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BJP में अंदरूनी घमासान! अपनों पर ही भड़के केंद्रीय मंत्री जुएल ओराम, हटाने की साजिश का आरोप
Jual Oram Controversy: केंद्रीय मंत्री जुएल ओराम ने अपनी ही पार्टी के कुछ नेताओं पर उन्हें बदनाम कर केंद्रीय मंत्रिमंडल से हटाने की साजिश रचने का आरोप लगाया। उनके ‘हाथ काटने’ वाले बयान के बाद ओडिशा की राजनीति में भी बवाल मच गया।
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Jual Oram Controversy: केंद्रीय जनजातीय मामलों के मंत्री और भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता जुएल ओराम (Jual Oram) ने अपनी ही पार्टी के कुछ नेताओं के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया है कि पार्टी के भीतर कुछ लोग उन्हें केंद्रीय मंत्रिमंडल (Union Cabinet) से हटवाने और उनकी राजनीतिक साख को नुकसान पहुंचाने के लिए साजिश रच रहे हैं। जुएल ओराम के इस बयान के बाद ओडिशा की राजनीति में खलबली मच गई है।
यह पूरा मामला केंद्रीय मंत्री के करीबी सहयोगी राकेश पासवान (Rakesh Paswan) की गिरफ्तारी के बाद सामने आया। राउरकेला (Rourkela) में एक संगठित अपराध (Organised Crime) के मामले में संलिप्तता के आरोप में पुलिस ने राकेश पासवान को हिरासत में लिया है। आरोप है कि उन्होंने एक सरकारी गेस्ट हाउस में अपराधियों को पनाह दी थी। हालांकि, राकेश पासवान ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है।
राकेश पासवान की गिरफ्तारी के बाद बदला रुख
राकेश पासवान की गिरफ्तारी के बाद जुएल ओराम ने पहले कहा था कि कानून को अपना काम करने देना चाहिए और कानूनी कार्रवाई (Legal Action) में उन्हें कोई आपत्ति नहीं है। लेकिन इसके तुरंत बाद उन्होंने अपनी ही पार्टी के एक विरोधी गुट पर हमला बोल दिया।
जुएल ओराम ने आरोप लगाया कि उनकी छवि खराब करने के लिए पार्टी के भीतर ही एक साजिश चल रही है। उनके मुताबिक, कुछ नेता इस पूरे मामले का इस्तेमाल उन्हें राजनीतिक तौर पर कमजोर करने के लिए कर रहे हैं।
‘मंत्री बनने की चाह में बहाया जा रहा पैसा’
सुंदरगढ़ (Sundargarh) लोकसभा सीट से छह बार सांसद रह चुके जुएल ओराम ने कहा कि पार्टी के कुछ नेता उन्हें बदनाम करने के लिए पैसा पानी की तरह बहा रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि इन नेताओं को लगता है कि अगर उन्हें केंद्रीय मंत्रिमंडल से बाहर कर दिया गया तो उनके लिए मंत्री बनने का रास्ता खुल जाएगा।
ओराम ने कहा कि इस राजनीतिक घटनाक्रम के बाद उन्होंने अपना पुराना फैसला भी बदल दिया है। उन्होंने पहले अगला चुनाव नहीं लड़ने का मन बनाया था, लेकिन अब उन्होंने 2029 का लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Election 2029) लड़ने का फैसला किया है। उनका कहना है कि अब वे चुनावी मैदान में उतरकर अपने राजनीतिक विरोधियों का सामना करेंगे।
पार्टी के संगठन महामंत्री से की शिकायत
जुएल ओराम ने कहा कि वे इस बात की तह तक जाएंगे कि उनके खिलाफ चल रहे कथित दुष्प्रचार (Propaganda) के पीछे कौन लोग शामिल हैं। उन्होंने बताया कि इस संबंध में उन्होंने ओडिशा भाजपा (Odisha BJP) के संगठन महामंत्री से भी शिकायत की है।
केंद्रीय मंत्री का कहना है कि वे उन लोगों की पहचान करना चाहते हैं, जो उन्हें बदनाम करने और राजनीतिक रूप से नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं।
‘हाथ काटने की क्षमता’ वाले बयान से मचा बवाल
बातचीत के दौरान जुएल ओराम के एक विवादित बयान ने नया राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया। उन्होंने कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि जो लोग उन्हें बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं, उनके खिलाफ कठोर कदम उठाने और उनके हाथ काटने की क्षमता भी उनमें है। इस बयान के बाद ओडिशा की राजनीति में बवाल मच गया और विपक्षी दलों ने भारतीय जनता पार्टी को घेरना शुरू कर दिया।
बीजेडी और कांग्रेस ने भाजपा को घेरा
जुएल ओराम के बयान के बाद मुख्य विपक्षी दल बीजू जनता दल (BJD) और कांग्रेस (Congress) ने भाजपा (BJP) पर निशाना साधा है।
बीजेडी नेता प्रमिला मलिक (Pramila Mallik) ने कहा कि जुएल ओराम राज्य के बड़े आदिवासी नेता हैं और उनका बयान यह दिखाता है कि भाजपा के भीतर अंदरूनी मतभेद (Internal Conflict) कितने गहरे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी के नेता जनता के काम करने के बजाय आपस में ही उलझे हुए हैं।
वहीं, ओडिशा कांग्रेस के अध्यक्ष भक्त चरण दास (Bhakta Charan Das) ने जुएल ओराम की भाषा को असंसदीय और बेहद कड़ा बताया। उन्होंने कहा कि भारत के लोकतंत्र में हिंसक बयानों के लिए कोई जगह नहीं है।
भक्त चरण दास ने कहा कि गांधी के देश में इस तरह की बयानबाजी पार्टी की मानसिकता को दर्शाती है। केंद्रीय मंत्री के अपनी ही पार्टी के नेताओं पर लगाए गए आरोपों और उनके विवादित बयान के बाद अब ओडिशा भाजपा के भीतर चल रही कथित गुटबाजी को लेकर राजनीतिक चर्चा तेज हो गई है।


