'गटर जनरेशन' कहने वाली कंगना के बदले सुर! अब बोलीं- Gen Z देश की सबसे बड़ी ताकत

Kangana Ranaut on Gen Z: 'गटर जनरेशन' कहकर विवादों में आईं भाजपा सांसद कंगना रनौत ने अब जेन जी को देश की ताकत और धरोहर बताया है। मोहन भागवत के बयान के बाद संसद परिसर में उन्होंने युवाओं को लेकर नया रुख अपनाया। जानिए उन्होंने क्या कहा।

Aditya Kumar Verma
Published on: 7 Aug 2026 6:29 PM IST (Updated on: 7 Aug 2026 6:37 PM IST)
Kangana Ranaut Changes Tone on Gen Z
X

Image Source- Social Media

Kangana Ranaut on Gen Z: बॉलीवुड अभिनेत्री और भाजपा (BJP) सांसद कंगना रनौत (Kangana Ranaut) ने जेन जी (Gen Z) को लेकर अपने रुख में बड़ा बदलाव दिखाया है। पहले इसी पीढ़ी को 'गटर जनरेशन' कहकर विवादों में घिरीं कंगना अब जेन जी को देश की ताकत और धरोहर बता रही हैं।

'गटर जनरेशन' वाले बयान को लेकर पहले उनकी काफी आलोचना हुई थी। उस समय उन्होंने सफाई भी दी थी और कुछ युवा लोगों की तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा करते हुए कहा था कि यही जेन जी भारत का मान बढ़ा रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने जंतर-मंतर (Jantar Mantar) पर कॉकरोच जनता पार्टी (Cockroach Janata Party) के साथ आंदोलन में शामिल लोगों की भी आलोचना की थी।

मोहन भागवत के बयान के बाद पूछा गया सवाल

गुरुवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत (Mohan Bhagwat) के जेन जी को लेकर दिए गए बयान के बाद संसद परिसर में पत्रकारों ने एक बार फिर कंगना रनौत से इसी मुद्दे पर सवाल किया।

इस पर कंगना ने कहा कि जेन जी देश की ताकत है। उन्होंने कहा, "जेन जी हमारे देश की ताकत है। एक तरीके से कहें, तो वह हमारे देश की बड़ी धरोहर हैं। हमारे जो युवा बच्चे हैं। मोहन भागवत जी के अनुभव भी हमें सुनने को मिले हैं। जेन जी हमारे देश की ताकत और एक बड़ी संपत्ति है। हमें बहुत खुशी है कि हमारे युवा तेजी से हमारी संस्कृति और पहचान के दूत के रूप में उभर रहे हैं।"

'गटर जनरेशन' वाले बयान पर पहले हुआ था विवाद

इससे पहले कंगना रनौत ने युवाओं को 'गटर जेनरेशन' कहा था। उन्होंने उन पर आक्रामक व्यवहार करने और व्यक्तिगत जवाबदेही की कमी का आरोप लगाया था। इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर उनकी जमकर आलोचना हुई थी।

बाद में उन्होंने कहा था कि प्रधानमंत्री को गाली देने वाले कुछ मुट्ठी भर लोग पूरी जेन जी पीढ़ी का प्रतिनिधित्व नहीं करते हैं। इसके बाद उन्होंने सीधे तौर पर कॉकरोच जनता पार्टी के सदस्यों पर हमला बोला था।

इस बयान के बाद दोनों पक्षों के बीच विवाद और बढ़ गया था। कॉकरोच जनता पार्टी के प्रवक्ता सौरभ दास (Saurabh Das) ने भी इस विवाद में बॉलीवुड अभिनेता ऋतिक रोशन (Hrithik Roshan) का नाम शामिल किया था।

जेन जी को लेकर क्या बोले थे मोहन भागवत?

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत ने गुरुवार को मुंबई (Mumbai) में आयोजित एक सभा को संबोधित करते हुए जेन जी को लेकर अहम टिप्पणी की थी।

उन्होंने कहा था कि लोकतंत्र में विरोध प्रदर्शन बातचीत का एक वैध तरीका है। उनके मुताबिक, "अगर जेन जी आंदोलन कर रहे हैं, तो वे राष्ट्र-विरोधी नहीं हैं। वे हमारे अपने लोग हैं, हमारी अगली पीढ़ी हैं।"

उन्होंने कहा कि अगर जेन जी विरोध कर रही है, तो उसके पीछे कुछ वजहें हैं। अगर उनकी बातें पहले ही सुन ली जातीं, तो जंतर-मंतर का आंदोलन ही नहीं होता।

'यह पीढ़ी सवाल करती है और ज्यादा देशभक्त है'

मोहन भागवत ने कहा कि जेन जी पुरानी पीढ़ी से अलग है। उनके मुताबिक, पुरानी पीढ़ी सवाल नहीं करती थी और जो बड़े कह देते थे, उसे मान लेती थी। लेकिन नई पीढ़ी सवाल करती है।

उन्होंने यह भी कहा कि जेन जी और जेन-अल्फा (Gen Alpha) पुरानी पीढ़ी की तुलना में ज्यादा ईमानदार और ज्यादा देशभक्त हैं। इसी बयान के बाद कंगना रनौत ने भी जेन जी को देश की ताकत, धरोहर और भारत की सांस्कृतिक पहचान का दूत बताया।

Aditya Kumar Verma
ABOUT THE AUTHOR

Aditya Kumar Verma

Content Writer Mail ID - adityakumarverma993@gmail.comadityakumarverma993@gmail.com

आदित्य कुमार वर्मा उत्तर प्रदेश के पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 8 वर्षों से अधिक का अनुभव प्राप्त है। उन्होंने भारतीय राजनीति, अपराध, स्वास्थ्य और मानवीय सरोकारों से जुड़ी खबरों की व्यापक रिपोर्टिंग की है। उनके पास मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (MJMC) की डिग्री है और वे रिपोर्टर, एंकर तथा सब-एडिटर जैसे महत्वपूर्ण पदों पर कार्य कर चुके हैं। साथ ही वो उत्तर प्रदेश की राजनीति, शासन-प्रशासन और नौकरशाही व्यवस्था की गहरी समझ रखते हैं। पत्रकारिता के अलावा उन्हें पुस्तकों का अध्ययन, लेखन, कविता-लेखन और पाठ और यात्राएं करना विशेष रूप से पसंद है। विभिन्न संस्कृतियों और समाजों को करीब से जानने-समझने की उनकी रुचि ने उनके दृष्टिकोण को व्यापक बनाया है, जिसका सकारात्मक प्रभाव उनकी लेखन शैली और रिपोर्टिंग में भी देखने को मिलता है।

Next Story