UBT Shiv Sena Crisis: UBT के बागियों को अब शरद पवार चखाएंगे मजा! संजय राउत के बयान से गरमाई सियासत, सांसदों पर गिरेगी गाज

UBT Shiv Sena Crisis: महाराष्ट्र की राजनीति में महा-भूकंप! उद्धव ठाकरे की व्हिप बैठक में पहुंचे सिर्फ 3 सांसद। 6 बागियों ने ओम बिरला को सौंपी चिट्ठी, पर संजय राउत का दावा- शरद पवार ने बढ़ा दिया हौसला!

Harsh Srivastava
Published on: 18 Jun 2026 1:27 PM IST (Updated on: 18 Jun 2026 1:28 PM IST)
UBT Shiv Sena Crisis: UBT के बागियों को अब शरद पवार चखाएंगे मजा! संजय राउत के बयान से गरमाई सियासत, सांसदों पर गिरेगी गाज
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UBT Shiv Sena Crisis: महाराष्ट्र के सियासी गलियारों में चल रहा शह-मात का खेल अब अपने सबसे दिलचस्प मोड़ पर आ गया है। उद्धव ठाकरे की अगुवाई वाली शिवसेना में एक और बड़ी टूट की कहानी लगभग पूरी लिखी जा चुकी है। गुरुवार को पार्टी की तरफ से कड़ा फरमान यानी व्हिप जारी होने के बाद जो बेहद जरूरी बैठक बुलाई गई थी, उसमें कुल 9 में से महज 3 सांसद ही अपनी हाजिरी दर्ज कराने पहुंचे।

इस सन्नाटे ने मातोश्री की चिंताओं को सातवें आसमान पर पहुंचा दिया है। लेकिन इस पूरे हाई-प्रोफाइल ड्रामे में सबसे बड़ा ट्विस्ट तब आया जब 'ऑपरेशन टाइगर' के बीच सूबे के सबसे तजुर्बेकार नेता शरद पवार की एंट्री हो गई। उद्धव गुट के मुख्य रणनीतिकार संजय राउत ने दावा किया है कि खुद शरद पवार ने उन्हें फोन करके हौसला बढ़ाया है और बगावत करने वालों को जमीन पर मजा चखाने की बात कही है, हालांकि पवार की पार्टी की तरफ से इस पर अभी कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।

गायब रहने वाले सांसदों पर गिरेगी गाज

पुरानी संसद भवन में हुई इस आपातकालीन बैठक में उद्धव ठाकरे के प्रति वफादारी निभाते हुए केवल अरविंद सावंत, अनिल देसाई और राजाभाऊ वाजे ही समय पर पहुंचे। बैठक खत्म होने के बाद जब नेताओं से नदारद सांसदों के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने साफ किया कि पार्टी के नियमों को ठेंगा दिखाने वाले सभी 6 सांसदों को बहुत जल्द कड़ा कानूनी नोटिस थमाया जाएगा।

दरअसल, बुधवार को ही पार्टी ने बकायदा ईमेल, व्हाट्सऐप और घर-घर जाकर तीन लाइनों का कड़ा नोटिस भिजवाया था ताकि अगर ये नेता बगावत करें, तो इन्हें दलबदल कानून के तहत संसद से बाहर का रास्ता दिखाया जा सके। वफादार नेताओं का कहना है कि दिवंगत बालासाहेब ठाकरे हमेशा कहते थे कि जो लोग पीठ में छुरा घोंपकर पाला बदलते हैं, उनके साथ कड़ाई से पेश आना चाहिए।

पवार का फोन और रैलियों की हुंकार

बैठक के बाद पत्रकारों से बात करते हुए संजय राउत ने शरद पवार से हुई बातचीत का ब्यौरा दिया। राउत के मुताबिक, महाराष्ट्र की राजनीति के भीष्म पितामह कहे जाने वाले पवार ने साफ शब्दों में कहा है कि पार्टी से गद्दारी करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाना चाहिए। उनके खिलाफ उनके ही संसदीय क्षेत्रों में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया जाना चाहिए। राउत ने यह भी दावा किया कि पवार ने उनसे वादा किया है कि वे खुद उद्धव ठाकरे के साथ मिलकर उन बागी सांसदों के इलाकों में जाएंगे और बड़ी रैलियां करके जनता के सामने उनकी हकीकत खोलेंगे।

स्पीकर के दफ्तर में फंसा पेंच

इस बैठक से दूरी बनाने वाले सांसदों में नागेश आष्टीकर, संजय देशमुख, संजय जाधव, संजय दीना पाटिल, ओमप्रकाश राजेनिंबालकर और भाऊसाहेब वाकचौरे का नाम शामिल है। अंदरूनी सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, इन सभी 6 सांसदों ने एकनाथ शिंदे की असली शिवसेना में शामिल होने के लिए एक साझा सहमति पत्र पर अपने दस्तखत कर दिए हैं और उसे लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को सौंप भी दिया है।

हालांकि, कानूनी तौर पर यह विलय अभी पूरी तरह मुकम्मल नहीं हुआ है क्योंकि स्पीकर के दफ्तर को इस मामले की जांच और पुष्टि करने के लिए इन सभी सांसदों की व्यक्तिगत तौर पर मौजूदगी की दरकार है। माना जा रहा है कि आने वाले कुछ ही दिनों में यह प्रक्रिया भी पूरी हो जाएगी और उद्धव गुट को एक और तगड़ा झटका लग जाएगा।

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