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SIR विवाद: दिल्ली महारैली से पहले किरेन रिजिजू ने कांग्रेस से पूछे 5 सवाल; राहुल गांधी को दी चुनौती
SIR विवाद पर 1 नवंबर की रामलीला मैदान रैली से पहले किरेन रिजिजू ने कांग्रेस को घेरा। राहुल गांधी और विपक्ष से पूछे पांच सवाल, चुनाव आयोग और ज्ञानेश कुमार पर भी उठाया मुद्दा।
Kiren Rijiju vs Congress: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर बीजेपी और विपक्षी INDIA गठबंधन के बीच सियासी टकराव तेज हो गया है। दिल्ली के रामलीला मैदान में 1 नवंबर को होने वाली विपक्ष की महारैली से ठीक एक दिन पहले केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने 2014 से 2024 तक कांग्रेस की चुनावी हार, चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति और SIR की वैधता को लेकर पांच सवाल दागे हैं। रिजिजू ने कांग्रेस को इन सवालों का जवाब देने की चुनौती देते हुए आरोप लगाया कि एक परिवार की पार्टी बाहरी ताकतों के साथ मिलकर संविधान और भारतीय लोकतंत्र को कमजोर करने की कोशिश कर रही है।
रिजिजू ने कांग्रेस से पूछे ये पांच सवाल
किरेन रिजिजू ने शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कांग्रेस को घेरा। उनके सवालों के केंद्र में कांग्रेस की चुनावी हार और चुनाव आयोग की निष्पक्षता को लेकर विपक्ष के आरोप रहे।
रिजिजू के पांच सवाल इस प्रकार हैं:
1. 2014 में कांग्रेस को 44 सीटें कैसे मिलीं? रिजिजू ने पूछा कि जब चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति कांग्रेस की तत्कालीन सरकार ने की थी, तब लोकसभा चुनाव में पार्टी महज 44 सीटों पर कैसे सिमट गई?
2. 2024 में कांग्रेस को लगातार तीसरी हार कैसे मिली? उन्होंने सवाल किया कि जब 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान ज्ञानेश कुमार मुख्य चुनाव आयुक्त नहीं थे, तब कांग्रेस को लगातार तीसरी लोकसभा चुनावी हार का सामना क्यों करना पड़ा?
3. कांग्रेस के मुख्यमंत्री इस्तीफा देंगे? केंद्रीय मंत्री ने पूछा कि क्या कांग्रेस के मौजूदा मुख्यमंत्री 2014 से 2026 के बीच चुनाव जीतकर सरकार बनाने के लिए इस्तीफा देंगे और माफी मांगेंगे?
4. गलत नाम मतदाता सूची से हटने चाहिए या नहीं? रिजिजू ने पूछा कि क्या अवैध प्रवासियों, मृत व्यक्तियों, दूसरी जगह जा चुके मतदाताओं और डुप्लीकेट नामों को वोटर लिस्ट से हटाया जाना चाहिए या नहीं?
5. पहले हुए SIR भी अवैध थे? उन्होंने 1952-56, 1958-61, 1965-66, 1983-84, 1987-88, 1993, 1995 और 2002-2004 के दौरान हुए मतदाता सूची पुनरीक्षण का हवाला देते हुए पूछा कि क्या ये सभी अभ्यास भी अवैध थे?
रिजिजू ने अपनी पोस्ट में लिखा कि वह कांग्रेस को इन बुनियादी सवालों का जवाब देने की चुनौती देते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि एक परिवार की पार्टी बाहरी ताकतों के साथ मिलकर संविधान और भारतीय लोकतंत्र को नष्ट करने की कोशिश कर रही है।
1 नवंबर को रामलीला मैदान में INDIA गठबंधन की महारैली, क्या हैं विपक्ष की मांगें?
रिजिजू का यह हमला ऐसे समय हुआ है, जब कांग्रेस समेत INDIA गठबंधन के तमाम विपक्षी दल 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में बड़ी रैली करने जा रहे हैं। इस रैली का नेतृत्व राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे समेत विपक्ष के वरिष्ठ नेता करेंगे। विपक्ष ने इसे 'चलो दिल्ली' मार्च का नाम दिया है।
इस प्रदर्शन के जरिए विपक्ष मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे, SIR प्रक्रिया को रद्द करने और चुनावों में बैलेट पेपर की वापसी की मांग उठाएगा।
राहुल गांधी ने शुक्रवार को सोशल मीडिया पर बताया था कि 1 नवंबर को मार्च दोपहर 12 बजे मिंटो रोड-राजीव चौक जंक्शन से शुरू होकर रामलीला मैदान पहुंचेगा। दिल्ली पुलिस ने रैली के लिए सशर्त अनुमति दी है।
ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आज 'जन महाभियोग', बारिश से बदला कार्यक्रम
रामलीला मैदान की महारैली से पहले विपक्ष ने 31 अक्टूबर को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ 'जन महाभियोग' कार्यक्रम आयोजित करने की योजना बनाई है। पहले यह कार्यक्रम 30 अक्टूबर को होना था, लेकिन दिल्ली में लगातार बारिश के कारण इसे टालकर 31 अक्टूबर के लिए निर्धारित किया गया।
विपक्ष की इस प्रतीकात्मक कार्रवाई में ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आरोपों को सार्वजनिक रूप से उठाया जा रहा है। कांग्रेस का आरोप है कि चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं और मतदाता सूची के पुनरीक्षण के नाम पर लोकतांत्रिक अधिकारों को प्रभावित किया जा रहा है।
विपक्ष की नाराजगी की एक बड़ी वजह SIR को लेकर चुनाव आयुक्तों के बीच कथित मतभेदों की खबरें भी हैं। मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया था कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में SIR से जुड़े कई फैसलों पर आपत्तियां दर्ज कराई थीं।
चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट में क्या कहा?
SIR विवाद के बीच चुनाव आयोग ने 26 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट में दाखिल हलफनामे में अपने ऊपर लगे आरोपों को खारिज किया था। आयोग ने स्पष्ट किया कि विशेष गहन पुनरीक्षण से संबंधित फैसले मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने अकेले नहीं लिए, बल्कि तीन सदस्यीय चुनाव आयोग ने सर्वसम्मति से उन्हें मंजूरी दी थी।
इस तरह SIR को लेकर एक तरफ विपक्ष चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठा रहा है, तो दूसरी तरफ आयोग अपने फैसलों को संस्थागत और सर्वसम्मत बता रहा है।
अब 1 नवंबर की रामलीला मैदान रैली इस टकराव का अगला बड़ा राजनीतिक मंच बनने जा रही है। ऐसे में रिजिजू के पांच सवालों ने महारैली से पहले ही बीजेपी और कांग्रेस के बीच सियासी मुकाबले को और तीखा कर दिया है।


