केतन मर्डर केस से उठने जा रहा पर्दा! 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में सिया-चेतन, नई गिरफ्तारी से बढ़ा सस्पेंस

Siya-Chetan Judicial Custody: पुणे के केतन अग्रवाल हत्याकांड में कोर्ट ने कातिल मंगेतर सिया गोयल और उसके प्रेमी चेतन को 14 दिनों केलिए न्यायिक हिरासत भेज दिया है। जानिए मर्डर के री-हियरसल और हिरासत में लिए गए नए आरोपी का पूरा सच।

Harsh Srivastava
Published on: 3 July 2026 5:27 PM IST (Updated on: 3 July 2026 5:27 PM IST)
केतन मर्डर केस से उठने जा रहा पर्दा! 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में सिया-चेतन, नई गिरफ्तारी से बढ़ा सस्पेंस
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Siya-Chetan Judicial Custody: पुणे के बेहद चर्चित और रोंगटे खड़े कर देने वाले केतन अग्रवाल हत्याकांड में हर दिन ऐसे नए और सनसनीखेज खुलासे हो रहे हैं, जिसने पूरी मायानगरी को हिलाकर रख दिया है. इस खौफनाक मर्डर केस की मुख्य सूत्रधार और केतन की कातिल मंगेतर सिया गोयल और उसके प्रेमी चेतन चौधरी को वडगांव मावल की अदालत ने बड़ा झटका देते हुए सीधे 14 दिनों की न्यायिक हिरासत यानी जेल भेज दिया है. शुक्रवार, 3 जुलाई को पुलिस कस्टडी की अवधि खत्म होने के बाद दोनों को भारी सुरक्षा के बीच जज के सामने पेश किया गया था. पुलिस ने कोर्ट से इनकी रिमांड बढ़ाने और सच उगलवाने के लिए पॉलीग्राफ टेस्ट कराने की जोरदार वकालत की थी, लेकिन अदालत ने पुलिस की रिमांड अर्जी को पूरी तरह खारिज करते हुए दोनों प्रेमियों को जेल की सलाखों के पीछे भेज दिया.

चेतन चौधरी का क्लासमेट चढ़ा पुलिस के हत्थे

इस हाई-प्रोफाइल मर्डर मिस्ट्री में उस समय एक और बेहद चौंकाने वाला मोड़ आ गया, जब जांच में जुटी पुणे ग्रामीण पुलिस ने मुख्य आरोपी चेतन चौधरी के एक कॉलेज के सहपाठी (क्लासमेट) को अपनी हिरासत में ले लिया. पुलिस को पुख्ता अंदेशा है कि इस छात्र को केतन अग्रवाल की हत्या की खौफनाक साजिश के बारे में सब कुछ पहले से मालूम था. सूत्रों के अनुसार, यह छात्र 18 जून को लोहागढ़ किले पर हुई वारदात के तुरंत बाद सिया और चेतन से एक गुप्त ठिकाने पर मिला भी था. पुलिस अब इस एंगल से कड़ाई से पूछताछ कर रही है कि कहीं यह दोस्त भी इस खूनी खेल में बराबर का हिस्सेदार तो नहीं था. अगर उसकी भूमिका सिर्फ मर्डर प्लान जानने तक सीमित थी, तो पुलिस उसे इस पूरे मामले का सबसे मुख्य और अहम गवाह बनाने की तैयारी कर रही है.

कैमरे के सामने आपा खो बैठी सिया

इस पूरे घटनाक्रम के बीच पुलिस जब कानूनी कार्रवाई के तहत आरोपी सिया गोयल को लोनावला स्थित उसके आलीशान आवास पर जांच के लिए ले जा रही थी, तब वहां एक बेहद शर्मनाक नजारा देखने को मिला. खुद को चारों तरफ से मीडिया के कैमरों और भारी भीड़ से घिरा देख सिया गोयल अचानक अपना मानसिक संतुलन खो बैठी. उसने बिना किसी पछतावे या डर के खुलेआम मीडियाकर्मियों और वहां मौजूद आम जनता की तरफ बेहद अश्लील इशारा करते हुए अपनी बीच वाली उंगली (मिडिल फिंगर) दिखा दी. सिया की यह बदतमीजी और हेकड़ी वहां मौजूद कैमरों में लाइव कैद हो गई, जिसे देखकर लोग हैरान हैं कि मंगेतर की जान लेने के बाद भी उसके चेहरे पर शिकन तक नहीं है.

कई जगहों पर हुआ था मर्डर का री-हियरसल!

पुलिस की तफ्तीश में यह बात भी सामने आई है कि सिया ने शुरुआत में केतन की मौत को एक साधारण पहाड़ी हादसा साबित करने की पूरी कोशिश की थी, लेकिन उसके बयानों के अंतर्विरोध ने उसकी पोल खोल दी. जांचकर्ताओं को शक है कि सिया और चेतन ने केतन को 400 फीट गहरी खाई में धक्का देने से पहले कई अलग-अलग सुनसान टूरिस्ट स्पॉट पर जाकर बाकायदा मर्डर का पूर्वाभ्यास यानी रिहर्सल किया था. पुलिस ने उन सभी संदिग्ध ठिकानों का दौरा कर पंचनामा तैयार कर लिया है और वारदात के दिन सिया द्वारा पहने गए कपड़ों को भी सबूत के तौर पर जब्त कर लिया है. अब पुलिस बयानों के इस बड़े अंतर को पाटने के लिए अदालत से जरूरी कानूनी मंजूरी मिलते ही दोनों का वैज्ञानिक लाई-डिटेक्टर टेस्ट कराएगी, जिसके बाद इस मर्डर के बचे हुए सारे राज भी दफन होने से बच जाएंगे.

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हर्ष श्रीवास्तव वाराणसी के रहने वाले पत्रकार और डिजिटल कंटेंट प्रोफेशनल हैं। वर्तमान में वे लखनऊ स्थित न्यूज़ट्रैक में डेस्क इंचार्ज के पद पर कार्यरत हैं। यहां वे कंटेंट प्लानिंग, एडिटोरियल कोऑर्डिनेशन, न्यूज़रूम संचालन के साथ-साथ रिसर्च आधारित एक्सप्लेनर, न्यूज़ फीचर और विश्लेषणात्मक लेख तैयार करते हैं। उनके पास मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (MJMC) की डिग्री है। उन्होंने वर्ष 2023 में पत्रकारिता की शुरुआत की और हिन्दुस्तान, टाइम्स इंटरनेट, इंडिया न्यूज़ जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है। वाराणसी, दिल्ली और लखनऊ में काम करने के दौरान उन्हें रिपोर्टिंग, कंटेंट राइटिंग और डिजिटल पत्रकारिता का अनुभव प्राप्त हुआ। हर्ष की विशेष रुचि राजनीति, चुनाव, अपराध, सार्वजनिक नीति, सुशासन और समसामयिक विषयों पर शोध-आधारित पत्रकारिता में है। वे गहन रिसर्च, फैक्ट-चेकिंग और सरल भाषा के माध्यम से जटिल विषयों को पाठकों तक सटीक, विश्वसनीय और प्रभावी ढंग से पहुंचाने का प्रयास करते हैं।

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