पहले अपाहिज बनाने का प्लान…फिर हत्या! केतन मर्डर केस में 5053 पन्नों की चार्जशीट से सामने आई साजिश

Ketan Agrawal Murder Case: लोहागढ़ किले के केतन अग्रवाल मर्डर केस में पुणे पुलिस ने 5053 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की है। सिया गोयल, चेतन चौधरी और रितेश हंगे आरोपी हैं। चार्जशीट में फर्जी इंस्टाग्राम अकाउंट, पासपोर्ट फाड़ने और हत्या की साजिश के कई खुलासे हुए हैं।

Aditya Kumar Verma
Published on: 20 Sept 2026 8:56 AM IST
Ketan Agrawal Murder Case | 5053-Page Chargesheet Reveals Murder Plot | Lohagad Plan
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Image Source- Social Media

Ketan Agrawal Murder Case: लोहागढ़ किले के बहुचर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड में पुणे पुलिस ने शनिवार को वाडगांव मावल कोर्ट में 5053 पन्नों की चार्जशीट (Chargesheet) दाखिल कर दी है। पुलिस ने केतन की मंगेतर सिया गोयल, उसके प्रेमी चेतन चौधरी और उनके साथी रितेश संजय हंगे को आरोपी बनाया है। तीनों आरोपी फिलहाल जेल में बंद हैं।

पुणे ग्रामीण के एसपी संदीप सिंह गिल ने बताया कि मामले की गहन जांच के बाद सभी तकनीकी और डिजिटल साक्ष्य (Digital Evidence) जुटाए गए हैं। इन सभी साक्ष्यों को अदालत के सामने पेश करते हुए पुलिस ने चार्जशीट दाखिल की है। पुलिस की चार्जशीट में हत्या की कथित साजिश से लेकर आरोपियों की तैयारी और लोहागढ़ किले को चुनने तक की कई अहम बातें सामने आई हैं।

पहले केतन को अपाहिज बनाने का था प्लान

पुलिस के मुताबिक, शुरुआत में आरोपियों ने केतन की हत्या करने के बजाय उसे गंभीर रूप से अपाहिज (Disabled) बनाने की योजना बनाई थी। इसके लिए उन्होंने महाराष्ट्र के बाहर मौजूद कई लोगों से संपर्क भी किया था।

हालांकि, बाद में आरोपियों को डर लगा कि जिस व्यक्ति को सुपारी (Contract Killing) दी जाएगी, वह भविष्य में उन्हें ब्लैकमेल कर सकता है या फिर पुलिस के सामने पूरी सच्चाई बता सकता है। इसी डर के चलते उन्होंने इस योजना को छोड़ दिया।

पुलिस के मुताबिक, जिस व्यक्ति से सुपारी लेने के लिए संपर्क किया गया था, वह अब इस मामले में पुलिस का गवाह (Police Witness) बन गया है।

क्राइम फिल्में और मर्डर पॉडकास्ट से ली प्रेरणा

चार्जशीट में पुलिस ने आरोपियों की कथित तैयारी को लेकर भी कई जानकारी दी है। पुलिस के मुताबिक, हत्या की योजना बनाने और वारदात के बाद पुलिस से बचने के तरीके समझने के लिए आरोपियों ने कई क्राइम फिल्में (Crime Films) देखीं और मर्डर पॉडकास्ट (Murder Podcasts) सुने।

चार्जशीट के मुताबिक, आरोपियों ने मई 2025 में मेघालय में हुए चर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड (Raja Raghuvanshi Murder Case) का भी अध्ययन किया था। उस मामले में राजा रघुवंशी की पत्नी सोनम रघुवंशी पर हनीमून के दौरान पति की हत्या करवाने का आरोप लगा था।

पुलिस का दावा है कि इसी तरह के मामलों को समझने के बाद आरोपियों ने केतन की हत्या और उसके बाद पुलिस की जांच से बचने के तरीकों पर विचार किया।

लोहागढ़ किले को ही क्यों चुना गया?

केतन अग्रवाल की हत्या के लिए लोहागढ़ किले (Lohagad Fort) को चुनने के पीछे भी आरोपियों की एक कथित सोच थी। पुलिस के मुताबिक, मई के अंत में सिया गोयल और चेतन चौधरी ने लोनावला के टाइगर पॉइंट समेत कई जगहों की रेकी (Recce) की थी।

रेकी के दौरान उन्होंने देखा कि टाइगर पॉइंट पर सीसीटीवी (CCTV) कैमरे नहीं थे। इसके बावजूद उन्होंने लोहागढ़ किले को वारदात के लिए चुना।

पुलिस के मुताबिक, आरोपियों को पता था कि मार्च 2025 में नवी सांगवी की 21 साल की एक लड़की की लोहागढ़ से गिरकर मौत हो गई थी। इसी घटना को ध्यान में रखते हुए आरोपियों को लगा कि अगर केतन की मौत लोहागढ़ में होती है तो इसे सेल्फी लेते समय हुआ हादसा (Accident) बताना आसान होगा।

यही वजह बताई गई है कि कई जगहों की रेकी करने के बाद आखिरकार लोहागढ़ को कथित हत्या की साजिश के लिए चुना गया।

बाली जाना था, लेकिन सिया ने बदली पूरी प्लानिंग

केतन और सिया प्री-वेडिंग शूट (Pre-Wedding Shoot) के लिए बाली जाने वाले थे। पुलिस के मुताबिक, 4 जून को सिया ने लोहागढ़ जाने की जिद की।

इसके दो दिन बाद यानी 6 जून को खालापुर के एक कैफे के वॉशरूम में सिया ने केतन का पासपोर्ट (Passport) फाड़कर फेंक दिया। पुलिस के मुताबिक, ऐसा इसलिए किया गया ताकि दोनों बाली न जा सकें और हत्या की कथित योजना को आगे बढ़ाया जा सके। इसके बाद 14 जून को पहली कोशिश की गई।

पहली कोशिश में धक्का देने का प्लान फेल

पुलिस के मुताबिक, 14 जून को सिया और केतन लोहागढ़ गए थे। आरोप है कि वहां सिया ने केतन को धक्का देने की कोशिश की, लेकिन वह नीचे नहीं गिरा।

इसके बाद आरोपियों ने दूसरा तरीका अपनाने की कोशिश की। पुलिस के मुताबिक, सिया ने वहां सांप होने का नाटक किया ताकि केतन घबरा जाए और खाई के किनारे की तरफ चला जाए। लेकिन यह प्लान भी काम नहीं आया। केतन खाई में नहीं गिरा और आरोपियों की पहली कोशिश नाकाम हो गई।

फर्जी इंस्टाग्राम अकाउंट से रची नई साजिश

पहली कोशिश नाकाम होने के बाद आरोपियों ने कथित तौर पर हत्या की योजना में बदलाव किया। पुलिस के मुताबिक, 18 जून को रितेश हंगे की सलाह पर आरोपियों ने माही नाम से एक फर्जी इंस्टाग्राम अकाउंट (Fake Instagram Account) बनाया। इस अकाउंट से केतन को मैसेज भेजे गए। उसे यह भरोसा दिलाने की कोशिश की गई कि माही सिया की सहेली है।

इसके बाद केतन को सुझाव दिया गया कि वह सिया को सरप्राइज बर्थडे सेलिब्रेशन (Surprise Birthday Celebration) के लिए लोहागढ़ लेकर आए। पुलिस के मुताबिक, इसी तरीके से केतन को दोबारा लोहागढ़ लाने की कथित योजना बनाई गई। पुलिस का कहना है कि हत्या के बाद इस फर्जी इंस्टाग्राम अकाउंट को डिलीट कर दिया गया था।

100 से ज्यादा गवाह, 5 प्रत्यक्षदर्शी

पुणे पुलिस ने 5053 पन्नों की चार्जशीट में 100 से ज्यादा गवाहों (Witnesses) को शामिल किया है। इनमें पांच प्रत्यक्षदर्शी (Eyewitnesses) भी हैं। पुलिस ने मामले में केवल गवाहों के बयान पर ही भरोसा नहीं किया है, बल्कि डिजिटल और वैज्ञानिक साक्ष्यों (Scientific Evidence) को भी चार्जशीट का हिस्सा बनाया है।

इनमें मोबाइल डेटा (Mobile Data), व्हाट्सऐप चैट (WhatsApp Chats), कॉल डिटेल रिकॉर्ड यानी सीडीआर (CDR), तस्वीरें (Photos), लोकेशन ट्रैकिंग (Location Tracking) और दूसरे डिजिटल विश्लेषण शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक, इन सभी डिजिटल साक्ष्यों और तकनीकी जांच को वैज्ञानिक सबूत के तौर पर अदालत में पेश किया गया है।

अब अदालत में होगी आगे की सुनवाई

लोहागढ़ किले में केतन अग्रवाल की मौत के मामले में पुलिस ने अपनी जांच पूरी करने के बाद अदालत में 5053 पन्नों की चार्जशीट दाखिल कर दी है। मामले में सिया गोयल, चेतन चौधरी और रितेश संजय हंगे आरोपी बनाए गए हैं और तीनों फिलहाल जेल में हैं।

पुलिस की चार्जशीट में कथित हत्या की साजिश, सुपारी के लिए संपर्क, लोहागढ़ की रेकी, केतन का पासपोर्ट फाड़ना, पहली कोशिश में धक्का देने और सांप होने का नाटक करने से लेकर फर्जी इंस्टाग्राम अकाउंट बनाने तक की कड़ियों को जोड़ा गया है। अब इस मामले में अदालत के सामने पुलिस की ओर से पेश किए गए 5053 पन्नों के दस्तावेज, 100 से ज्यादा गवाह और डिजिटल साक्ष्य अहम होंगे।

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Aditya Kumar Verma

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आदित्य कुमार वर्मा उत्तर प्रदेश के पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 8 वर्षों से अधिक का अनुभव प्राप्त है। उन्होंने भारतीय राजनीति, अपराध, स्वास्थ्य और मानवीय सरोकारों से जुड़ी खबरों की व्यापक रिपोर्टिंग की है। उनके पास मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (MJMC) की डिग्री है और वे रिपोर्टर, एंकर तथा सब-एडिटर जैसे महत्वपूर्ण पदों पर कार्य कर चुके हैं। साथ ही वो उत्तर प्रदेश की राजनीति, शासन-प्रशासन और नौकरशाही व्यवस्था की गहरी समझ रखते हैं। पत्रकारिता के अलावा उन्हें पुस्तकों का अध्ययन, लेखन, कविता-लेखन और पाठ और यात्राएं करना विशेष रूप से पसंद है। विभिन्न संस्कृतियों और समाजों को करीब से जानने-समझने की उनकी रुचि ने उनके दृष्टिकोण को व्यापक बनाया है, जिसका सकारात्मक प्रभाव उनकी लेखन शैली और रिपोर्टिंग में भी देखने को मिलता है।

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