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Land For Job Case: आज आएगा लालू परिवार की किस्मत का फैसला! कोर्ट के फैसले पर टिकी पूरे देश की नजरें
Land For Job Case: इस मामले में पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव सहित कई आरोपियों पर ED ने कार्रवाई की है। आज दिल्ली HC में सुनवाई होनी है।
Land For Job Case
Land For Job Case: दिल्ली हाईकोर्ट में आज 22 मई 2026 को बहुचर्चित IRCTC घोटाला मामले में बड़ा फैसला होने की संभावना है। इस मामले में पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव सहित कई आरोपियों ने निचली अदालत के फैसले को चुनौती दी है। अदालत में आज शुक्रवार को याचिका पर सुनवाई होनी है, जिस पर पूरे देश की नजरें टिकी हुई हैं।
ED और CBI की जांच जारी
इस मामले में ED और केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) लगातार जांच कर रहे हैं। ED ने लालू यादव परिवार के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है, जबकि CBI ने अदालत में दावा किया है कि उनके पास मामले से संबंधित बड़े महत्वपूर्ण और ठोस सबूत मौजूद हैं। जांच एजेंसियों का कहना है कि टेंडर प्रक्रिया में गंभीर रूप से अनियमितताएं हुई थीं और इससे कुछ निजी कंपनियों को अनुचित तरीके से बड़ा लाभ पहुंचाया गया।
बता दे, पिछली सुनवाई 6 मई को हुई थी, लेकिन उस दिन अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया था। अब आज ऐसा माना जा रहा है कि आज कोर्ट इस मामले में बड़ा फैसला सुना सकती है। अगर अदालत निचली अदालत के आदेश को बरकरार रखती है, तो लालू परिवार की कानूनी मुश्किलें और बढ़ सकती हैं।
क्या है पूरा IRCTC घोटाला मामला?
यह मामला उस वक़्त का है जब लालू प्रसाद यादव केंद्र सरकार में रेल मंत्री के पद पर तैनात थे। मामले को लेकर आरोप है कि उनके कार्यकाल के दौरान IRCTC के अंतर्गत आने वाले रांची और पुरी स्थित दो BNR होटलों के संचालन और रखरखाव का टेंडर निजी कंपनियों को नियमों को अनदेखा कर दिया गया था।
जांच एजेंसियों के मुताबिक, टेंडर प्रक्रिया में किसी तरह पारदर्शिता नहीं बरती गई और इसके बदले में कथित तौर पर लालू परिवार को बड़ा फायदा पहुंचाया गया। आरोप यह भी है कि इस डील के बदले में जमीन और अन्य संपत्तियां लालू परिवार से जुड़ी कंपनियों के नाम कराई गईं। इसी कारण से इस मामले को "लैंड फॉर जॉब" और IRCTC घोटाले से जोड़कर देखा जा रहा है।
राउज एवेन्यू कोर्ट की सख्त टिप्पणी
दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने अक्टूबर 2025 में अपने आदेश में कहा था कि टेंडर प्रक्रिया में हुई कथित रूप से साजिश लालू यादव की जानकारी में रची गई थी। अदालत ने यह माना था कि प्रथम दृष्टया पर्याप्त सबूत मौजूद हैं, जिसके आधार पर लालू यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव के खिलाफ भ्रष्टाचार और आपराधिक साजिश के आरोप तय किए जा सकते हैं।
अदालत ने अपने आदेश में यह भी स्पष्ट कर दिया था कि टेंडर प्रक्रिया में हस्तक्षेप कर परिवार को आर्थिक रूप से बड़ा लाभ पहुंचाने का पूरा प्रयास किया गया। इसी आधार पर सभी आरोपियों के खिलाफ मुकदमा चलाने की अनुमति दी गई थी।
लालू परिवार ने आरोपों को बताया राजनीतिक साजिश
दूसरी तरफ, लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार ने इन सभी आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया है। उनका कहना है कि यह मामला राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित है और विपक्षी नेताओं को निशाना बनाने के उद्देश्य से जांच एजेंसियों का प्रयोग किया जा रहा है।
इस मामले को लेकर लालू परिवार का दावा है कि उनके खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं हैं और उन्हें जानबूझकर फंसाने का प्रयास किया जा रहा है। अब सब की निगाहें दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले पर टिकी हैं, जो आगे इस हाई-प्रोफाइल मामले की दिशा तय कर सकता है।


