोलियां

सारंडा के जंगलों में यह मुठभेड़ गुरुवार को शुरू हुई थी। सुरक्षाबलों की संयुक्त टीम जब जंगल के भीतर दाखिल हुई, तो पहले से घात लगाकर बैठे नक्सलियों ने उन पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। लेकिन इस बार जवान पूरी तैयारी के साथ आए थे। जैसे ही नक्सलियों की ओर से गोलियां चलीं, सुरक्षाबलों ने मोर्चा संभाला और जवाबी कार्रवाई से नक्सलियों के कैंप में खलबली मचा दी। घने पेड़ों और दुर्गम पहाड़ियों के बीच 36 घंटों तक रुक-रुक कर गोलियां चलती रहीं। सुरक्षाबलों ने पूरे इलाके को चारों तरफ से घेर लिया था ताकि एक भी नक्सली भागने न पाए। इस कार्रवाई में अनल दा समेत उसके कोर ग्रुप के लगभग सभी लड़ाके मौत के घाट उतार दिए गए।

नक्सलवाद पर अब तक की सबसे बड़ी चोट

नक्सली अनल दा के मारे जाने को झारखंड और आसपास के राज्यों में नक्सलवाद के खात्मे की दिशा में अंतिम प्रहार माना जा रहा है। अनल दा न केवल योजना बनाने में माहिर था, बल्कि वह नए लड़कों को संगठन में भर्ती करने का मुख्य जरिया भी था। उसके मारे जाने से नक्सलियों का सूचना तंत्र और सप्लाई चेन पूरी तरह टूट गई है। पुलिस अधीक्षक और सीआरपीएफ के अधिकारियों ने बताया कि मुठभेड़ स्थल से भारी मात्रा में अत्याधुनिक हथियार, विस्फोटक और दैनिक उपयोग का सामान बरामद हुआ है। फिलहाल इलाके में सर्च ऑपरेशन अभी भी जारी है क्योंकि पुलिस को शक है कि कुछ और नक्सली घायल अवस्था में झाड़ियों में छिपे हो सकते हैं।

Harsh Srivastava
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Hi! I am Harsh Srivastava, currently working as a Content Writer and News Coordinator at Newstrack. I oversee content planning, coordination, and contribute with in-depth articles and news features, especially focusing on politics and crime. I started my journey in journalism in 2023 and have worked with leading publications such as Hindustan, Times of India, and India News, gaining experience across cities including Varanasi, Delhi and Lucknow. My work revolves around curating timely news, in- depth research, and delivering engaging content to keep readers informed and connected.

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