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ससुर के कत्ल के लिए बहू ने बनाए Plan A, B और C! कानपुर कारोबारी हत्याकांड में सनसनीखेज पर्दाफाश
Kanpur Vineet Minocha Murder Conspiracy: कानपुर के कारोबारी विनीत मिनोचा हत्याकांड में बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस के मुताबिक बहू शालू ने ससुर की हत्या के लिए Plan A, B और C तैयार किए थे। जानें पूरी साजिश और चौंकाने वाले खुलासे।
Kanpur Vineet Minocha Murder Conspiracy: उत्तर प्रदेश के कानपुर स्थित कल्याणपुर के पॉश रतन ऑर्बिट अपार्टमेंट में हुए अरबपति दवा कारोबारी विनीत मिनोचा हत्याकांड में पुलिस की तफ्तीश जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे रोंगटे खड़े कर देने वाले खौफनाक खुलासे हो रहे हैं। पुलिस कस्टडी में एनकाउंटर के बाद पकड़े गए दोनों सुपारी किलरों ने पूछताछ में जो सच कबूला है, उसने खाकी वर्दीधारी अधिकारियों के भी होश उड़ा दिए हैं। अपनी ही गृहस्थी के मुखिया और ससुर विनीत मिनोचा की हत्या के लिए बहु शालू ने कोई एक नहीं, बल्कि पूरे तीन खौफनाक मास्टरप्लान (प्लांस ए, बी और सी) तैयार किए थे।
'प्लान ए' गाड़ी से कुचलकर मारना
पुलिस की पूछताछ में मुख्य सुपारी किलर विशाल गौतम ने बताया कि बहू शालू पिछले 5 महीनों से अपने ससुर को रास्ते से हटाने की साजिश बुन रही थी। ससुर की हर बात पर रोक-टोक और रोजाना के खर्चों का हिसाब मांगने की आदत से तंग आकर शालू ने उन्हें खत्म करने की ठान ली थी। सबसे पहले 'प्लान ए' तैयार किया गया, जिसके तहत विनीत मिनोचा को सड़क पर किसी अज्ञात वाहन से कुचलवाकर एक्सीडेंट का रूप देना था। हालांकि, सुपारी किलर विशाल ने इस प्लान पर काम करने से साफ इनकार कर दिया। उसका मानना था कि तेज टक्कर मारने की कोशिश में उसकी अपनी जान भी जा सकती है और अगर वह मौके पर पकड़ा गया तो भीड़ उसे पीट-पीटकर मार डालेगी।
हार्ट अटैक का ड्रामा रचने का था 'प्लान बी'
सड़क वाला प्लान फेल होने के बाद 'प्लान बी' पर काम शुरू हुआ। इसके तहत घर के अंदर ही सोते समय मुंह पर तकिया रखकर कारोबारी का दम घोंटना था, ताकि बाद में शालू इसे साइलेंट हार्ट अटैक बताकर मामले को रफा-दफा कर सके। शनिवार रात करीब 9:36 बजे जब शालू अपने पति सुब्रत और बेटे के साथ किसी कार्यक्रम में जाने के लिए बाहर निकली, तो महज आठ मिनट बाद 9:44 बजे विशाल अपने साथी राजकिशोर के साथ डुप्लीकेट चाबी से फ्लैट का दरवाजा खोलकर अंदर दाखिल हो गया। दोनों सीधे शालू के कमरे में छिप गए और विनीत मिनोचा के घर लौटने का इंतजार करने लगे।
करीब 74 मिनट बाद विनीत घर पहुंचे, उन्होंने खाना खाया, फ्रिज से मिठाई निकाली और पानी पिया। इसी बीच शालू के कमरे का दरवाजा हल्का सा खुला होने के कारण विनीत को अंदर बिल्ली होने का शक हुआ। उन्होंने जैसे ही कमरे की लाइट जलाई, सामने दोनों अपराधियों को खड़ा पाया। अपनी पोल खुलती देख 'प्लान बी' तुरंत ध्वस्त हो गया और कातिलों ने आनन-फानन में 'प्लान सी' लागू करते हुए चाकू से ताबड़तोड़ 26 वार कर विनीत मिनोचा की नृशंस हत्या कर दी।
पकड़े जाने का कोई खौफ नहीं था
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने बताया कि उन्हें सीसीटीवी कैमरों में कैद होने का बिल्कुल डर नहीं था, क्योंकि अगर मौत को हार्ट अटैक साबित कर दिया जाता तो पुलिस जांच की नौबत ही नहीं आती। हालांकि, वारदात के बाद पुलिस ने जब गहन छानबीन शुरू की तो 8 घंटे के भीतर ही पूरी मिस्ट्री सुलझा दी गई।
जांच में सामने आया कि शालू ने पूर्व नौकर विशाल को ससुर को रास्ते से हटाने के बदले 6 लाख रुपये नकद और मोटी सैलरी पर दोबारा नौकरी का लालच दिया था। 1 मई से लेकर कत्ल वाले दिन तक दोनों के बीच 309 बार फोन और व्हाट्सएप पर बातचीत हुई थी। इतना ही नहीं, उनके मोबाइल से 49 ऐसे संदेश मिले हैं जिन्हें साक्ष्य मिटाने के इरादे से डिलीट कर दिया गया था। साइबर और डिजिटल फॉरेंसिक टीम अब इन डिलीटेड मैसेजों को रिकवर करने में जुटी है ताकि अदालत में कड़ा सबूत पेश किया जा सके।


