Ranchi पुलिस ने JPSC-JSSC प्रदर्शनकारी नेताओं पर की FIR, 21 अगस्त के पुलिस-छात्र झड़प में बढ़ा विवाद

JPSC-JSSC Protest: रांची में 21 अगस्त की पुलिस-छात्र झड़प के मामले में 14 नामजद और 200 से ज्यादा अज्ञात लोगों पर FIR दर्ज हुई है।

Alakha Singh
Published on: 22 Aug 2026 9:12 PM IST
Ranchi पुलिस ने JPSC-JSSC प्रदर्शनकारी नेताओं पर की FIR, 21 अगस्त के पुलिस-छात्र झड़प में बढ़ा विवाद
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JPSC JSSC Protest FIR News: झारखंड की राजधानी रांची में JPSC-JSSC परीक्षा में कथित अनियमितताओं के खिलाफ चल रहा छात्रों का आंदोलन अब पुलिस कार्रवाई के बाद और गरमा गया है। 21 अगस्त को प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हुई झड़प के मामले में रांची पुलिस ने 14 नामजद समेत 200 से ज्यादा अज्ञात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है।

रांची सिटी एसपी पारस राणा के मुताबिक, कोतवाली थाने में इस मामले को लेकर तीन FIR दर्ज की गई हैं। इनमें 14 लोगों को नामजद किया गया है, जबकि 200 से अधिक लोगों की पहचान अभी नहीं हो पाई है।

JPSC-JSSC Reforms Manch के नेताओं पर भी केस

FIR में JPSC-JSSC Reforms Manch से जुड़े नेताओं के नाम भी शामिल हैं। इनमें कुणाल प्रताप सिंह, पीयूष कुमार और रविंद्र पासवान प्रमुख हैं। यह संगठन झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ छात्रों के आंदोलन का नेतृत्व कर रहा है।

पुलिस के मुताबिक, आरोपियों पर सरकारी काम में बाधा डालने, पुलिस से टकराव और प्रशासन की ओर से तय रूट का कथित रूप से पालन नहीं करने जैसे आरोप लगाए गए हैं।

एक FIR पुलिस की, दो शिकायत पर दर्ज

पुलिस के अनुसार तीन में से एक FIR पुलिस की ओर से दर्ज की गई है। इसमें सरकारी ड्यूटी में बाधा डालने और निर्धारित रूट का उल्लंघन करने का आरोप लगाया गया है।

वहीं, दो अन्य FIR निजी व्यक्तियों की शिकायत के आधार पर दर्ज की गई हैं। पुलिस अब मामले में शामिल लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।

CM हेमंत सोरेन और राहुल गांधी का पुतला फूंकने पर बवाल

21 अगस्त को छात्रों ने झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और कांग्रेस नेता राहुल गांधी के पुतले फूंकने का ऐलान किया था। इसी दौरान विवाद बढ़ गया और प्रदर्शनकारियों तथा पुलिस के बीच धक्का-मुक्की और झड़प हो गई।

छात्र नेताओं का आरोप है कि आंदोलन को बाधित करने के लिए सत्तारूढ़ JMM के कार्यकर्ताओं ने हिंसा की। वहीं पुलिस का कहना है कि प्रदर्शनकारी प्रशासन द्वारा निर्धारित रूट से हटकर आगे बढ़े, जिसके बाद स्थिति बिगड़ी।

रांची के अलावा हजारीबाग, गिरिडीह और गढ़वा में भी प्रदर्शन के दौरान तनाव और झड़प की घटनाएं सामने आईं। हजारीबाग में पुलिस द्वारा लाठीचार्ज किए जाने की भी बात सामने आई।

26 दिन के आंदोलन के बाद भी खत्म नहीं हुआ विवाद

JPSC-JSSC को लेकर छात्रों का आंदोलन करीब 26 दिनों तक चला। अभ्यर्थियों की मांग थी कि विवादित परीक्षाओं और नियुक्तियों को लेकर सरकार स्पष्ट कार्रवाई करे।

इसी बीच झारखंड हाई कोर्ट ने 11वीं और 13वीं JPSC परीक्षाओं को रद्द करने संबंधी अधिसूचनाओं पर रोक लगा दी। इसके बाद अदालत ने CDPO और JSSC-CGL से जुड़ी नियुक्तियां रद्द करने वाली अधिसूचनाओं पर भी रोक लगाई।

छात्र नेताओं ने सरकार पर आरोप लगाया कि उसने अदालत में कमजोर पक्ष रखा और अभ्यर्थियों के साथ 'कानूनी ड्रामा' किया। आंदोलनकारी नेताओं का कहना है कि केवल अदालत से अंतरिम राहत मिलने से भर्ती परीक्षाओं को लेकर उठे सवाल खत्म नहीं होते।

अब FIR के बाद क्या होगा?

पुलिस की इस कार्रवाई के बाद JPSC-JSSC आंदोलन के और तेज होने की संभावना है। एक तरफ छात्र संगठन सरकार से भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, वहीं पुलिस FIR में दर्ज आरोपों की जांच आगे बढ़ा रही है।

अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या FIR के बाद सरकार और आंदोलनकारी छात्रों के बीच टकराव और बढ़ेगा, या बातचीत के जरिए इस विवाद का रास्ता निकलेगा?

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Alakha Singh is a journalist with having more than one decade of experience in digital media. Alakha Singh has covered Loksabha Elections 2014 and 2019 closely with the several state assembly elections. He has expertise in SEO oriented content writing on various topics and issues. At HT Digital Alakha Singh has been recognised as one of the top performer of the team for many years continuously. Earlier he worked with HT Digital for more than 8 years and 2.5 years with Amar Ujala web. In initial days of his career Alakha Singh also worked as a reporter (stringer) with NBT Gurgaon. He pursued P.G. Diploma from South Campus, University of Delhi in 2013 and MAMC from Kurukshetra University in 2014. He Belongs to District Banda of Uttar Pradesh.

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