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Khadi India Portal 2026: अब सरकार कराएगी शॉपिंग...लॉन्च होगा नया Portal, घर बैठे मिलेंगे खादी के हजारों प्रोडक्ट
Khadi India Portal Launch 2026: KVIC जल्द लॉन्च करेगा नया Khadi India Portal, मोबाइल से होगी आसान शॉपिंग और मिलेंगे हजारों प्रोडक्ट
Khadi India Portal Launch 2026
Khadi India Portal Launch 2026: देश से लेकर विदेशों तक अपनी खास पहचान बना चुका खादी आज भी महात्मा गांधी के स्वराज और आत्मनिर्भर भारत के सपने की याद दिलाता है। कभी आजादी की लड़ाई का प्रतीक रहा खादी अब तेजी से फैशन और लाइफस्टाइल का हिस्सा बनता जा रहा है। इसी बढ़ती लोकप्रियता को देखते हुए भारत सरकार खादी को नई उड़ान देने की तैयारी में है। भारत में खादी अब सिर्फ गांवों या सरकारी दुकानों तक सीमित नहीं रहने वाली। आने वाले समय में लोग जिस तरह बड़े ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर कपड़े, घरेलू सामान और लाइफस्टाइल प्रोडक्ट खरीदते हैं, उसी तरह अब खादी उत्पादों की भी ऑनलाइन शॉपिंग कर सकेंगे। खादी और ग्रामोद्योग आयोग (KVIC) जल्द ही Khadi India Portal नाम से एक नया और आधुनिक ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म लॉन्च करने जा रहा है। खादी और ग्रामोद्योग आयोग के चेयरमैन मनोज कुमार ने इस बड़े फैसले की जानकारी देते हुए कहा कि इस पोर्टल का मकसद खादी को देश ही नहीं बल्कि दुनिया के हर ग्राहक तक पहुंचाना है। पिछले साल खादी सेक्टर में रिकॉर्ड बिक्री दर्ज की गई थी और अब सरकार इसे डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए नई ऊंचाई पर ले जाने की तैयारी में है।
मोबाइल से होगी आसान शॉपिंग
बढ़ते ऑन लाईन शॉपिंग के चलन में अब खादी भी शामिल हो गया है। नया खादी इंडिया Portal पूरी तरह मोबाइल-फर्स्ट टेक्नोलॉजी पर आधारित होगा। यानी इसे खास तौर पर मोबाइल यूजर्स को ध्यान में रखकर तैयार किया जा रहा है। आज देश में बड़ी संख्या में लोग मोबाइल के जरिए ऑनलाइन खरीदारी करते हैं और सरकार इसी ट्रेंड को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठा रही है। इस पोर्टल पर ग्राहकों को हाई रिजॉल्यूशन तस्वीरें देखने को मिलेंगी ताकि प्रोडक्ट की क्वालिटी और डिजाइन बेहतर तरीके से समझ आ सके। इसके अलावा आसान पेमेंट ऑप्शन, तेज चेकआउट सिस्टम और Shop the Look जैसे आधुनिक फीचर्स भी दिए जाएंगे।
Shop the Look फीचर के जरिए ग्राहक किसी मॉडल या डिजाइन को देखकर उससे जुड़े पूरे प्रोडक्ट सेट को एक साथ खरीद सकेंगे। माना जा रहा है कि यह फीचर युवाओं और फैशन पसंद करने वाले ग्राहकों को काफी आकर्षित करेगा।
युवाओं को जोड़ने पर फोकस
सरकार की सबसे बड़ी कोशिश अब खादी को नई पीढ़ी तक पहुंचाने की है। लंबे समय तक खादी को केवल पारंपरिक कपड़ों के रूप में देखा जाता था, लेकिन अब इसका इस्तेमाल फैशन, लाइफस्टाइल और प्रीमियम डिजाइनिंग में तेजी से बढ़ रहा है। चेयरमैन मनोज कुमार के मुताबिक नया पोर्टल खास तौर पर Gen-Z और युवा ग्राहकों को ध्यान में रखकर डिजाइन किया जा रहा है। इसका उद्देश्य केवल उत्पाद बेचना नहीं बल्कि देश से जुड़े खादी के महत्व और इसके इतिहास को दुनिया तक पहुंचाना भी है। आज कई बड़े फैशन डिजाइनर और स्टार्टअप खादी फैब्रिक का इस्तेमाल कर रहे हैं। इससे खादी की पहचान एक इको-फ्रेंडली और सस्टेनेबल फैशन ब्रांड के रूप में मजबूत हुई है।
रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची बिक्री
खादी सेक्टर पिछले कुछ वर्षों में लगातार तेजी से बढ़ा है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में खादी उत्पादों की बिक्री बढ़कर 1 लाख 87 हजार 105 करोड़ रुपये तक पहुंच गई। यह आंकड़ा साल 2013-14 में सिर्फ 31 हजार 154 करोड़ रुपये था।
यानी करीब एक दशक में खादी सेक्टर की बिक्री में कई गुना बढ़ोतरी हुई है। यही वजह है कि सरकार अब इस सेक्टर को डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए और बड़ा बाजार देना चाहती है। विशेषज्ञों का मानना है कि ई-कॉमर्स पोर्टल शुरू होने के बाद छोटे कारीगरों और ग्रामीण उद्योगों को सीधे ग्राहकों तक पहुंचने का मौका मिलेगा। इससे बिचौलियों पर निर्भरता कम हो सकती है और कारीगरों की आमदनी बढ़ने की उम्मीद है।
2026-27 में और बढ़ सकती है कमाई
सरकारी अनुमान के मुताबिक वित्त वर्ष 2026-27 में खादी उत्पादों की बिक्री 2.51 लाख करोड़ रुपये के आंकड़े को पार कर सकती है। अगर ऐसा होता है तो यह खादी सेक्टर के इतिहास का सबसे बड़ा रिकॉर्ड होगा। डिजिटल प्लेटफॉर्म लॉन्च होने के बाद देशभर के ग्राहक एक ही जगह पर खादी कपड़े, हैंडलूम प्रोडक्ट, घरेलू सामान, हर्बल प्रोडक्ट और गांवों में तैयार किए गए कई अन्य सामान खरीद सकेंगे।
मिलेंगें रोजगार के नए अवसर
यह पहल देश में और अधिक रोजगार के अवसर बनकर लोगों के लिए सौगात साबित होगी। खादी सेक्टर की बढ़ती लोकप्रियता का असर रोजगार पर भी साफ दिखाई दे रहा है। साल 2013-14 में खादी और ग्रामोद्योग गतिविधियों से करीब 1.30 करोड़ लोगों को रोजगार मिला था। वहीं 2025-26 तक यह संख्या बढ़कर 2.04 करोड़ हो गई है। यानी लाखों नए लोगों को गांवों और छोटे शहरों में रोजगार के अवसर मिले हैं। इसमें सबसे खास बात यह है कि महिलाओं और छोटे कारीगरों की भागीदारी भी तेजी से बढ़ी है। उनकी आय में बढ़ोत्तरी के साथ जीवन स्तर में सुधार लाने का बेहतरीन अवसर साबित हुआ है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर नया पोर्टल सफल रहता है तो आने वाले वर्षों में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को और ज्यादा मजबूती मिल सकती है।
प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम का बड़ा योगदान
खादी सेक्टर की ग्रोथ में प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) की भी बड़ी भूमिका रही है। वर्ष 2025-26 के दौरान इस योजना के तहत 66 हजार 494 नई इकाइयां स्थापित की गईं। इन इकाइयों के जरिए 7 लाख 31 हजार 434 लोगों को रोजगार मिला। इसके लिए सरकार ने 7 हजार 375 करोड़ रुपये के कर्ज पर 2 हजार 457 करोड़ रुपये की मार्जिन मनी सब्सिडी भी दी। सरकार का मानना है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म और सरकारी योजनाओं के मेल से खादी सेक्टर आने वाले समय में भारत की ग्रामीण अर्थव्यवस्था का बड़ा आधार बन सकता है।
क्या मिलेगा आम लोगों को फायदा?
ऑन लाईन के बढ़ते ट्रेंड में अब नया खड़ी इंडिया Portal शुरू होने के बाद लोगों को खादी उत्पाद खरीदने के लिए अलग-अलग स्टोर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। ग्राहक घर बैठे मोबाइल से सीधे ऑर्डर कर सकेंगे।
इसके अलावा ग्राहकों को ज्यादा वैरायटी, बेहतर डिजाइन, ऑनलाइन ऑफर और आसान डिलीवरी जैसी सुविधाएं भी मिल सकती हैं। वहीं दूसरी ओर ग्रामीण कारीगरों और छोटे उद्योगों को देशभर के बाजार तक सीधी पहुंच मिलने की उम्मीद है।
सरकार की यह पहल केवल ऑनलाइन शॉपिंग तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका मूल मकसद वोकल फॉर लोकल और आत्मनिर्भर भारत अभियान को भी मजबूती देना है।


