कर्नाटक में बदल जाएंगे CM? सिद्धारमैया की ‘सीक्रेट मीटिंग, शिवकुमार के ‘दिल्ली दरबार’ ने बढ़ाई हलचल

Karnataka Politics: उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार दिल्ली में डेरा डालकर पार्टी नेतृत्व, खासतौर पर गांधी परिवार के नेताओं से मुलाकात कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर मुख्यमंत्री सिद्दारमैया ने बेंगलुरु में अपने करीबी मंत्रियों और समर्थकों के साथ बंद कमरे में अहम बैठक की है।

Newstrack Network
Published on: 26 April 2026 12:03 PM IST
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Karnataka Politics: कर्नाटक की राजनीति में इन दिनों कांग्रेस के भीतर तेज हलचल देखने को मिल रही है। एक ओर उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार दिल्ली में डेरा डालकर पार्टी नेतृत्व, खासतौर पर गांधी परिवार के नेताओं से मुलाकात कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर मुख्यमंत्री सिद्दारमैया ने बेंगलुरु में अपने करीबी मंत्रियों और समर्थकों के साथ बंद कमरे में अहम बैठक की है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, दावणगेरे उपचुनाव को लेकर शुरू हुआ विवाद अब अंदरूनी खींचतान का कारण बन गया है।

बताया जा रहा है कि इस मुद्दे ने शिवकुमार खेमे को सिद्दारमैया समर्थकों के खिलाफ सक्रिय होने का मौका दिया है। वहीं, सिद्दारमैया गुट भी जवाबी रणनीति तैयार करने में जुटा है। हालांकि, दोनों नेताओं ने कई मौकों पर एकजुटता दिखाने की कोशिश की, जैसे संयुक्त कार्यक्रम और नाश्ते की बैठकें, लेकिन हालिया घटनाक्रम यह संकेत दे रहे हैं कि उपचुनाव के बाद नेतृत्व को लेकर बहस और तेज हो सकती है।

इसी बीच, बेंगलुरु में सिद्दारमैया ने अपने विश्वस्त मंत्रियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक में जी. परमेश्वर, के. एच. मुनियप्पा, सतीश जरकीहोली, जमीर अहमद खान और दिनेश गुंडू राव जैसे कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए। माना जा रहा है कि बैठक में संभावित कैबिनेट फेरबदल और पार्टी के भीतर बढ़ते मतभेदों पर चर्चा हुई। साथ ही यह चिंता भी जताई गई कि मुख्यमंत्री के करीबी नेताओं को निशाना बनाया जा रहा है, जिससे स्थिति और जटिल हो रही है।

दूसरी तरफ, दिल्ली में मौजूद डी.के. शिवकुमार ने कहा कि उन्हें इस बैठक की कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वे ‘करीबी’ और ‘गैर-करीबी’ नेताओं में अंतर नहीं करते। शिवकुमार ने संकेत दिए कि सरकार के तीन साल पूरे होने पर कैबिनेट में बदलाव संभव है और 20 मई से पहले कुछ अप्रत्याशित घटनाक्रम भी सामने आ सकते हैं।

इस बीच, सिद्दारमैया के बेटे और कांग्रेस एमएलसी यतींद्र सिद्दारमैया ने दावा किया कि उनके पिता पूरे पांच साल तक मुख्यमंत्री बने रहेंगे। वहीं, शिवकुमार समर्थक विधायकों का कहना है कि मौजूदा कार्यकाल में ही शिवकुमार मुख्यमंत्री बन सकते हैं। इन बयानों से दोनों खेमों के बीच बढ़ती दूरी साफ नजर आ रही है। गौरतलब है कि हाल ही में पार्टी हाईकमान पांच राज्यों के चुनावों में व्यस्त था, लेकिन अब उनका ध्यान कर्नाटक की स्थिति पर केंद्रित हो सकता है। ऐसे में आने वाले दिनों में कांग्रेस के भीतर नेतृत्व को लेकर बड़ा फैसला देखने को मिल सकता है। कर्नाटक कांग्रेस में फिलहाल एकजुटता का दिखावा जरूर किया जा रहा है, लेकिन अंदरखाने सियासी खटपट लगातार जारी है, जो भविष्य में बड़े बदलाव का संकेत दे सकती है।

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