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'किसान बचाओ पदयात्रा' आज से शुरू! 228 KM पैदल चलेंगे 51 किसान, 29 अगस्त को पहुंचेगी जंतर-मंतर
Kisan Bachao Padyatra 2026: इस पदयात्रा की सबसे खास बात यह है कि इसमें ट्रैक्टर-ट्रॉलियों का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा।
Kisan Bachao Padyatra 2026
Kisan Bachao Padyatra 2026: पंजाब-हरियाणा सीमा पर स्थित दाता सिंह वाला-खनौरी बॉर्डर से आज, 16 अगस्त से ‘किसान बचाओ पदयात्रा’ की शुरुआत होने जा रही है। करीब 228 किलोमीटर लंबी यह पदयात्रा 29 अगस्त को दिल्ली के जंतर-मंतर पहुंचेगी, जहां किसान संगठनों की ओर से बड़ी किसान पंचायत आयोजित करने की तैयारी है। इस मार्च में किसानों की लंबित मांगों और केंद्र सरकार के साथ बातचीत नहीं होने के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया जाएगा।
इस पदयात्रा की सबसे खास बात यह है कि इसमें ट्रैक्टर-ट्रॉलियों का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा। किसान नेता अभिमन्यु कोहाड़ के मुताबिक 51 किसान पूरी 228 किलोमीटर की दूरी पैदल तय करेंगे। उनके साथ करीब 200 सहयोगी किसान और सपोर्ट वाहन भी रहेंगे। रास्ते में कई स्थानों पर अन्य किसान और समर्थक भी पदयात्रा से जुड़ सकते हैं।
MSP समेत कई मांगों को लेकर मार्च
किसान संगठनों की प्रमुख मांगों में फसलों के लिए MSP की कानूनी गारंटी, किसानों और खेत मजदूरों से जुड़े मुद्दों का समाधान, कर्ज से राहत, पेंशन और अन्य लंबित मांगें शामिल हैं। किसान संगठनों का आरोप है कि लंबे समय से कई मुद्दे सरकार के सामने रखे गए हैं, लेकिन इन पर प्रभावी बातचीत नहीं हो पाई है।
संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) के मुताबिक पदयात्रा हरियाणा-पंजाब सीमा से शुरू होकर नरवाना, जींद और सिंघु बॉर्डर समेत कई प्रमुख इलाकों से गुजरेगी। इसके बाद किसान दिल्ली के जंतर-मंतर पहुंचेंगे।
शांतिपूर्ण मार्च का दावा
आयोजकों ने कहा है कि पदयात्रा पूरी तरह शांतिपूर्ण और अनुशासित रहेगी। कोशिश होगी कि आम लोगों और यातायात को किसी तरह की परेशानी न हो। किसान नेताओं के अनुसार यह मार्च किसानों की मांगों को मजबूती से उठाने के साथ उन किसानों को श्रद्धांजलि देने का माध्यम भी है, जिन्होंने पिछले प्रदर्शनों के दौरान अपनी जान गंवाई।
बता दे, 29 अगस्त को जंतर-मंतर पर प्रस्तावित किसान पंचायत में आगे की रणनीति और लंबित मांगों को लेकर महत्वपूर्ण चर्चा होने की संभावना है।


