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LPU में छात्रा से कथित रेप की खबर से यूनिवर्सिटी में बवाल, गाड़ियां फूंकीं, हाईवे पर उतरे छात्र
LPU में छात्रा से कथित दुष्कर्म की खबर के बाद छात्रों ने प्रदर्शन और तोड़फोड़ की। NH-44 जाम रहा। पुलिस ने FIR दर्ज कर SIT बनाई, जबकि LPU ने आरोपों को अफवाह बताया।
LPU Rape Case: पंजाब के फगवाड़ा स्थित Lovely Professional University (LPU) में कथित तौर पर छात्रा से दुष्कर्म की खबर सामने आने के बाद रविवार को छात्रों का आक्रोश भड़क गया। सैकड़ों छात्रों ने यूनिवर्सिटी परिसर में प्रदर्शन किया और ‘We want justice’ तथा ‘तानाशाही नहीं चलेगी’ जैसे नारे लगाए। इस दौरान परिसर में तोड़फोड़ और कुछ वाहनों में आग लगाए जाने की भी खबर है।
प्रदर्शनकारी छात्रों ने जालंधर-फगवाड़ा हाईवे यानी नेशनल हाईवे-44 (NH-44) को भी जाम कर दिया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल को यूनिवर्सिटी परिसर और आसपास के इलाकों में तैनात किया गया। रिपोर्ट लिखे जाने तक छात्रों का प्रदर्शन जारी था और हाईवे पर कई घंटे तक यातायात प्रभावित रहा।
आपको बात दें कि LPU एक प्राइवेट यूनिवर्सिटी है, जिसके मालिक BJP के राज्यसभा सांसद अशोक मित्तल हैं; वे ही इसके संस्थापक और चांसलर भी हैं। मित्तल पहले AAP के सांसद थे, लेकिन इस साल अप्रैल में वे BJP में शामिल हो गए।
हॉस्टल में दुष्कर्म की खबर से भड़का गुस्सा
प्रदर्शन कर रहे कुछ छात्रों का आरोप है कि यूनिवर्सिटी के GH-3 हॉस्टल में तीन दिन पहले एक छात्रा के साथ दुष्कर्म हुआ। छात्रों का दावा है कि पीड़िता ने यूनिवर्सिटी के कर्मचारियों से संपर्क किया था, लेकिन उसकी शिकायत पर तत्काल कार्रवाई नहीं की गई और उसे घर भेज दिया गया। प्रदर्शनकारी छात्रों ने मामले की निष्पक्ष जांच, दोषी के खिलाफ कार्रवाई और कैंपस में छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की।
कुछ छात्रों ने आरोप लगाया कि कथित घटना में यूनिवर्सिटी से जुड़े एक कर्मचारी की भूमिका है और प्रशासन मामले को दबाने की कोशिश कर रहा था।
कैंपस में तोड़फोड़ और आगजनी का आरोप
कथित दुष्कर्म की खबर फैलने के बाद प्रदर्शन उग्र हो गया। छात्रों के मुताबिक, यूनिवर्सिटी परिसर में मौजूद एक मॉल में भी तोड़फोड़ और सामान लूटे जाने की घटनाएं हुईं। कुछ वाहनों को क्षतिग्रस्त करने और आग लगाने की भी बात सामने आई है।
पास के एक पीजी में रहने वाले छात्रों ने दावा किया कि कुछ बाहरी लोग भी परिसर में घुस आए थे और कथित तौर पर आईफोन, लैपटॉप तथा अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामान लेकर गए। जिम और आसपास की कुछ इमारतों में भी तोड़फोड़ की बात कही गई है। इन दावों की भी आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।
पुलिस ने FIR दर्ज कर SIT बनाई
फगवाड़ा के पुलिस अधीक्षक मेजर सिंह ने बताया कि पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 64 के तहत अज्ञात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है। उन्होंने यह भी कहा कि शुरुआती स्तर पर मामले को लेकर स्पष्टता नहीं है और पुलिस अलग-अलग पक्षों से जानकारी जुटा रही है।
पुलिस अधिकारी के मुताबिक, प्रदर्शनकारी छात्रों से रात करीब 2 बजे से बातचीत की जा रही थी, लेकिन छात्रों के बयानों में कथित तौर पर अंतर पाया गया।
वहीं, जालंधर रेंज के DIG नवीन सिंगला ने यूनिवर्सिटी पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि छात्रों ने पुलिस को बताया है कि तीन दिन पहले GH-3 हॉस्टल में एक छात्रा के साथ दुष्कर्म हुआ और यूनिवर्सिटी प्रशासन ने कथित तौर पर कार्रवाई नहीं की।
पुलिस के मुताबिक, छात्र नेताओं के बयान दर्ज किए गए हैं और मामले की जांच के लिए स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) गठित की गई है।
LPU ने आरोपों को बताया अफवाह और झूठी खबर
दूसरी ओर, Lovely Professional University प्रशासन ने कथित दुष्कर्म की घटना से जुड़े दावों को पूरी तरह खारिज किया है। यूनिवर्सिटी ने सोशल मीडिया पर फैल रही खबरों को ‘झूठी, निराधार और मनगढ़ंत अफवाह’ बताया।
LPU की रजिस्ट्रार मोनिका गुलाटी ने कहा कि यूनिवर्सिटी को ऐसी खबरों की जानकारी मिली है, जिन्हें सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से फैलाया जा रहा है। उनके मुताबिक, इन दावों में कोई सच्चाई नहीं है और छात्रों, अभिभावकों तथा आम लोगों से अपील की गई है कि वे ऐसी अफवाहों पर भरोसा न करें और केवल यूनिवर्सिटी के आधिकारिक माध्यमों से जारी जानकारी पर विश्वास करें।
यूनिवर्सिटी ने यह भी आरोप लगाया कि भ्रामक सूचनाओं को व्यवस्थित तरीके से फैलाकर संस्थान की छवि खराब करने की कोशिश की जा रही है।
पुलिस जांच से साफ होगी घटना की सच्चाई
फिलहाल इस मामले में पुलिस ने FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और SIT का गठन किया गया है। एक तरफ छात्र कथित दुष्कर्म की जांच और कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, जबकि LPU प्रशासन घटना को लेकर वायरल दावों को पूरी तरह गलत बता रहा है। ऐसे में पुलिस जांच और दर्ज किए गए बयानों के आधार पर ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि कथित घटना में वास्तव में क्या हुआ था।


