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‘उसने अपनी मां को भी मार डाला था’: लखनऊ डबल मर्डर में प्रज्ञा मिश्रा के सनसनीखेज आरोप, बताई बहन दिव्या की हत्या की पूरी कहानी
Lucknow Double Murder-Suicide: लखनऊ के गोमतीनगर में दिव्या मिश्रा की हत्या और उसके बाद डबल मर्डर-सुसाइड मामले में बहन प्रज्ञा मिश्रा ने कई गंभीर आरोप लगाए हैं। जानिए पूरा मामला।
Lucknow Double Murder Suicide (newstrack.com)
Lucknow Double Murder-Suicide: लखनऊ के गोमतीनगर में बैंककर्मी दिव्या मिश्रा की हत्या और उसके बाद हुए डबल मर्डर-सुसाइड मामले ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। दिव्या की बहन और पत्रकार-यूट्यूबर प्रज्ञा मिश्रा ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए दिव्या के वैवाहिक जीवन, कथित प्रताड़ना और हत्या से पहले की घटनाओं को लेकर कई चौंकाने वाले दावे किए हैं। हालांकि, पुलिस ने प्रज्ञा द्वारा लगाए गए सभी आरोपों की सार्वजनिक रूप से पुष्टि नहीं की है।
‘मां को इतना पीटा कि मौत हो गई’
प्रज्ञा मिश्रा ने दावा किया कि उनकी बहन दिव्या ने उन्हें बताया था कि उसके पति मानस बाजपेयी और उसकी बहन ने अपनी बीमार मां के साथ बेहद मारपीट की थी, जिसके बाद उनकी मौत हो गई। प्रज्ञा ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि यह जानकारी उन्हें उनकी बहन ने दी थी।
उन्होंने मानस को दिव्या के प्रति कथित तौर पर हिंसक और क्रूर बताया। प्रज्ञा के मुताबिक, छोटी-छोटी बातों को लेकर दिव्या के साथ मारपीट की जाती थी। उन्होंने यह भी दावा किया कि दिव्या अपने पति से अलग रह रही थी और शादी खत्म करना चाहती थी।
प्रज्ञा के अनुसार, दिव्या अपने पति को ‘साइको’ कहती थी और फैमिली कोर्ट की काउंसलिंग के दौरान भी दोनों के बीच विवाद हुआ था।
इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है और पुलिस जांच में इन आरोपों की भूमिका स्पष्ट होनी बाकी है।
हादसे के बाद भी चलने में परेशानी थी
प्रज्ञा ने दावा किया कि हत्या से कुछ दिन पहले दिव्या एक हादसे में घायल हुई थी। उसके हाथ और पैर में फ्रैक्चर हुआ था। करीब डेढ़ से दो महीने बाद उसने दोबारा काम शुरू किया, लेकिन हत्या वाले दिन तक उसके पैर में चोट का असर था और वह लंगड़ाकर चल रही थी।
प्रज्ञा का आरोप है कि इसी दौरान मानस कथित तौर पर उसका पीछा कर रहा था। उनके मुताबिक, दिव्या ने इस बात को लेकर तनाव भी झेला था।
प्रज्ञा ने दावा किया कि बैंक जाने के दौरान भी दिव्या और मानस के बीच आमना-सामना हुआ था। उन्होंने CCTV फुटेज का हवाला देते हुए कहा कि एक फुटेज में दिव्या घर से निकलती दिखाई देती है, जबकि दूसरी रिकॉर्डिंग में वह कथित तौर पर मानस से बात करती नजर आती है।
बैंक के बाहर गोली मारने का आरोप
पुलिस के मुताबिक, मानस बाजपेयी गुरुवार दोपहर गोमतीनगर स्थित मिठाईवाला चौराहे के पास उस निजी बैंक के बाहर पहुंचा, जहां दिव्या रिलेशनशिप मैनेजर के तौर पर काम करती थी। दोनों के बीच कथित तौर पर कुछ देर बातचीत और विवाद हुआ। इसके बाद मानस ने कथित रूप से गोली मारकर दिव्या की हत्या कर दी।
प्रज्ञा ने आरोप लगाया कि मानस ऑटो रिक्शा से बैंक पहुंचा था और उसके पास रिवॉल्वर थे। उन्होंने दावा किया कि गोली चलाने के बाद उसने दिव्या के चेहरे और सिर पर हथियार के बट से भी हमला किया और फिर दोबारा गोली चलाई।
प्रज्ञा ने यह भी सवाल उठाया कि मानस के पास हथियार कहां से आए और क्या इस पूरी घटना में कोई और व्यक्ति शामिल था। पुलिस इन पहलुओं की जांच कर रही है।
हत्या के बाद घर पहुंचा और बहन को भी गोली मारी
पुलिस के अनुसार, दिव्या की हत्या के बाद मानस करीब तीन किलोमीटर दूर हुसड़िया चौराहे के पास स्थित अपने घर पहुंचा। वहां उसने कथित तौर पर अपनी 31 वर्षीय छोटी बहन शीबा को गोली मार दी। इसके बाद उसने खुद को भी गोली मार ली।
पुलिस के मुताबिक, तीनों मौतें करीब 30 मिनट के भीतर हुईं।
इस घटना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने जांच शुरू की और CCTV फुटेज समेत अन्य साक्ष्यों को खंगालना शुरू किया। हथियार की उपलब्धता, घटना का पूरा क्रम और आरोपी के संपर्कों की भी जांच की जा रही है।
‘मैं अभी तक मां को नहीं बता पाई’
बहन की हत्या के बाद प्रज्ञा मिश्रा ने अपनी मां को यह खबर देने को लेकर अपने सोशल मीडिया पोस्ट में भावनात्मक बात कही। उन्होंने बताया कि वह अपनी मां को दिव्या की मौत की सच्चाई बताने की हिम्मत नहीं जुटा पा रही थीं।
प्रज्ञा के अनुसार, उन्होंने अपनी मां से कहा कि दिव्या की हालत गंभीर है और वह आराम कर रही है। उन्होंने बताया कि वह अपनी मां के पास जाकर सो गईं।
प्रज्ञा ने यह भी कहा कि दिव्या की पोस्टमार्टम प्रक्रिया उसी दिन नहीं हो सकी और अगले दिन के लिए निर्धारित की गई थी।
क्या दिव्या को बचने की उम्मीद थी?
प्रज्ञा के मुताबिक, कथित प्रताड़ना और अलग रहने के बावजूद दिव्या को कहीं न कहीं उम्मीद थी कि उसका वैवाहिक रिश्ता बच सकता है। उन्होंने दावा किया कि दिव्या ने पति के नाम का टैटू भी नहीं हटाया था और वह तीज का व्रत रखने की तैयारी कर रही थी।
यही पहलू इस मामले को और भावनात्मक बना देता है कि एक तरफ वैवाहिक विवाद और कथित प्रताड़ना के आरोप थे, वहीं दूसरी तरफ दिव्या के मन में रिश्ते को लेकर उम्मीद बची हुई थी।
हालांकि, मानस के व्हाट्सएप स्टैटस पर चीटिंग की बात भी कही जो दिव्या पर किसी भी प्रकार का धोका करने की ओर संकेत करता है।
पुलिस जांच में इन सवालों के जवाब जरूरी:
लखनऊ के इस हाई-प्रोफाइल हत्याकांड में अब कई सवाल पुलिस जांच के केंद्र में हैं:
- मानस के पास हथियार कहां से आया?
- क्या उसके पास एक से अधिक हथियार थे?
- क्या दिव्या का पीछा किया जा रहा था?
- बैंक के बाहर की CCTV फुटेज में क्या-क्या रिकॉर्ड हुआ?
- क्या हत्या की पहले से योजना बनाई गई थी?
- क्या इस वारदात में कोई और व्यक्ति शामिल था?
- मानस और दिव्या के वैवाहिक विवाद की वास्तविक पृष्ठभूमि क्या थी?
फिलहाल पुलिस ने प्रज्ञा मिश्रा के सभी आरोपों की पुष्टि नहीं की है। इसलिए उनके सोशल मीडिया पोस्ट में किए गए दावों और पुलिस जांच में सामने आने वाले तथ्यों को अलग-अलग देखना जरूरी है।
लखनऊ की इस वारदात में दिव्या मिश्रा की हत्या, उनकी बहन शीबा की मौत और मानस बाजपेयी की आत्महत्या ने परिवार के भीतर चल रहे कथित तनाव को गंभीर सवालों के केंद्र में ला दिया है। प्रज्ञा मिश्रा के आरोपों ने मामले को नया आयाम दिया है, लेकिन अंतिम तस्वीर पुलिस की जांच, CCTV फुटेज, फोरेंसिक साक्ष्यों और अन्य सबूत सामने आने के बाद ही स्पष्ट होगी।


