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19 मौतें, धारा 163 लागू, 7 गिरफ्तार…कोलकाता में दुर्गा पूजा पंडाल हादसे के बाद कैसे हैं हालात?
Kolkata Durga Puja Stampede: कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़ के बाद प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। इलाके में 20 अक्टूबर तक बीएनएसएस की धारा 163 लागू है और मामले में 7 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
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Kolkata Durga Puja Stampede: कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल (Chorbagan Durga Puja Pandal) में हुई भगदड़ के बाद प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया है। हादसे के बाद इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बड़ा कदम उठाया है। कोलकाता पुलिस ने चोरबागान पंडाल के आसपास के इलाके के साथ उत्तर और मध्य कोलकाता से सटे क्षेत्रों में बीएनएसएस की धारा 163 (BNSS Section 163) लागू कर दी है।
20 अक्टूबर तक लागू रहेगा प्रतिबंध
धारा 163 लागू होने के बाद कार्यक्रम स्थल के आसपास की सड़कों पर लोगों के एकत्रित होने पर रोक लगा दी गई है। यह प्रतिबंध 20 अक्टूबर तक लागू रहेगा। प्रशासन का मकसद हादसे के बाद इलाके में भीड़ को नियंत्रित करना और किसी भी तरह की दूसरी अप्रिय घटना को रोकना है।
हादसे के बाद पश्चिम बंगाल के अग्निशमन मंत्री कौशिक चौधरी ने घटनास्थल का दौरा किया। उन्होंने बताया कि स्थिति पर लगातार नजर रखने के लिए एक कंट्रोल रूम बनाया गया है। मुख्यमंत्री भी खुद हालात का जायजा ले रहे हैं।
दूसरे पंडालों की भी जांच शुरू
चोरबागान हादसे के बाद प्रशासन ने सिर्फ घटनास्थल तक ही कार्रवाई सीमित नहीं रखी है। पुलिस और अग्निशमन विभाग के अधिकारी दूसरे दुर्गा पूजा पंडालों में भी जाकर सुरक्षा व्यवस्था की जांच कर रहे हैं। अधिकारियों की कोशिश है कि दूसरे पंडालों में भीड़ के दौरान ऐसी स्थिति दोबारा पैदा न हो।
मंत्री कौशिक चौधरी के मुताबिक, हादसे को लेकर थोड़ी देर में मुख्यमंत्री एक बैठक करने वाले हैं। फिलहाल चोरबागान का घटनास्थल सील कर दिया गया है। फोरेंसिक टीम के साथ पुलिस और दमकल विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचकर हादसे से जुड़े पहलुओं की जांच कर रहे हैं।
हादसे की जांच में 7 लोग गिरफ्तार
चोरबागान भगदड़ (Chorbagan Stampede) मामले में अब तक सात लोगों को गिरफ्तार किया गया है। अधिकारियों की ओर से गिरफ्तार किए गए लोगों से पूछताछ की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि आखिर हादसा किस वजह से हुआ।
एक अधिकारी ने बताया कि चोरबागान की घटना की जांच के सिलसिले में सात लोगों को गिरफ्तार किया गया है। अधिकारियों की पूछताछ का मकसद घटना के कारणों का पता लगाना है। अधिकारी के मुताबिक, अगर जांच में किसी तरह की लापरवाही सामने आती है तो कानून के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी।
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने मामले में सख्त से सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। वहीं प्रधानमंत्री की ओर से भी हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों के लिए आर्थिक मुआवजे का ऐलान किया गया है।
19 मृतकों में 13 महिलाएं
इस दर्दनाक हादसे में कुल 19 लोगों की जान गई है। मृतकों में 13 महिलाएं शामिल हैं। हादसे में महिलाओं और बच्चों की सबसे ज्यादा मौत हुई है, जिसके बाद घटना को लेकर इलाके में शोक का माहौल है।
सरकार ने मृतकों के परिजनों के लिए 25 लाख रुपये के मुआवजे (Compensation) और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने का ऐलान किया है। इसके साथ ही हादसे में घायल लोगों के मुफ्त इलाज की व्यवस्था की गई है। घायलों के लिए पांच-पांच लाख रुपये के मुआवजे की भी घोषणा की गई है।
हादसे के बाद बढ़ी पंडालों की निगरानी
चोरबागान की घटना के बाद प्रशासन की प्राथमिकता अब दूसरे दुर्गा पूजा पंडालों में सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी करना है। पुलिस और अग्निशमन विभाग के अधिकारी अलग-अलग पंडालों में पहुंचकर वहां की व्यवस्थाओं की जांच कर रहे हैं।
फिलहाल चोरबागान पंडाल को सील कर दिया गया है और फोरेंसिक टीम, पुलिस तथा दमकल विभाग की जांच जारी है। सात लोगों की गिरफ्तारी के बाद अब पूछताछ के जरिए यह पता लगाने की कोशिश हो रही है कि भगदड़ की स्थिति कैसे बनी और क्या इसमें किसी तरह की लापरवाही सामने आती है।


