झारखंड में छात्रों का आंदोलन पड़ा भारी, सदन में घिरे CM हेमंत सोरेन...कर दिया बड़ा ऐलान

Hemant Soren On Jharkhand Protest: झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी को लेकर जारी छात्रों के आंदोलन के बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने विधानसभा में बड़ा ऐलान किया। उन्होंने विवादित परीक्षाओं की पारदर्शी जांच और भविष्य में परीक्षा व्यवस्था में सुधार का भरोसा दिया।

Harsh Srivastava
Published on: 11 Aug 2026 5:07 PM IST
झारखंड में छात्रों का आंदोलन पड़ा भारी, सदन में घिरे CM हेमंत सोरेन...कर दिया बड़ा ऐलान
X

Hemant Soren On Jharkhand Protest: झारखंड में युवाओं और प्रतियोगी परीक्षार्थियों के जारी उग्र विरोध प्रदर्शन के बीच राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बड़ा बयान जारी किया है। राज्य विधानसभा के भीतर अपना पक्ष रखते हुए मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि प्रतियोगी परीक्षाओं में हुई गड़बड़ी की पारदर्शी जांच कराई जाएगी। उन्होंने प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों को आश्वस्त करते हुए कहा कि उनकी प्रमुख मांगों को स्वीकार कर लिया गया है। इस दौरान सीएम ने विपक्षी दलों पर तीखे प्रहार किए और आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक दल इस संवेदनशील मुद्दे का बेजा इस्तेमाल कर अपनी राजनीति साध रहे हैं।

हंगामे के बीच अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हुई कार्यवाही

मुख्यमंत्री के इस महत्वपूर्ण वक्तव्य के तुरंत बाद झारखंड विधानसभा की कार्यवाही को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करने की घोषणा कर दी गई। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मानसून सत्र का समापन 12 अगस्त को होना तय किया गया था, लेकिन बिगड़ते राजनीतिक माहौल और सदन में निरंतर जारी विरोध के चलते इसे 1 दिन पहले ही समाप्त कर दिया गया। सदन की कार्यवाही समेटे जाने से पहले विपक्ष ने इस मुद्दे पर सरकार को पूरी ताकत से घेरने का प्रयास किया।

सड़कों पर पुलिस और युवाओं के बीच तीखा टकराव

गौरतलब है कि झारखंड में बीते कई दिनों से नौकरी की तैयारी में जुटे अभ्यर्थी विभिन्न भर्ती प्रक्रियाओं में अनियमितताओं को लेकर विरोध जता रहे हैं। इसी क्रम में सोमवार को हजारों की संख्या में अभ्यर्थी अपनी मांगों को लेकर विधानसभा का घेराव करने के मकसद से आगे बढ़े। इस दौरान सुरक्षाबलों और उग्र अभ्यर्थियों के बीच जबरदस्त भिड़ंत हो गई। उग्र भीड़ को रोकने के लिए पुलिस बलों ने वाटर कैनन और आंसू गैस के गोलों का प्रयोग किया। इस संघर्ष में कई युवाओं को चोटें आईं, जबकि आधिकारिक जानकारी के अनुसार 14 पुलिसकर्मी भी गंभीर रूप से चोटिल हुए।

सदन के भीतर विपक्षी दल बीजेपी का उग्र प्रदर्शन

मंगलवार को जब सदन की कार्यवाही आरंभ हुई, तो बाहर हुए लाठीचार्ज और झड़प का असर अंदर भी साफ देखने को मिला। भारतीय जनता पार्टी के विधायक आसन के सामने आकर नारेबाजी करने लगे और सरकार विरोधी नारे लगाए। नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने अभ्यर्थियों पर हुई पुलिस कार्रवाई पर मुख्यमंत्री से तुरंत स्थिति स्पष्ट करने की मांग की। बार-बार होते हंगामे के कारण अध्यक्ष को सदन की कार्यवाही को कई बार रोकना पड़ा और कुछ समय के लिए स्थगित करना पड़ा।

बाहरी एजेंसियों पर धांधली का आरोप

अपनी बात रखते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने जेपीएससी और सीजीएल जैसी परीक्षाओं में सामने आई शिकायतों पर विस्तार से बात की। उन्होंने खुलासा किया कि लखनऊ की एक बाहरी एजेंसी टीडीपीएल ने उत्तर प्रदेश और बिहार के कुछ तत्वों के साथ साठगांठ करके राज्य की भर्ती व्यवस्था को नुकसान पहुंचाया है। सीएम ने कहा कि सरकार की मंशा पूरी तरह साफ है और सभी विवादित परीक्षाओं की गहन पड़ताल कराई जाएगी। इसके अतिरिक्त, भविष्य में पारदर्शी तरीके से परीक्षाएं कराने के लिए आईआईटी के विशेषज्ञों से परामर्श लिया जाएगा।

25 जुलाई से जारी आंदोलन

राज्य में प्रतियोगी परीक्षा के अभ्यर्थी बीते 25 जुलाई से अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं। आंदोलनकारियों की मुख्य मांग है कि JPSC और JSSC की कार्यप्रणाली में बुनियादी सुधार किए जाएं, धांधली वाली परीक्षाओं को तुरंत निरस्त किया जाए और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी अथवा उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीशों से कराई जाए ताकि युवाओं को उनका वाजिब अधिकार मिल सके।

Harsh Srivastava
ABOUT THE AUTHOR

Harsh Srivastava

Content Writer Mail ID - harshsri764@gmail.comharshsri764@gmail.com

हर्ष श्रीवास्तव वाराणसी के रहने वाले पत्रकार और डिजिटल कंटेंट प्रोफेशनल हैं। वर्तमान में वे लखनऊ स्थित न्यूज़ट्रैक में डेस्क इंचार्ज के पद पर कार्यरत हैं। यहां वे कंटेंट प्लानिंग, एडिटोरियल कोऑर्डिनेशन, न्यूज़रूम संचालन के साथ-साथ रिसर्च आधारित एक्सप्लेनर, न्यूज़ फीचर और विश्लेषणात्मक लेख तैयार करते हैं। उनके पास मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (MJMC) की डिग्री है। उन्होंने वर्ष 2023 में पत्रकारिता की शुरुआत की और हिन्दुस्तान, टाइम्स इंटरनेट, इंडिया न्यूज़ जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है। वाराणसी, दिल्ली और लखनऊ में काम करने के दौरान उन्हें रिपोर्टिंग, कंटेंट राइटिंग और डिजिटल पत्रकारिता का अनुभव प्राप्त हुआ। हर्ष की विशेष रुचि राजनीति, चुनाव, अपराध, सार्वजनिक नीति, सुशासन और समसामयिक विषयों पर शोध-आधारित पत्रकारिता में है। वे गहन रिसर्च, फैक्ट-चेकिंग और सरल भाषा के माध्यम से जटिल विषयों को पाठकों तक सटीक, विश्वसनीय और प्रभावी ढंग से पहुंचाने का प्रयास करते हैं।

Next Story