जस्टिस वर्मा ‘कैश कांड’ की रिपोर्ट आज संसद में, क्या इस्तीफे के बावजूद पद से हटाने पर होगा फैसला?

Justice Yashwant Verma Case: आज बुधवार को संसद में जस्टिस यशवंत वर्मा से जुड़ी जांच रिपोर्ट पेश की जाएगी, जिस पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।

Priya Singh Bisen
Published on: 12 Aug 2026 11:50 AM IST
Justice Yashwant Verma Case
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Justice Yashwant Verma Case: संसद का मॉनसून सत्र (Monsoon Session) अब अपने आखिरी चरण में पहुंच चुका है और अब सत्र खत्म होने में मात्र तीन दिन बचे हैं। पूरे सत्र के दौरान विभिन्न मुद्दों को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच लगातार बड़ा टकराव देखने को मिला है। राम मंदिर (Ram Mandir) के कथित चढ़ावे की चोरी और 20 जुलाई को जंतर-मंतर (Jantar Mantar) पर छात्रों पर हुए लाठीचार्ज को लेकर संसद में गतिरोध बना हुआ है। विपक्ष लगातार गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) से जवाब की मांग कर रहा है।

इसी बीच आज बुधवार को संसद में जस्टिस यशवंत वर्मा (Justice Yashwant Verma) से जुड़ी जांच रिपोर्ट पेश की जाएगी, जिस पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं। इसे लेकर ऐसा माना जा रहा है कि रिपोर्ट सदन में रखे जाने के बाद इस मुद्दे पर राजनीतिक बहस और तेज हो सकती है।

क्या है जस्टिस वर्मा ‘कैश कांड’?

यह मामला मार्च 2025 का है। उस वक़्त दिल्ली स्थित जस्टिस यशवंत वर्मा के सरकारी आवास में आग लगने की घटना हुई थी। आग के बाद स्टोर रूम से कथित तौर पर करोड़ों रुपये की जली हुई नकदी (Cash Recovery Case) मिलने का दावा किया गया था। इस घटना के सामने आने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया और जस्टिस वर्मा को पद से हटाने की मांग उठने लगी।

मामले की जांच के लिए तीन सदस्यों की एक कमेटी गठित की गई थी। कमेटी ने दिल्ली स्थित सरकारी बंगले से मिले कथित कैश से जुड़े दस्तावेजों और मौखिक साक्ष्यों की जांच की। अब इसी जांच की रिपोर्ट लोकसभा (Lok Sabha) और राज्यसभा (Rajya Sabha) में पेश की जाएगी।

इस्तीफे के बाद भी क्यों बना हुआ है मामला?

जस्टिस यशवंत वर्मा ने 9 अप्रैल 2026 को अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। हालांकि, अब तक राष्ट्रपति की ओर से उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं किया गया है। जब कथित नकदी बरामद होने का मामला सामने आया था, तब वह दिल्ली हाई कोर्ट (Delhi High Court) में जज के पद पर थे। विवाद के बाद उनका तबादला इलाहाबाद हाई कोर्ट (Allahabad High Court) कर दिया गया था।

उनके खिलाफ 200 से अधिक सांसदों ने महाभियोग (Impeachment) की प्रक्रिया शुरू करने की मांग भी की थी। ऐसे में अब बड़ा सवाल यह है कि इस्तीफा देने के बावजूद क्या उन्हें पद से हटाने की कार्रवाई आगे बढ़ सकती है। रिपोर्ट पेश होने के बाद संसद में इस मुद्दे पर चर्चा होने की संभावना जताई जा रही है।

अमित शाह के जवाब और एफसीआरए बिल पर भी नजर

आज गृह मंत्री अमित शाह भी संसद में जवाब दे सकते हैं। सरकार का कहना है कि वह छात्र आंदोलन (Student Protest) के मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है और गृह मंत्री जवाब देने को भी तैयार हैं। वहीं सरकार ने विपक्ष पर चर्चा से बचने का आरोप लगाया है।

इसके अलावा कल सरकार एफसीआरए बिल (FCRA Bill) भी पेश कर सकती है। कांग्रेस (Congress) और तृणमूल कांग्रेस (TMC) इस बिल को वापस लेने की मांग कर रही हैं। सरकार बिल पेश करने के बाद इसे संयुक्त संसदीय समिति (JPC) को भेज सकती है। ऐसे में मॉनसून सत्र के आखिरी तीन दिन काफी अहम और सियासी तौर पर गर्म रहने वाले हैं।

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Priya Singh Bisen

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Priya Singh Bisen is a journalist with over five years of experience in the news and digital media industry. She covers a wide range of topics, including weather, lifestyle, health, politics, and international affairs. In addition to news writing, Priya has experience in news script writing, voice-overs, anchoring, field reporting, and social media management. She holds a Bachelor's degree in Mass Communication and a Master's degree in Advertising and Public Relations. Priya also enjoys writing, traveling, and playing sports, pursuits that reflect her curiosity and passion for exploring new perspectives.

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