JPSC-JSSC CGL Protest: 'CM से ही बात करेंगे', सरकार की बातचीत पर क्यों नाराज हैं प्रदर्शनकारी छात्र? 10 अगस्त के महाघेराव पर नजर

JPSC-JSSC परीक्षा में गड़बड़ियों को लेकर आंदोलन कर रहे छात्रों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से सीधे बातचीत की मांग की है। बंद कमरे में बैठक और सिर्फ मंत्रियों से वार्ता के प्रस्ताव पर छात्र नेताओं ने सवाल उठाए हैं।

Alakha Singh
Published on: 8 Aug 2026 12:00 PM IST (Updated on: 8 Aug 2026 12:00 PM IST)
JPSC-JSSC CGL Protest: CM से ही बात करेंगे, सरकार की बातचीत पर क्यों नाराज हैं प्रदर्शनकारी छात्र? 10 अगस्त के महाघेराव पर नजर
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JPSC-JSSC CGL Protest: झारखंड में JPSC-JSSC परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ छात्रों का आंदोलन अब और तेज होता दिख रहा है। सरकार के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत की कवायद शुरू होने के बावजूद प्रदर्शनकारी छात्र संतुष्ट नहीं हैं। छात्रों ने साफ कर दिया है कि उन्हें किसी मंत्री या अधिकारियों के साथ औपचारिक बैठक नहीं चाहिए, बल्कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से सीधे बातचीत चाहिए।

छात्र नेताओं का कहना है कि उनकी मांगें पहले से बिल्कुल स्पष्ट हैं। ऐसे में बातचीत के नाम पर प्रतिनिधिमंडल बदलने या बैठक को टालने से समाधान नहीं निकलेगा। छात्रों ने यह भी मांग रखी है कि वार्ता बंद कमरे में नहीं, बल्कि खुले मैदान में हो और पूरी बातचीत की वीडियो रिकॉर्डिंग कराई जाए। साथ ही मीडिया की मौजूदगी भी सुनिश्चित की जाए।

'मंत्रियों से नहीं, CM से बात चाहिए'

प्रदर्शनकारी छात्र नेता और JLKM नेता देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि बातचीत के लिए कितने छात्र जाएंगे, यह मुद्दा नहीं है। असली मुद्दा छात्रों की मांगों का समाधान है। उनका कहना है कि आंदोलन में शामिल छात्रों की मांगें एक जैसी हैं और सरकार को उन पर स्पष्ट फैसला लेना चाहिए।

प्रदर्शनकारी छात्र प्रेम ने भी सरकार के सामने अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि छात्रों के बीच किसी तरह का गुट या बंटवारा नहीं है। उनके मुताबिक आंदोलन की शुरुआत 25 जुलाई को देवेंद्र नाथ महतो के नेतृत्व में बापू वाटिका से हुई थी और तब से छात्र अपनी मांगों को लेकर डटे हुए हैं।

प्रेम ने दावा किया कि छात्रों को लगातार यह जानकारी मिल रही है कि मुख्यमंत्री के बजाय उनके मंत्रियों के साथ बातचीत कराई जाएगी। इसी को लेकर छात्रों में नाराजगी है। उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से खुद प्रदर्शनकारी छात्रों के बीच आकर बातचीत करने की अपील की।




बंद कमरे की बातचीत से भी छात्रों को ऐतराज

छात्रों ने सिर्फ बातचीत के स्तर पर ही नहीं, बल्कि उसके तरीके पर भी सवाल उठाए हैं। उनकी मांग है कि वार्ता बंद कमरे में न हो। बातचीत खुले मैदान में हो, मीडिया मौजूद रहे और पूरी प्रक्रिया की वीडियो रिकॉर्डिंग की जाए।

प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि वे लंबे समय से आंदोलन कर रहे हैं और इस दौरान उनके स्वास्थ्य पर भी असर पड़ रहा है। प्रेम ने कहा कि डॉक्टर पानी पीने की सलाह दे रहे हैं, लेकिन छात्र अपनी मांगों के समाधान के इंतजार में स्वास्थ्य की कीमत चुका रहे हैं।

बीजेपी ने हेमंत सरकार को घेरा

JPSC-JSSC आंदोलन को लेकर बीजेपी ने भी झारखंड सरकार पर हमला तेज कर दिया है। पार्टी के प्रवक्ता प्रतुल शाह देव ने आरोप लगाया कि 10 अगस्त को प्रस्तावित विधानसभा महाघेराव को देखते हुए सरकार दबाव में है।

प्रतुल शाह देव के मुताबिक छात्रों ने अपनी मांगें सरकार के सामने पहले ही साफ कर दी हैं। इनमें परीक्षा रद्द करना, पूरे मामले की CBI जांच कराना और TDPL के जरिए कराई गई सभी परीक्षाओं को रद्द करना प्रमुख मांगें हैं।

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alakhsingh2025@hotmail.com

Alakha Singh is a journalist with having more than one decade of experience in digital media. Alakha Singh has covered Loksabha Elections 2014 and 2019 closely with the several state assembly elections. He has expertise in SEO oriented content writing on various topics and issues. At HT Digital Alakha Singh has been recognised as one of the top performer of the team for many years continuously. Earlier he worked with HT Digital for more than 8 years and 2.5 years with Amar Ujala web. In initial days of his career Alakha Singh also worked as a reporter (stringer) with NBT Gurgaon. He pursued P.G. Diploma from South Campus, University of Delhi in 2013 and MAMC from Kurukshetra University in 2014. He Belongs to District Banda of Uttar Pradesh.

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