छात्र आंदोलन के आगे झुकी हेमंत सरकार! छात्रों को CM से बातचीत का न्योता, बनेगा 5 सदस्यीय डेलिगेशन

JPSC-JSSC Protest: झारखंड में जयपाल सिंह स्टेडियम पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों से बातचीत के लिए हेमंत सोरेन सरकार आगे आई है। सरकार ने छात्रों से पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल बनाने को कहा है, जबकि मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि सरकार उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करेगी।

Aditya Kumar Verma
Published on: 5 Aug 2026 4:43 PM IST
JPSC-JSSC Protest | Hemant Soren
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JPSC-JSSC Protest: झारखंड (Jharkhand) में जयपाल सिंह स्टेडियम में JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित रूप से हुई गड़बड़ियों को लेकर आंदोलन कर रहे छात्रों के साथ अब राज्य सरकार ने बातचीत का रास्ता खोल दिया है।

जानकारी के मुताबिक, हेमंत सोरेन (Hemant Soren) सरकार आंदोलन कर रहे छात्रों के प्रतिनिधिमंडल से बातचीत करेगी।

इसी सिलसिले में राज्य सरकार का प्रस्ताव लेकर एसडीओ (SDO) और एडीएम (लॉ एंड ऑर्डर) (ADM Law and Order) जयपाल सिंह स्टेडियम पहुंचे और छात्रों के सामने सरकार का प्रस्ताव रखा।

छात्रों से मांगा पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल

आंदोलन में शामिल एक छात्र ने बताया कि सरकार की ओर से एसडीओ बातचीत के लिए पहुंचे थे।

उन्होंने छात्रों को बताया कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन उनसे बातचीत करना चाहते हैं। इसके लिए छात्रों से कहा गया है कि वे पांच लोगों का एक प्रतिनिधिमंडल (Delegation) तैयार करें, जो छात्रों की ओर से सरकार के साथ बातचीत करेगा।

प्रदर्शनकारी छात्र ने बताया कि प्रतिनिधिमंडल सरकार के सामने छात्रों की मांगें और मुद्दे रखेगा। इसके बाद सरकार उन मुद्दों पर चर्चा करेगी और अपना सुझाव देगी।

‘सरकार के दरवाजे सभी के लिए खुले हैं’

इस बीच झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी छात्रों के आंदोलन को लेकर बयान जारी किया। उन्होंने कहा कि सरकार के दरवाजे सभी के लिए हमेशा खुले हैं और जिसकी भी कोई मांग है, वह आकर अपनी बात सरकार के सामने रख सकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार पहले से ही कई मुद्दों से कुछ हद तक अवगत है। अगर छात्र अपने विचार और मांगें सरकार के सामने रखेंगे तो उन पर गंभीरता से विचार किया जाएगा।

कई लोगों की हो चुकी गिरफ्तारी

हेमंत सोरेन ने कहा कि इस मामले में कई लोगों को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है।

उन्होंने बताया कि जांच एजेंसियां (Investigation Agencies) कई जगहों पर लगातार छापेमारी कर रही हैं और पूरे मामले में लगन तथा प्रभावी तरीके से काम कर रही हैं।

मुख्यमंत्री ने भरोसा जताया कि सरकार इस मामले में ठोस समाधान की दिशा में आगे बढ़ रही है।

उन्होंने यह भी कहा कि फिलहाल उनकी गृह मंत्री (Home Minister) से इस मुद्दे पर बात नहीं हुई है, लेकिन यदि जरूरत पड़ी तो वह इस विषय पर उनसे भी चर्चा करेंगे।

बातचीत से समाधान निकालने की कोशिश में सरकार

सरकार की ओर से बातचीत का प्रस्ताव आने के बाद अब छात्रों और सरकार के बीच संवाद की प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद बढ़ गई है।

पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल के जरिए छात्रों की मांगें सरकार तक पहुंचेंगी, जिसके बाद सरकार उन पर विचार कर आगे की कार्रवाई करेगी। इससे आंदोलन के समाधान की दिशा में एक अहम पहल मानी जा रही है।

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आदित्य कुमार वर्मा उत्तर प्रदेश के पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 8 वर्षों से अधिक का अनुभव प्राप्त है। उन्होंने भारतीय राजनीति, अपराध, स्वास्थ्य और मानवीय सरोकारों से जुड़ी खबरों की व्यापक रिपोर्टिंग की है। उनके पास मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (MJMC) की डिग्री है और वे रिपोर्टर, एंकर तथा सब-एडिटर जैसे महत्वपूर्ण पदों पर कार्य कर चुके हैं। साथ ही वो उत्तर प्रदेश की राजनीति, शासन-प्रशासन और नौकरशाही व्यवस्था की गहरी समझ रखते हैं। पत्रकारिता के अलावा उन्हें पुस्तकों का अध्ययन, लेखन, कविता-लेखन और पाठ और यात्राएं करना विशेष रूप से पसंद है। विभिन्न संस्कृतियों और समाजों को करीब से जानने-समझने की उनकी रुचि ने उनके दृष्टिकोण को व्यापक बनाया है, जिसका सकारात्मक प्रभाव उनकी लेखन शैली और रिपोर्टिंग में भी देखने को मिलता है।

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