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उमर खालिद की किताब पर JNU में घमासान! कार्यक्रम से एक दिन पहले रद्द हुई ऑडिटोरियम की बुकिंग
Umar Khalid's Book Discussion: JNU प्रशासन ने उमर खालिद की किताब ‘फ्रैक्चर्ड कम्युनिटीज’ पर 10 अगस्त को होने वाली परिचर्चा के लिए SSS-1 ऑडिटोरियम की बुकिंग रद्द कर दी। जानिए प्रशासन ने क्या वजह बताई।
Image Source- Social Media
Umar Khalid's Book Discussion: जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) प्रशासन ने पूर्व छात्र और कार्यकर्ता उमर खालिद (Umar Khalid) की किताब ‘फ्रैक्चर्ड कम्युनिटीज’ (Fractured Communities) पर होने वाली परिचर्चा के लिए बुक किए गए एसएसएस-1 ऑडिटोरियम (SSS-1 Auditorium) की बुकिंग रद्द कर दी है।
यह कार्यक्रम 10 अगस्त को विश्व आदिवासी दिवस (World Indigenous Day) के मौके पर दोपहर 3 बजे से शाम 6 बजे तक आयोजित किया जाना था। कार्यक्रम का आयोजन जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी स्टूडेंट्स यूनियन यानी जेएनयूएसयू (JNUSU) की ओर से किया जाना था।
प्रशासन ने क्या दिया तर्क?
जेएनयू प्रशासन की ओर से जारी आधिकारिक नोटिस में कहा गया है कि ऑडिटोरियम की बुकिंग इसलिए रद्द की गई क्योंकि वेन्यू रिक्वेस्ट फॉर्म में प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर पूरी और स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई थी।
प्रशासन के मुताबिक, परिसर के ऑडिटोरियम और दूसरी जगहों के इस्तेमाल में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए यह फैसला लिया गया है।
प्रशासन ने अपने आदेश में इस कार्रवाई को विश्वविद्यालय की तय प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा बताया है।
उसके मुताबिक, विश्वविद्यालय की लोकतांत्रिक और विकेंद्रीकृत प्रक्रियाओं के तहत स्थापित प्रशासनिक नियमों का पालन करते हुए ऑडिटोरियम की बुकिंग रद्द की गई है।
संयुक्त कुलसचिव ने जारी किया पत्र
SSS-1 ऑडिटोरियम की बुकिंग रद्द करने से जुड़ा आधिकारिक पत्र जेएनयू के संयुक्त कुलसचिव की ओर से जारी किया गया है। इस पत्र को स्कूल ऑफ सोशल साइंसेज यानी SSS (School of Social Sciences) के डीन ने मंजूरी दी है।
रद्द किए गए पत्र के मुताबिक,SSS-1 ऑडिटोरियम की बुकिंग सेंटर फॉर इंटरनेशनल लीगल स्टडीज यानी सीआईएसएलएस (Centre for International Legal Studies) के डॉ. अविनाश कुमार की ओर से की गई थी।
प्रशासन ने कहा है कि कार्यक्रम से जुड़ी पूरी और स्पष्ट जानकारी वेन्यू रिक्वेस्ट फॉर्म में उपलब्ध नहीं कराई गई थी, जिसके आधार पर बुकिंग रद्द करने का फैसला लिया गया।
10 अगस्त को होना था कार्यक्रम
उमर खालिद की किताब ‘फ्रैक्चर्ड कम्युनिटीज’ पर होने वाली यह सार्वजनिक चर्चा 10 अगस्त को विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर आयोजित की जानी थी।
कार्यक्रम का समय दोपहर 3 बजे से शाम 6 बजे तक रखा गया था। इसका आयोजन जेएनयूएसयू (JNUSU) की ओर से किया जाना था।
इस परिचर्चा में कई प्रमुख शिक्षाविद्, इतिहासकार और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं के शामिल होने की बात कही गई थी।
कार्यक्रम में प्रोफेसर प्रभु महापात्रा, प्रोफेसर उमा चक्रवर्ती, शुद्धब्रत सेनगुप्ता, हर्ष मंदर और बानो ज्योत्स्ना लाहिरी शामिल होने वाले थे।
कार्यक्रम से एक दिन पहले बढ़ा विवाद
कार्यक्रम से ठीक एक दिन पहले SSS-1 ऑडिटोरियम की बुकिंग रद्द किए जाने से JNU प्रशासन और छात्र संघ के बीच तनाव बढ़ने के आसार हैं।
JNUSU का कहना है कि ऑडिटोरियम की अनुमति रद्द किया जाना विचार और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला है। वहीं, विश्वविद्यालय प्रशासन इसे किसी विचार या व्यक्ति से जुड़े फैसले के बजाय प्रशासनिक और प्रक्रियात्मक निर्णय बता रहा है।
प्रशासन की ओर से जारी पत्र में साफ किया गया है कि ऑडिटोरियम और विश्वविद्यालय की अन्य जगहों के इस्तेमाल को लेकर तय नियमों और पारदर्शी प्रक्रिया का पालन किया जाना जरूरी है। इसी आधार पर कार्यक्रम के लिए दी गई एसएसएस-1 ऑडिटोरियम की बुकिंग रद्द की गई है।
इस पूरे मामले में एक तरफ JNUSU इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से जोड़कर देख रहा है, जबकि दूसरी तरफ विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि कार्रवाई प्रशासनिक प्रक्रिया और कार्यक्रम की जानकारी से जुड़े नियमों के तहत की गई है।


