Rajya Sabha Cross Voting: झारखंड में बड़ा खेला! राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग, कांग्रेस हारी, NDA के परिमल नथवानी जीते

Rajya Sabha Cross Voting: नाथवानी की जीत को एनडीए के लिए बड़ी राजनीतिक उपलब्धि माना जा रहा है। विधानसभा में अपेक्षाकृत कम संख्या बल होने के बावजूद उन्होंने जीत दर्ज कर सभी को चौंका दिया। वहीं, इस परिणाम ने कांग्रेस उम्मीदवार और INDIA गठबंधन को बड़ा झटका दिया है, जिससे विपक्षी खेमे की रणनीति पर भी सवाल खड़े हो गए हैं।

Shivam Shrivastava
Published on: 18 Jun 2026 6:40 PM IST (Updated on: 18 Jun 2026 6:41 PM IST)
Rajya Sabha Cross Voting:  झारखंड में बड़ा खेला! राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग, कांग्रेस हारी, NDA के परिमल नथवानी जीते
X

Rajya Sabha Cross Voting: झारखंड में राज्यसभा चुनाव के नतीजे सामने आ चुके हैं। दो सीटों के लिए हुए इस बेहद अहम चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नथवानी और झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के बैद्यनाथ राम ने बाजी मारी है। नथवानी को कुल 28 वोट हासिल हुए हैं। दिलचस्प बात यह है कि उनकी यह जीत मुख्य रूप से क्रॉस वोटिंग के कारण ही संभव हो सकी है, जबकि इस दौरान तीन वोटों को रद्द भी कर दिया गया। विधानसभा में एनडीए के पास पर्याप्त संख्या बल नहीं था, इसके बावजूद नथवानी की यह जीत उनके खेमे के लिए एक बहुत बड़ी राजनीतिक सफलता मानी जा रही है। दूसरी तरफ, झामुमो के उम्मीदवार बैद्यनाथ राम को 31 वोट मिले और उन्होंने अपनी सीट पक्की कर ली। इस चुनाव में इंडिया गठबंधन के तहत मैदान में उतरे कांग्रेस के प्रत्याशी प्रणव झा को करारी हार का सामना करना पड़ा है।

मतदान प्रक्रिया और कड़ा मुकाबला

यह पूरी मतदान प्रक्रिया गुरुवार के दिन झारखंड विधानसभा परिसर में पूरी की गई। राज्य के सभी 81 विधायकों ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। चुनावी मैदान में मुख्य रूप से झामुमो के बैद्यनाथ राम, कांग्रेस के प्रणव झा और एनडीए के परिमल नथवानी ताल ठोक रहे थे। विधानसभा के मौजूदा राजनीतिक समीकरणों को देखते हुए झामुमो उम्मीदवार की जीत तो पहले दिन से ही पक्की मानी जा रही थी, लेकिन असली पेंच दूसरी सीट को लेकर फंसा हुआ था। दूसरी सीट पर कांग्रेस के प्रणव झा और निर्दलीय परिमल नथवानी के बीच कांटे की टक्कर चल रही थी।

जीत का गणित और क्रॉस वोटिंग का खेल

झारखंड में एक राज्यसभा सीट जीतने के लिए किसी भी उम्मीदवार को कम से कम 28 वोटों की दरकार होती है। झामुमो के पास अपने 34 विधायक होने के कारण उनके प्रत्याशी वैद्यनाथ राम का जीतना तय था। वहीं दूसरी तरफ, कांग्रेस के पास अपने खुद के सिर्फ 16 विधायक थे, जो अकेले दम पर जीत के लिए काफी नहीं थे। अपने उम्मीदवार को जिताने के लिए कांग्रेस को झामुमो के छह, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के चार और भाकपा माले के दो अतिरिक्त विधायकों के समर्थन की दरकार थी। इन सभी का साथ मिलने पर ही कांग्रेस की राह आसान हो सकती थी। गठबंधन के भीतर इसी संख्या बल की कमी और क्रॉस वोटिंग की भारी संभावनाओं को भांपते हुए ही भारतीय जनता पार्टी ने अपना सीधा प्रत्याशी उतारने के बजाय एक निर्दलीय को समर्थन देकर मैदान में उतारा था। अंततः भाजपा की यह रणनीति सफल रही और क्रॉस वोटिंग के जरिये नथवानी ने जीत दर्ज कर ली।

Shivam Shrivastava
ABOUT THE AUTHOR

Shivam Shrivastava

शिवम उत्तर प्रदेश के एक युवा और उभरते पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में लगभग 4 वर्षों का अनुभव प्राप्त है। वे राजनीति, अपराध, स्वास्थ्य और हाइपरलोकल खबरों की गहरी समझ रखते हैं और समसामयिक मुद्दों पर सटीक व प्रभावशाली रिपोर्टिंग के लिए जाने जाते हैं। उनकी विशेष रुचि डाटा-ड्रिवन पत्रकारिता और विश्लेषणात्मक रिपोर्टिंग में है, जिससे उनकी खबरें अधिक तथ्यात्मक और विश्वसनीय बनती हैं। वे जमीनी स्तर की रिपोर्टिंग के साथ-साथ डिजिटल मीडिया के बदलते स्वरूप को भी समझते हैं। लेखन और रिसर्च में उनकी मजबूत पकड़ उन्हें एक सक्षम और जिम्मेदार पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।

Next Story