'VIP मूवमेंट के कारण 6 घंटे रोका गया', Ladakh Viral Video पर Gen Z पर्यटक ने तोड़ी चुप्पी, भारतीय सेना से माफी भी मांगी

Ladakh Viral Video: लद्दाख में वायरल वीडियो की 25 वर्षीय पर्यटक ने सफाई देते हुए कहा कि VIP मूवमेंट के कारण उसे 6-7 घंटे इंतजार करना पड़ा। उसने भारतीय सेना से माफी मांगते हुए कहा कि वीडियो में पूरा संदर्भ नहीं दिखाया गया।

Alakha Singh
Published on: 20 Aug 2026 10:31 PM IST (Updated on: 20 Aug 2026 10:35 PM IST)
VIP मूवमेंट के कारण 6 घंटे रोका गया, Ladakh Viral Video पर Gen Z पर्यटक ने तोड़ी चुप्पी, भारतीय सेना से माफी भी मांगी
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Ladakh Viral Video: लद्दाख में भारतीय सेना और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर दिए गए एक पर्यटक के बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद अब 25 वर्षीय महिला पर्यटक ने पूरे घटनाक्रम पर सफाई दी है। CNN-News18 से बातचीत में पर्यटक ने अपने व्यवहार को गलत मानते हुए भारतीय सेना से माफी मांगी। हालांकि, उसने दावा किया कि वायरल वीडियो में घटना का पूरा संदर्भ सामने नहीं आया।

'VIP मूवमेंट के कारण 6 घंटे रोका गया'

पर्यटक के मुताबिक, लद्दाख के एक चेकपोस्ट पर VIP मूवमेंट के चलते पर्यटकों को करीब छह से सात घंटे तक रोका गया था। लंबे इंतजार के कारण वहां मौजूद लोगों में गुस्सा बढ़ता गया।

उसने कहा कि अगर उसे पता होता कि इलाके में VIP मूवमेंट के पीछे सुरक्षा संबंधी कोई महत्वपूर्ण वजह है और क्षेत्र सीमा के नजदीक होने के कारण संवेदनशील है, तो वह स्थिति को बेहतर तरीके से समझ पाती।

पर्यटक ने कहा, “अगर VIP मूवमेंट था तो मुझे समझना चाहिए था कि हमें छह घंटे रोकने की कोई वजह होगी। मुझे नहीं पता था कि यह इलाका इतना संवेदनशील है।”

भारतीय सेना से मांगी माफी

वायरल वीडियो में अपने कथित व्यवहार पर पर्यटक ने कहा कि गुस्से में कही गई उसकी बातें गलत थीं। उसने भारतीय सेना की भूमिका को स्वीकार करते हुए कहा कि देश के लोग सुरक्षित इसलिए हैं क्योंकि सेना सीमाओं पर तैनात रहती है।

उसने कहा कि वह अपनी बातों के लिए सेना, जनता और पूरे देश से माफी मांगती है। पर्यटक ने कहा कि उसे इस बात का गहरा अफसोस है कि उसने गुस्से में इस तरह बात की।

'हमारे साथ बच्चों वाले यात्री भी थे'

पर्यटक ने दावा किया कि चेकपोस्ट पर कई लोग घंटों से इंतजार कर रहे थे। उसके मुताबिक, वहां महिलाओं और बच्चों समेत कई यात्री मौजूद थे और कुछ लोगों को वॉशरूम की सुविधा भी नहीं मिल पा रही थी।

उसने बताया कि कुछ यात्रियों को फ्लाइट पकड़नी थी, होटल बुकिंग और आगे की यात्रा को लेकर भी चिंता थी। लंबे इंतजार के कारण लोगों में तनाव बढ़ता गया और अधिकारियों के साथ बहस की स्थिति पैदा हुई।

टैक्स वाले बयान पर भी दी सफाई

वायरल वीडियो में टैक्स और सरकारी कर्मचारियों की सैलरी को लेकर कही गई बात पर भी पर्यटक ने सफाई दी। उसका कहना है कि उसकी टिप्पणी भारतीय सेना के लिए नहीं, बल्कि स्थानीय पुलिस को लेकर थी।

उसके मुताबिक, पुलिस ने गेट बंद कर रखा था और यात्री उसे खोलने की मांग कर रहे थे। इसी दौरान उसने टैक्स और सरकारी कर्मचारियों की सैलरी को लेकर टिप्पणी की।

पर्यटक ने कहा कि उसकी बात को भारतीय सेना से जोड़ना गलत है।

'वायरल वीडियो में पूरा संदर्भ नहीं दिखाया गया'

महिला पर्यटक का दावा है कि सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो घटना का केवल एक हिस्सा दिखाता है। उसके मुताबिक, जब वह वहां पहुंची तो यात्रियों और अधिकारियों के बीच पहले से बहस चल रही थी।


उसने दावा किया कि कई अन्य महिलाएं भी अपने बच्चों की तबीयत और लंबे इंतजार को लेकर शिकायत कर रही थीं, लेकिन वायरल वीडियो में उनकी बातें दिखाई नहीं गईं।

उसने कहा कि वह सबसे आगे अकेली खड़ी थी, इसलिए कैमरे में वही सबसे ज्यादा दिखाई दी और ऐसा लगा कि वह पूरे समूह का नेतृत्व कर रही थी।

'मीडिया के पीछे पड़ने से डर गई'

वायरल वीडियो के बाद हुई आलोचना और मीडिया कवरेज को लेकर पर्यटक ने दावा किया कि उसे काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। उसका आरोप है कि कुछ मीडिया कर्मी उस इमारत तक पहुंच गए जहां वह किराए पर रह रही थी और उसके घर तथा बिल्डिंग के वीडियो रिकॉर्ड किए गए।

पर्यटक के मुताबिक, उसे अपना घर छोड़ना पड़ा और फिलहाल वह एक दोस्त के यहां रह रही है।

पुलिस और साइबर पुलिस में शिकायत का दावा

पर्यटक ने बताया कि विवाद के बाद उसने पुलिस और साइबर पुलिस से संपर्क किया। उसने अधिकारियों को बताया कि उसने मौके पर गुस्से में गलत तरीके से बात की थी, लेकिन वायरल वीडियो को कथित तौर पर भ्रामक तरीके से पेश किया गया।

उसके मुताबिक, साइबर पुलिस ने उसे डरने की जरूरत नहीं होने की बात कही और कथित तौर पर भ्रामक तरीके से वीडियो प्रसारित करने वालों के खिलाफ आवेदन देने को कहा।

'Gen Z' शब्द क्यों इस्तेमाल किया?

वायरल वीडियो में खुद को 'Gen Z' कहने को लेकर भी पर्यटक ने सफाई दी। उसने कहा कि सोशल मीडिया पर लगातार 'Gen Z' शब्द देखने के कारण यह शब्द अचानक उसके मुंह से निकल गया था।

उसने कहा कि उसका किसी व्यक्ति या समूह को निशाना बनाने का इरादा नहीं था।


'Gen Z होने का मतलब यह नहीं कि किसी से भी इस तरह बात करें'

पर्यटक ने कहा कि गुस्से में बोलने से पहले लोगों को जगह और परिस्थिति का ध्यान रखना चाहिए। उसने माना कि सेना, पुलिस या किसी सरकारी अधिकारी से इस तरह बात करना उचित नहीं है।

उसने कहा कि केवल Gen Z होने का मतलब यह नहीं है कि कोई कहीं भी खड़े होकर भारतीय सेना, पुलिस या किसी सरकारी कर्मचारी से इस तरह बात कर सकता है।

'मैं बेहद शर्मिंदा हूं'

पर्यटक ने अपने व्यवहार पर पछतावा जताते हुए कहा कि वह अपनी कही बातों के लिए बेहद शर्मिंदा है। उसने भारतीय सेना के साथ-साथ जनता और पूरे देश से माफी मांगी।

हालांकि, उसने यह भी दोहराया कि वायरल वीडियो घटना का पूरा क्रम नहीं दिखाता और उसके व्यवहार के पीछे लंबे समय तक इंतजार और वहां पैदा हुई परिस्थितियों की भूमिका थी।

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Alakha Singh is a journalist with having more than one decade of experience in digital media. Alakha Singh has covered Loksabha Elections 2014 and 2019 closely with the several state assembly elections. He has expertise in SEO oriented content writing on various topics and issues. At HT Digital Alakha Singh has been recognised as one of the top performer of the team for many years continuously. Earlier he worked with HT Digital for more than 8 years and 2.5 years with Amar Ujala web. In initial days of his career Alakha Singh also worked as a reporter (stringer) with NBT Gurgaon. He pursued P.G. Diploma from South Campus, University of Delhi in 2013 and MAMC from Kurukshetra University in 2014. He Belongs to District Banda of Uttar Pradesh.

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