आतंकी हमले से दहला कश्मीर! कुलगाम में 2 मजदूरों पर अंधाधुंध गोलीबारी, 1 की मौत

Kulgam Terror Attack: जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले में आतंकियों ने गैर-स्थानीय मजदूरों पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी, जिसमें एक मजदूर की मौत हो गई जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल है। घटना के बाद सेना, पुलिस और CRPF ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है। अमरनाथ यात्रा के बीच हुए इस आतंकी हमले ने घाटी की सुरक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

Harsh Srivastava
Published on: 31 July 2026 9:47 PM IST
आतंकी हमले से दहला कश्मीर! कुलगाम में 2 मजदूरों पर अंधाधुंध गोलीबारी, 1 की मौत
X

Kulgam Terror Attack: जम्मू-कश्मीर के शांत माहौल में खलल डालने के लिए आतंकियों ने एक बार फिर अपनी नापाक साजिश का सहारा लिया है। शुक्रवार 31 जुलाई की शाम ढलते ही दक्षिण कश्मीर के कुलगाम जिले में दहशतगर्दों ने अचानक खूनी खेल खेला। जिले के केल्लाम इलाके में मेहनत-मजदूरी करके अपने परिवार का पेट पालने आए 2 गैर-कश्मीरी कामगारों को निशाना बनाकर अंधाधुंध गोलियां बरसा दी गईं। अचानक हुई इस गोलीबारी से पूरे क्षेत्र में भयानक दहशत फैल गई और अफरातफरी मच गई। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी हमलावर मौके का फायदा उठाकर फरार हो गए। घटना के फौरन बाद स्थानीय लोगों तथा सुरक्षा कर्मियों ने बहादुरी दिखाते हुए दोनों घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया।

अस्पताल में 1 ने तोड़ा दम, दूसरा गंभीर

अस्पताल लाते ही डॉक्टरों की विशेष टीम ने दोनों घायलों को बचाने का प्रयास शुरू कर दिया। परंतु अत्यधिक खून बह जाने के कारण 1 मजदूर ने इलाज के दौरान ही दम तोड़ दिया। वहीं दूसरे घायल मजदूर की हालत चिंताजनक बनी हुई थी। स्थिति को देखते हुए उसे बेहतर उपचार हेतु अनंतनाग स्थित सरकारी मेडिकल कॉलेज (GMC) रेफर कर दिया गया। वहां आईसीयू में डॉक्टरों द्वारा उसका इलाज जारी है। इस घटना की जानकारी मिलते ही सेना, पुलिस तथा सीआरपीएफ की संयुक्त टीमों ने पूरे कुलगाम जिले की नाकेबंदी कर दी है और हत्यारे आतंकियों को घेरकर पकड़ने के लिए व्यापक स्तर पर सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है। अब पूरे क्षेत्र में कड़ा पहरा बैठा दिया गया है।

10 दिनों में दूसरा टारगेट अटैक, सुरक्षा पर सवाल

घाटी में बाहर से आए निर्दोष मजदूरों को निशाना बनाने की यह घटना सुरक्षा व्यवस्था पर कई गंभीर प्रश्न खड़े करती है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक पिछले महज 10 दिनों के भीतर टारगेट अटैक की यह 2री बड़ी घटना सामने आई है। इससे ठीक 1 हफ्ते पहले भी अनंतनाग जिले में आतंकियों ने 1 पुलिसकर्मी को अपना शिकार बनाया था। उस घटना के बाद पुलिस ने 300 से अधिक संदिग्ध लोगों को हिरासत में ले लिया था। हालांकि इस व्यापक धरपकड़ पर मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने अपनी असहमति जताई थी। उनका मानना था कि इतने बड़े पैमाने पर आम लोगों को हिरासत में लेने से घाटी के जमीनी हालात बिगड़ने का खतरा बढ़ जाता है। इससे आम जन-जीवन प्रभावित होने का अंदेशा रहता है।

अमरनाथ यात्रा के बीच 670 कंपनियों का पहरा फिर भी चूक

यह दर्दनाक हमला ऐसे बेहद संवेदनशील वक्त पर हुआ है जब अमरनाथ जी की यात्रा चल रही है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए घाटी में अर्धसैनिक बलों की अतिरिक्त 670 कंपनियां तैनात हैं। इतनी सख्त सुरक्षा व्यवस्था और भारी बल की मौजूदगी के बावजूद आतंकवादियों द्वारा इस तरह बेखौफ होकर खूनी वारदात को अंजाम देना सुरक्षा तंत्र में बड़ी चूक को उजागर करता है। इस घटना के बाद अब पूरे क्षेत्र में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है और सुरक्षा बल लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।

Harsh Srivastava
ABOUT THE AUTHOR

Harsh Srivastava

Content Writer Mail ID - harshsri764@gmail.comharshsri764@gmail.com

हर्ष श्रीवास्तव वाराणसी के रहने वाले पत्रकार और डिजिटल कंटेंट प्रोफेशनल हैं। वर्तमान में वे लखनऊ स्थित न्यूज़ट्रैक में डेस्क इंचार्ज के पद पर कार्यरत हैं। यहां वे कंटेंट प्लानिंग, एडिटोरियल कोऑर्डिनेशन, न्यूज़रूम संचालन के साथ-साथ रिसर्च आधारित एक्सप्लेनर, न्यूज़ फीचर और विश्लेषणात्मक लेख तैयार करते हैं। उनके पास मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (MJMC) की डिग्री है। उन्होंने वर्ष 2023 में पत्रकारिता की शुरुआत की और हिन्दुस्तान, टाइम्स इंटरनेट, इंडिया न्यूज़ जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है। वाराणसी, दिल्ली और लखनऊ में काम करने के दौरान उन्हें रिपोर्टिंग, कंटेंट राइटिंग और डिजिटल पत्रकारिता का अनुभव प्राप्त हुआ। हर्ष की विशेष रुचि राजनीति, चुनाव, अपराध, सार्वजनिक नीति, सुशासन और समसामयिक विषयों पर शोध-आधारित पत्रकारिता में है। वे गहन रिसर्च, फैक्ट-चेकिंग और सरल भाषा के माध्यम से जटिल विषयों को पाठकों तक सटीक, विश्वसनीय और प्रभावी ढंग से पहुंचाने का प्रयास करते हैं।

Next Story