एक राज्य का बदलेगा नाम, FCRA समेत कई अहम बिल होंगे पेश; छात्रों की पिटाई पर अमित शाह से माफी की मांग, संसद में हंगामे के आसार

संसद के मानसून सत्र में छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर हंगामे के आसार हैं। विपक्ष अमित शाह से जवाब और माफी की मांग कर रहा है। केरल नाम परिवर्तन और FCRA बिल भी एजेंडे में हैं।

Alakha Singh
Published on: 10 Aug 2026 10:31 AM IST (Updated on: 10 Aug 2026 10:35 AM IST)
एक राज्य का बदलेगा नाम, FCRA समेत कई अहम बिल होंगे पेश; छात्रों की पिटाई पर अमित शाह से माफी की मांग, संसद में हंगामे के आसार
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Parliament Monsoon Session: संसद के मानसून सत्र में सोमवार को एक बार फिर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच टकराव के आसार हैं। कांग्रेस ने छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के मुद्दे पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से संसद में जवाब और माफी की मांग तेज कर दी है। दूसरी ओर, केंद्र सरकार लोकसभा में कई महत्वपूर्ण विधेयक पेश करने की तैयारी में है। इनमें केरल का नाम बदलने से जुड़ा विधेयक, राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम संशोधन विधेयक और प्रस्तावित FCRA संशोधन विधेयक प्रमुख हैं।

छात्रों पर कार्रवाई को लेकर सरकार को घेरेगा विपक्ष

कांग्रेस छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के मुद्दे को लेकर सरकार पर दबाव बनाने की तैयारी में है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने रविवार को कहा कि छात्रों पर कार्रवाई को 13 दिन बीत चुके हैं, लेकिन केंद्रीय गृह मंत्री ने अब तक इस मामले पर संसद में कोई जवाब नहीं दिया है।

राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पोस्ट में आरोप लगाया कि छात्रों के खिलाफ लाठीचार्ज और पैलेट गन के इस्तेमाल की जवाबदेही तय होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि गृह मंत्री को संसद में इस मुद्दे पर जवाब देना होगा।

कांग्रेस का सवाल है कि छात्रों पर लाठीचार्ज, आंसू गैस और पैलेट गन के इस्तेमाल का आदेश किस स्तर से दिया गया। पार्टी की मांग है कि सरकार इस कार्रवाई की जिम्मेदारी तय करे और गृह मंत्री सदन में स्थिति स्पष्ट करें।

FCRA बिल पर कांग्रेस का जोरदार विरोध

प्रस्तावित विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक यानी FCRA Amendment Bill को लेकर भी सरकार और विपक्ष आमने-सामने हैं। कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने रविवार को केरल के अलाप्पुझा में कहा कि अगर केंद्र सरकार यह विधेयक संसद में पेश करती है तो कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल इसका पुरजोर विरोध करेंगे।

वेणुगोपाल ने आरोप लगाया कि प्रस्तावित कानून का इस्तेमाल अल्पसंख्यकों और गैर-सरकारी संगठनों को निशाना बनाने के लिए किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि विपक्ष इस विधेयक को मौजूदा स्वरूप में स्वीकार नहीं करेगा।

कांग्रेस नेता ने परिसीमन से जुड़े प्रस्ताव पर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि आबादी को नियंत्रित करने में सफल रहे राज्यों को परिसीमन के बाद राजनीतिक प्रतिनिधित्व के स्तर पर नुकसान उठाना पड़ सकता है।

केरल का बदलेगा नाम? लोकसभा में आएगा विधेयक

सरकार की ओर से सोमवार को लोकसभा में कई महत्वपूर्ण विधेयक पेश किए जाने की तैयारी है। कार्यसूची में केरल का नाम बदलने से संबंधित विधेयक भी शामिल है। इसके अलावा राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम संशोधन विधेयक भी सदन में पेश किया जा सकता है।

केरल के नाम को लेकर प्रस्तावित बदलाव पहले से ही राजनीतिक बहस का विषय रहा है। विधेयक सदन में आने के बाद इसके प्रावधानों और नाम परिवर्तन की प्रक्रिया पर सरकार और विपक्ष के बीच बहस तेज होने की संभावना है।

राज्यसभा में भी पेश होगा विधेयक

लोकसभा के साथ-साथ राज्यसभा में भी विधायी कामकाज जारी रहेगा। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण सदन में एक विधेयक पेश करेंगी। ऐसे में सोमवार को संसद के दोनों सदनों में सरकार के विधायी एजेंडे के साथ विपक्ष के विरोध की रणनीति पर भी नजर रहेगी।

सुप्रिया सुले की अगुवाई में पीएम मोदी से मिलेंगे NCP-SP सांसद

इस बीच, एनसीपी (शरद पवार) के सांसद सोमवार को पार्टी की कार्यकारी अध्यक्ष सुप्रिया सुले के नेतृत्व में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेंगे। सुप्रिया सुले के मुताबिक, बैठक में महाराष्ट्र से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।

हालांकि, FCRA विधेयक को लेकर पार्टी ने अपना रुख साफ कर दिया है। पार्टी का कहना है कि विधेयक का मौजूदा स्वरूप उसके विचारों के अनुरूप नहीं है।

'छात्रों के साथ पूरी ताकत से खड़ा हूं': राहुल गांधी

राहुल गांधी ने छात्रों की मांगों का समर्थन करते हुए कहा कि वह उनके साथ पूरी ताकत से खड़े हैं। प्रयागराज में 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम के दौरान एक छात्र से हुई बातचीत का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि यह केवल एक छात्र की समस्या नहीं, बल्कि पूरी व्यवस्था की विफलता को दर्शाती है।

ऐसे में सोमवार को संसद की कार्यवाही शुरू होने से पहले ही सियासी पारा चढ़ गया है। एक तरफ सरकार महत्वपूर्ण विधेयकों को आगे बढ़ाने की तैयारी में है, तो दूसरी तरफ विपक्ष छात्रों पर कार्रवाई, FCRA और परिसीमन जैसे मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की रणनीति पर कायम है। ऐसे में सदन में हंगामे और कार्यवाही बाधित होने की आशंका बनी हुई है।

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Alakha Singh is a journalist with having more than one decade of experience in digital media. Alakha Singh has covered Loksabha Elections 2014 and 2019 closely with the several state assembly elections. He has expertise in SEO oriented content writing on various topics and issues. At HT Digital Alakha Singh has been recognised as one of the top performer of the team for many years continuously. Earlier he worked with HT Digital for more than 8 years and 2.5 years with Amar Ujala web. In initial days of his career Alakha Singh also worked as a reporter (stringer) with NBT Gurgaon. He pursued P.G. Diploma from South Campus, University of Delhi in 2013 and MAMC from Kurukshetra University in 2014. He Belongs to District Banda of Uttar Pradesh.

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